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पुलवामा आतंकी हमलाः अति-उच्चस्तरीय बैठक में लिए गए ये निर्णय, कल फिर होगी बैठक

सीसीएस की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री अरुण जेटली, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज शामिल हुए।

पुलवामा आतंकी हमलाः अति-उच्चस्तरीय बैठक में लिए गए ये निर्णय, कल फिर होगी बैठक

सीसीएस की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री अरुण जेटली, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज शामिल हुए।

22 वर्ष बाद एमएफएन का दर्जा वापस

हमले के एक दिन बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर हुई 'कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्यॉरिटी' में पाकिस्तान को मिले इस दर्जे को 22 वर्षों बाद खत्म करने का फैसला किया गया। इस अति-उच्चस्तरीय बैठक में शामिल वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मीडिया को इसकी जानकारी दी।

पाक में उच्चायुक्त को वापस बुलाया

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान स्थित अपने उच्चायुक्त अजय बिसारिया को दिल्ली बुलाया है। सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अजय बिसारिया को जघन्य हमले के मद्देनजर चर्चा के लिए बुलाया है।

पाक उच्चायुक्त तलब

नरेंद्र मोदी की स्पष्ट चेतावनी के बाद विदेश सचिव विजय गोखले ने भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त सोहेल महमूद को तलब किया। विदेश सचिव ने पाकिस्तान से साफ कहा कि उसे जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ तत्काल और ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

पाकिस्तान ने झाड़ा पल्ला

पुलवामा में हुए आतंकी हमले पर पाक की ओर से कहा गया है कि हम बिना किसी जांच के हमले का संबंध पाकिस्‍तान से जोड़ने के भारतीय मीडिया और सरकार के किसी भी आरोप को खारिज करते हैं। पाकिस्‍तान ने कहा पुलवामा में भारतीय जवानों पर हुआ इस तरह का हमला 'गंभीर चिंता का विषय' है।

आज होगी सर्वदलीय बैठक

गृह मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को सर्वदलीय बैठक करेंगे। इस बैठक में राजनाथ सिंह पुलवामा हमले पर विपक्षी पार्टियों से विस्तार में चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि बैठक में भारत की ओर से भविष्य की कार्रवाई के बारे में सर्वसम्मति से विचार किया जा सकता है।

राहुल बोले- मेरा व विपक्ष का पूरा समर्थन

प्रधान विपक्षी दल कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार की सुबह राजधानी में आयोजित एक प्रेसवार्ता में कहा कि वह और उनकी कांग्रेस पार्टी सरकार का समर्थन करेंगे। राहुल ने कहा कि मैं इस कठिन समय में सरकार और जवानों का समर्थन करूंगा। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष भी सरकार व सेना के साथ है।

बैठक में लिए गए ये बड़े फैसले

1. पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया गया है। यानी अभी तक पाकिस्तान को भारत के साथ ट्रेड करने में जो छूट मिलती है, वह बंद हो जाएगी।

2. विदेश मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए सभी देशों से बात करेगा। दुनिया के सामने पाकिस्तान के आतंकपरस्ती चेहरे का पर्दाफाश किया जाएगा।

3. 1986 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद की परिभाषा बदलने के लिए जो प्रस्ताव भी दिया था। उसे पास करवाने के लिए पूरी कोशिश की जाएगी। इस प्रस्ताव को पास करवाने के लिए अन्य देशों पर दबाव बनाया जाएगा।

भारत ने खुद ही कराया हो हमला: हाली

पाकिस्तान रक्षा विशेषज्ञ सुल्तान हाली ने एक न्यूज चेनल की चर्चा में हिस्सा लेते हुए पहले तो जवानों की शहादत पर अफसोस जताया और फिर उन्होंने भारत के खिलाफ जहर उगलना शुरू कर दिया। हाली ने कहा कि मसूद अजहर को हम लोग पाकिस्तान में भी शक की नजर से देखते हैं और वह 6 साल भारत की कैद में रहा है, फिर एक विमान हाई जैक के बाद उसे वापस किया गया था। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि आपने उसे सिखाकर भेजा है कि वो ऐसी हरकते करे।

अमेरिका, रूस, इजरायल भारत के साथ

पुलवामा हमले की पूरी दुनिया में निंदा हो रही है। अमेरिका, रूस और इजरायल जैसे देशों ने कहा है कि वो इस मौके पर भारत के साथ हैं। उन्होंने इस घटना के बाद भारत के साथ खड़े रहने की बात भी कही है। पुलवामा आतंकी हमले पर यूएन ने भी दुख जताया है।

आतंकी मसूद को फिर चीन का साथ

पेइचिंग। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए आत्मघाती हमले की चीन ने निंदा तो की है लेकिन इस हमले में शामिल आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का साथ नहीं छोड़ा है। इस जघन्य आतंकी हमले के बाद भी पेइचिंग ने अजहर का ही साथ देते रहने का फैसला किया है और भारत की अपील का साथ देने से फिर से इनकार किया है।

जेटली-निर्मला ने की मीडिया से बात

सीसीएस की बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मीडिया को संबोधित किया। अरुण जेटली ने कहा कि विदेश मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए सभी संभावित कदम उठाएगा। बैठक में हुए सभी फैसलों को बाहर नहीं बताया जा सकता है। जिन जवानों ने शहादत दी है उन पर देश को गर्व है।

क्यों मिलता है एमएफएन स्टेटस?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के जनरल अग्रीमेंट ऐंड टैरिफ्स ऐंड ट्रेड के तहत सदस्य देशों को एक-दूसरे के साथ वस्तुओं पर कस्टम्स ड्यूटी (सीमा शुल्क) के मामले में एक समान व्यवहार करना होता है। दरअसल, एमएफएन एक आर्थिक दर्जा है जिसे दो देशों के बीच होने वाले 'मुक्त व्यापार समझौते' के तहत दिए जाने का प्रावधान है। कोई देश जिन किन्हीं देशों को यह दर्जा देता है, उस देश को उन सभी के साथ व्यापार की शर्तें एक जैसी रखनी होती हैं। जिन देशों को एमएफएन का दर्जा दिया जाता है, उन्हें व्यापार में बाकियों के मुकाबले कम शुल्क, ज्यादा व्यापारिक सहूलियतें और उच्चतम आयात कोटा की सुविधा दी जाती है।

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