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पुलवामा आतंकी हमलाः एक्शन में मोदी सरकार, एनएसए ने बुलाई आपात बैठक

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में सीआरपीएफ के चालीस से अधिक जवान शहीद हुए हैं। वहीं इस हमले की चौतरफा निंदा हो रही है। सभी राजनैतिक दलों के शीर्ष नेता एक सुर में इस बर्बर हमले की निंदा कर रहे हैं। वहीं खबर है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने आपात बैठक बुलाई है।

पुलवामा आतंकी हमलाः एक्शन में मोदी सरकार, एनएसए ने बुलाई आपात बैठक
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में सीआरपीएफ के चालीस से अधिक जवान शहीद हुए हैं। वहीं इस हमले की चौतरफा निंदा हो रही है। सभी राजनैतिक दलों के शीर्ष नेता एक सुर में इस बर्बर हमले की निंदा कर रहे हैं। वहीं खबर है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने आपात बैठक बुलाई है।
हमले के बाद हरकत में सरकार, एनएसए ने बुलाई आपात बैठक
हमले के बाद मोदी सरकार एक्शन में आ गई है। एनएसए अजित डोभाल ने आपात बैठक बुलाई है। बैठक गृह मंत्रालय में चल रही है। बैठक में ज्वाइंट सेक्रेटरी और स्पेशल सेक्रेटरी हिस्सा लेकर आगे की रणनीति बना रहे हैं वहीं गृह सचिव को भूटान से वापस बुलाया गया है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सीआरपीएफ के डीजी आरआर भटनागर से बात की है। साथ ही उन्होंने जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से भी फोन पर बात की है।
सर्जिकल स्ट्राइक, ऑपरेशन ऑल आउट, राष्ट्रपति शासन फिर भी हमले
कश्मीर घाटी के बारे में आतंकी गतिविधियों और उनके जवाब में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हाल ही में राज्यसभा में जानकारी दी थी कि उरी में सेना के कैंप पर हुए हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सीमा में दाखिल होकर सर्जिकल स्ट्राइक की की। कश्मीर घाटी में सेना का ऑपरेशन ऑल आउट अभियान जारी है। जिसके तहत पिछले तीन साल में सुरक्षा बलों ने पिछले तीन साल में 586 आतंकी मार गिराए हैं। कश्मीर की सुरक्षा को खतरा बताते हुए भाजपा ने पीडीपी से नाता तोड़ लिया। तब से घाटी में राष्ट्रपति शासन के चलते कश्मीर सीधे केंद्र के नियंत्रण है। इसके चलते सुरक्षाबलों द्वारा लगातार आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि सुरक्षाबलों को इसमें कामयाबी भी मिली है। बावजूद इसके सीमा पार से प्रायोजित आतंकी घटनाओं पर लगाम नहीं लगी।

तीन राज्यों में चुनाव के दौरान भेजा था अलर्ट
पिछले दिनों खूफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था कि देश में चुनावों के दौरान अलग-अलग राज्यों में आतंकी बड़े नेताओं को निशाना बना सकते हैं, लेकिन कराची में हुई जैश की रैली में मौलाना रऊफ ने इस बात की पुष्टि कर करने हुए कश्मीर की पहाड़ियों से आगे देश के अन्य हिस्सों को दहलाने का ऐलान किया था।
भारत, अमेरिका और ब्रिटेन की आतंकी सूची में जैश
जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान का जिहादी संगठन है जिसका मकसद कश्मीर को भारत से अलग करना है। इसकी स्थापना मौलाना मसूद अजहर ने की थी लेकिन वर्तमान में उसका भाई मौलाना रऊफ असगर जैश का मुखिया है। जैश-ए-मोहम्मद का नाम भारत में हुए कई आतंकी हमलों में आता रहा है। लेकिन साल 2002 में पाकिस्तान द्वारा जैश को प्रतिबंधित घोषित करने के बाद इसकी देश में इसकी गतिविधियों में कमी आई थी जैश-ए-मोहम्मद का नाम भारत, अमेरिका और ब्रिटेन द्वारा जारी आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल है।
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