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मोदी सरकार में स्‍वतंत्र है प्रेसः वेंकैया नायडू

नायडू ने कहा कि इस बारे में भी सोचना चाहिए कि हम पहले एक नागरिक हैं और तब पत्रकार हैं।

मोदी सरकार में स्‍वतंत्र है प्रेसः वेंकैया नायडू
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नई दिल्ली. एनडीटीवी इंडिया के खिलाफ प्रतिबंध की विपक्ष एवं मीडिया की आलोचना के बीच केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने आज कहा कि राजग सरकार प्रेस की स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन मीडिया को इसका उपयोग देश और जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए करना चाहिए। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने यह भी कहा कि समाचारों का प्रसारण या प्रकाशन करने से पहले देश और समाज के हित को ध्यान में रखना चाहिए तथा खबरों एवं विचारों का घालमेल नहीं करना चाहिए।
वेंकैया ने कहा, ‘देश में एक बड़ी चर्चा चल रही है कि प्रेस की स्वतंत्रता होनी चाहिए। यह अनिवार्य रूप से होनी चाहिए और सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन इस बारे में भी सोचना चाहिए कि हम पहले एक नागरिक हैं और तब पत्रकार हैं। मेरा यह मत है।’ केंद्रीय मंत्री ने उर्दू पत्रकारों के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमारी सरकार प्रेस की स्वतंत्रता में विश्वास करती है और चाहती है कि मीडिया ऐसी स्वतंत्रता की भावना को सही रूप में समझे ताकि इसका देश और लोगों के सर्वश्रेष्ठ हित में उपयोग किया जा सके। ’ उन्होंने कहा कि खबरें देने या प्रसारित करते हुए लोगों को समाज और राष्ट्र के हित को सबसे पहले ध्यान में रखना चाहिए। जो समाचार आप देते हैं, उससे समाज में अशांति या समूहों या धर्मो के बीच संघर्ष की स्थिति नहीं उत्पन्न होनी चाहिए । इस बारे में स्वनियमन होना चाहिए।
वेंकैया नायडू ने कहा कि पत्रकारों को यह याद रखना चाहिए कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का तभी सबसे बेहतर ढंग से उपयोग किया जा सकता है जब हम ऐसी स्वतंत्रता के मूल्य को समझते हैं । जब इस स्वतंत्रता का न्यायोचित ढंग से उपयोग नहीं किया जाता है तब हमारे कानून में इसके बारे में जरूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि पत्रकार हमेशा खबरों पर नजर लगाये रखते हैं लेकिन उन्हें इसकी पुष्टि के बाद ही समाचार प्रसारित करना चाहिए।
जनसत्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि सचाई के हमेशा करीब रहें लेकिन सनसनी से दूर रहें। लेकिन इलेक्ट्रानिक मीडिया में जो हो रहा है, वह सनसनी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा कि ऐसा कुछ नियमन होना चाहिए कि मीडिया ऐसा कुछ न कहे जो राष्ट्र विरोधी हो, देशहित के खिलाफ बातों को आगे नहीं बढ़ाये, साथ ही अश्लीलता, हिंसा को प्रोत्साहन नहीं दिश जाना चाहिए। इलेक्ट्रानिक मीडिया और सिनेमा को हिंसा, अश्लीलता जैसे आयामों से बचना चाहिए।
वेंकैया ने कहा, ‘महत्वपूर्ण चीज मीडिया की विश्वसनीयता है…जो सबसे महत्वपूर्ण है… लेकिन अब अधिकांश मीडिया की विश्वसनीयता खत्म होती जा रही है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है । हमें हमेशा विश्वसनीयता के लिए काम करना चाहिए।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खबरों और विचारों का घालमेल नहीं करना चाहिए। लेकिन अभी देश में यही हो रहा है। लोग खबरों और विचारों को मिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि सूचना की पुष्टि सर्वश्रेष्ठ हथियार है। सूचना से लोग सशक्त बनते हैं। पहले खबर दें और फिर उस पर चर्चा करें। लेकिन हो यह रहा है कि टीवी पर दोनों को मिला दिया जा रहा है और फिर दलील दी जाती है और फिर हमें बताने का प्रयास किया जाता है।
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