Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

प्रद्युम्न हत्याकांड: CBI ने आरोपी के जमानत याचिका का इस वजह से किया विरोध

CBI ने रेयान इंटरनेशनल स्कूल के 11वीं कक्षा के छात्र की जमानत याचिका का गुरूग्राम की एक अदालत में विरोध किया।

प्रद्युम्न हत्याकांड: CBI ने आरोपी के जमानत याचिका का इस वजह से किया विरोध

CBI ने रेयान इंटरनेशनल स्कूल में सात वर्षीय बच्चे की हत्या के आरोपी और स्कूल के ही 11वीं कक्षा के छात्र की जमानत याचिका का शुक्रवार को गुरूग्राम की एक अदालत में विरोध किया।

जांच एजेंसी ने कहा कि उस पर एक वयस्क के तौर पर मुकदमा चलाने के लिए किशोर न्याय बोर्ड का हालिया आदेश उसकी मानसिक परिपक्वता और उसके जघन्य अपराध को बयां करता है।

CBI ने जमानत याचिका को इस आधार पर खारिज करने की मांग की है कि बोर्ड ने आरोपी छात्र को वैधानिक जमानत से इनकार करते हुए एक बहुत ही तर्कसंगत आदेश जारी किया है।

दरअसल, बोर्ड ने 20 दिसंबर को कहा कि रेयान इंटरनेशनल स्कूल के 16 वर्षीय छात्र पर एक वयस्क की तरह मुकदमा चलाया जाए।

यह भी पढ़ेंं- तमिलनाडु: शशिकला की मुश्किलें बढ़ी, जांच कमिटी ने भेजा समन, जानें पूरा मामला

16 वर्षीय यह छात्र सात वर्षीय प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या का आरोपी है। CBI ने कहा कि जमानत के लिए दायर आरोपी की अपील न्याय के हित में खारिज की जा सकती है। अतिरिकत सत्र न्यायाधीश जसबीर सिंह कुंडु ने कहा कि वह आरोपी की अपील पर छह जनवरी को विस्तार से दलीलें सुनेंगे।

आरोपी ने उसे जमानत देने से इंकार करने के बोर्ड के आदेश के खिलाफ यह अपील दायर की है। जांच एजेंसी ने अपील पर यह दलील एक लिखित जवाब में दी, जिसके बाद अदालत ने मामले को अगली सुनवाई के लिए टाल दिया क्योंकि आरोपी के वकील ने एक स्थगन की मांग की थी।

क्या कहता है किशोर न्याय कानून

किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख और सुरक्षा) कानून, 2015 के तहत बलात्कार, हत्या, डकैती और हत्या, जैसे गंभीर अपराध जिनमें न्यूनतम सजा सात वर्ष हो के आरोपी किशोरों के लिए आयु सीमा को 18 वर्ष से घटाकर 16 वर्ष कर दिया था।

बोर्ड ने PGI रोहतक के एक मनोचिकित्सक की सदस्यता वाली एक समिति गठित की थी ताकि उसे आरोपी के संबंध में विशेषज्ञ राय मिल सके।

CBI ने पिछले महीने लिया था हिरासत में

किशोर को CBI ने पिछले महीने हिरासत में लिया था। समिति ने दो सीलबंद लिफाफों में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। CBI का दावा है कि किशोर ने इस वारदात को इसलिए अंजाम दिया कि स्कूल बंद हो जाए ताकि अभिभावक-शिक्षक मुलाकात कार्यक्रम और एक परीक्षा टल जाए।

प्रद्युम्न के पिता बरून ठाकुर की ओर से पेश होते हुए अधिवक्ता सुशील टेकरीवाल ने जमानत की अपील का विरोध करते हुए कहा कि जांच पूरी होनी अभी बाकी है।

NGO ने सुधरने का मौका देने की वकालत की

बाल अधिकार पर काम करने वाले एक गैर सरकारी संगठन (NGO) ने कहा है कि किशोर आरोपी को सुधरने के लिए एक मौका दिया जाना चाहिए। ‘सेव द चिल्ड्रेन' नाम के गैर सरकारी संगठन ने एक बयान में कहा कि अपराध के लिए किशोरों को जिम्मेदार ठहराना विवेकपूर्ण नहीं है।

वक्त आ गया है कि हम अपनी किशोर न्याय प्रणाली को मजबूती से काम करने योग्य बनाएं। इसने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत को बच्चों के अपराधीकरण के मामलों से रूबरू होना पड़ रहा है।

Next Story
Share it
Top