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''स्मॉल स्केल बिजनेस'' को बढ़ावा देने के लिए केंद्र देगा 50,000 रु. कर्ज, सितंबर से मुहिम की शुरुआत

योजना अभियान के तहत सब्जी विक्रेता, नाई, रिक्शा चालक, वाहन मरम्मत, फिटर और इलेक्ट्रिशियन को है ऋण देने की योजना

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नई दिल्ली. गरीब तबके के व्यवसायिक वर्ग के लोगों का विशेष ध्यान रखने के लिए केंद्र ने नई योजना बनाई है। इस योजना के तहत स्मॉल स्केल बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए गरीब लोगों को फाइनैंस की सुविधा दी जाएगी ताकि वे अपना बिजनेस शुरू कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुद्रा योजना के तहत मार्च तक तकरीबन 1 लाख करोड़ रुपये तक का लोन वितरित किए जाने की योजना बनाई गई है। वित्त मंत्रालय 25 सितंबर से इस मुहिम की शुरूआत करने जा रहा है।

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गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना अभियान के तहत सब्जी विक्रेता, नाई, रिक्शा चालक, वाहन मरम्मत, फिटर और इलेक्ट्रिशियन का काम करने वाली सेवा क्षेत्र की इकाइयों को 50,000 रुपये तक का ऋण देने की योजना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल में योजना का उद्घाटन किया था। उसके बाद से योजना के तहत 20 लाख लोगों को 14,000 करोड़ रुपये का ऋण दिया जा चुका है। फाइनैंस की सुविधा से वंचित छोटे व्यवसायिक वर्ग को कर्ज मुहैया कराने के लिए वित्त मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत कर्ज वितरण का एक महीने का अभियान शुरू करने की योजना बनाई है।
इस बाबत वित्तीय सेवा सचिव हसमुख अधिया का कहना है कि 'हमने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण विकास बैंकों और विदेशी बैंकों के लिए लक्ष्य तय किए हैं और हमें उम्मीद है कि पिछले साल के मुकाबले इस खंड में कर्ज वितरण दोगुना होकर चालू वित्त वर्ष में बढ़कर एक लाख करोड़ हो जाएगा। सचिव ने कहा कि करीब 12 प्रतिशत सालाना ब्याज दर के साथ इस ऋण का स्वरूप बेहद आसान बनाया गया है।
आगे जोड़ते हुए उन्होंने कहा सितंबर महीने में हम एक अभियान शुरू करने की योजना बना रहे हैं और हमें उम्मीद है कि इसी महीने 20-25 लाख नए ऋण दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत छोटे उद्यमियों को 50,000 से 10 लाख रुपये तक के ऋण दिए जाते हैं। लघु इकाई विकास एवं पुनर्वित्त एजेंसी लिमिटेड (मुद्रा) का ध्यान 5.75 करोड़ स्व-रोजगार से जुड़े लोगों पर केंद्रित है जिनमें 11 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन होता है और 12 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं।
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