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पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) ने साधा निशानाः 70 सालों में सभी अधिकारों को प्रदान करने में असफल रहीं भाजपा और कांग्रेस

पीपल्स पार्टी ऑफ़ इंडिया (डेमोक्रेटिक) ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के आतंकी हमले में शहीद हुए उन जवानों को श्रद्धांजलि दी जिन्होनें देश की सेवा में खुद को न्यौछावार किया है। पार्टी ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।

पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) ने साधा निशानाः 70 सालों में सभी अधिकारों को प्रदान करने में असफल रहीं भाजपा और कांग्रेस

पीपल्स पार्टी ऑफ़ इंडिया (डेमोक्रेटिक) ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के आतंकी हमले में शहीद हुए उन जवानों को श्रद्धांजलि दी जिन्होनें देश की सेवा में खुद को न्यौछावार किया है। पार्टी ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।

प्रेस को जारी एक बयान में पीपल्स पार्टी ऑफ़ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी डी बोरकर ने कहा कि भारत का संविधान सामाजिक, आर्थिक, राजनितिक, न्यायिक, अवसर की समानता और प्रतिष्ठा प्रदान करता है, लेकिन बहुत से राजनितिक पार्टी जैसे की कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी, जो पिछले 70सालों से देश में शासन कर रहे है, इन सभी अधिकारों को प्रदान करने में बुरी तरह असफल रही है।

उन्होंने कहा कि कृषि संकट के कारण तीस हजार से भी ज्याद किसान आत्महत्या कर चुके है, जबकि 65% जन संख्या की जीविका कृषि में निर्भर करती है, जिसे दोनों पार्टियों की सरकार ने पूरी तरह नकार दिया। पांच करोड़ से भी ज्यादा युवा नौकरी की तलाश में पंजीकृत है। भारत के स्कूलों में एक सामान शिक्षा नहीं है, इसलिए गरीब और देहात से आने वाले विद्यार्थी जीवन की शरियत में नहीं टिक पाएंगे। समाज से बहिष्कृत लोग इससे ग्रसित है। निजीकरण समाज से बहिष्कृत लोगों को अत्यधिक प्रभावित करता है।

बयान में कहा आगे कहा गया कि राज्य अपनी जिमेदारी दूसरो पर प्रत्यारोपण कर रही है और जिसके कारण उच्च शिक्षा का निजीकरण हो चुका है। बहुत से काबिल पिछड़े वर्ग के छात्र अपने आप को उच्च शिक्षा में पंजीकृत करने में असमर्थ है। दोनों पार्टियों की सरकारे कभी भी इन पर कानून और योजना बनाने पर चिंता नहीं की, जिससे की सामाजिक और आर्थिक समानता लाया जा सके, जैसा की सविंधान में प्रायोजित है। वे एक कुशल और समृद्ध राज्य स्थापित करने में बुरी तरह असफल हो गए है, जैसा की संविधान ने कल्पना की है।

बयान में आगे कहा गया है कि बाबासाहेब अम्बेडकर ने 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा में अपने भाषण में आगाह किया था कि यदि राजनितिक प्रजातंत्र, सामाजिक और आर्थिक प्रजातंत्र स्थापित करने में उपयोग नहीं होती है तो यही लोग (जो अपने सामाजिक और आर्थिक अधिकारों से वंचित हुए है) राजनितिक प्रजातंत्र की संरचना को ढहा देंगे, जिसे संविधान सभा ने बड़ी मुश्किल से निर्मित किया है। इन्ही सामाजिक, आर्थिक अधिकारों की पूर्ति और डॉ. आंबेडकर के चेतावनी के फलस्वरूप पीपल्स पार्टी ऑफ़ इंडिया (डेमोक्रेटिक) का गठन जनता को सामाजिक और आर्थिक न्याय दिलाने के लिए दिसम्बर 2017 को हुआ।

पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) ने कहा कि हम एक राजनितिक पार्टी के रूप में न्यायतंत्र समेत सभी प्रकार के सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्वा का अवसर आरक्षण के रूप में प्रदान करने का आश्वासन देते है। हम सार्वजनिक क्षेत्र को निजी क्षेत्र के ऊपर प्राथमिकता देंगे। इस देश में 50% जनसंख्या महिलाओ की है और इसीलिए हम महिलाओ को 50% आरक्षण सभी क्षेत्रों में देंगे।

यहां हाथो द्वारा सफाई की समस्या है और जो लोग इन कार्यो में लगे है उन्हें उनके मूल मानव अधिकारों से वंचित किया गया है। हमारी पार्टी यंत्रीकरण के द्वारा इसे दूर करने का आश्वासन देती है। बलात्कार की घटनाये 2007 से 88% बढ़ी है, जबकि सजा दर बहुत ही निम्न है।

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