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देश के जलाशयों में लबालब भरा पानी

पिछले एक दशक के जल स्तर का टूटा रिकॉर्ड

देश के जलाशयों में लबालब भरा पानी
नई दिल्ली. देश के आधा दर्जन से ज्यादा राज्यों में बनी बाढ़ की स्थिति से जूझ रही केंद्र व राज्य सरकारों के लिए यह भी राहत की सांस जैसी है कि देश के प्रमुख 91 जलाशयों में जल भंडारण का स्तर भी सुधार पर है। इन जलाशयों में मौजूदा जल स्तर 96.721 अरब घन मीटर है, जो पिछले एक दशक के अधिकतम जल स्तर के रिकॉर्ड को तोड़ चुका है।

केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय ने केंद्रीय जल आयोग के हवाले से जानकारी देते हुए बताया कि देश के 91 बड़े जलाशयों में उपलब्ध जल की मात्रा 96.721 बीसीएम यानि अरब घन मीटर पहुंच गई है, जो इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता की तुलना में 61 और बीते साल इस अवधि की तुलना में 109 प्रतिशत है। यही नहीं दस साल की समान अवधि में औसतन 101 प्रतिशत का आंकड़ा पार कर रिकॉर्ड स्तर पर है।

मंत्रालय के अनुसार, इन जलाशयों में पिछले साल 23 सितंबर 2015 को उच्चतम जल स्तर 95.313 बीसीएम तक पहुंचा था, जिसके बाद उसका स्तर लगातार गिरता चला गया, जो गत 30 जून न्यूनतम 23.94 अरब घन मीटर तक गिर गया था, और कम से कम आधे भारत में जल संकट व सूखे की स्थिति का सामना करना पड़ रहा था। जुलाई में मानसून की दस्तक होते ही इन जलाशयों का जल स्तर तेजी के साथ बढ़ा और जल भंडारण की स्थिति ने एक दशक का रिकार्ड कायम कर लिया।

इन 91 जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता लगभग 157.799 बीसीएम है, जो भारत की कुल भंडारण क्षमता 253.388 बीसीएम की लगभग 62 प्रतिशत ही है। देश के 91 में 37 जलाशयों से 60 मेगावाट से ज्यादा स्थापित क्षमता की पनबिजली का लाभ भी लिया गया है।

राज्यों की स्थिति
मंत्रालय के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस साल ज्यादा भंडारण वाले राज्यों में झारखंड, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना और कर्नाटक शामिल हैं। जबकि राजस्थान और मध्य प्रदेश में पिछले साल की तुलना में जल भंडारण समान रूप से ही दर्ज किया गया। इनके अलावा पिछले वर्ष की तुलना हिमाचल प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, केरल और तमिलनाडु स्थित जलाशयों में जल भंडारण कम ही दर्ज किया गया।
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