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लोकसभा चुनाव से पहले गठबंधन पर सियासी जंग, कांग्रेस का प्लान 80

कांग्रेस के यूपी प्रभारी व वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस व भाजपा की सीधी लड़ाई है। प्रदेश के अन्य दलों के साथ आने पर उन्होंने कहा कि अगर कोई दल भाजपा को हराने में सक्षम है और हमारे साथ आना चाहता है तो हम उसका स्वागत करेंगे।

लोकसभा चुनाव से पहले गठबंधन पर सियासी जंग, कांग्रेस का प्लान 80

कांग्रेस के यूपी प्रभारी व वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस व भाजपा की सीधी लड़ाई है। प्रदेश के अन्य दलों के साथ आने पर उन्होंने कहा कि अगर कोई दल भाजपा को हराने में सक्षम है और हमारे साथ आना चाहता है तो हम उसका स्वागत करेंगे। गुलाम नबी आजाद लखनऊ के कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया को सम्बोधित कर रहे थे। जिसमें उन्होंने भाजपा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर रखा।

उन्होंने कहा कि मोदी सवाल उठाते हैं कि कांग्रेस ने 70 साल में क्या किया? हम उन्हें यही कहेंगे कि कांग्रेस ने ही महात्मा गांधी व पंडित नेहरू के नेतृत्व में आजादी की लड़ाई लड़ी। छोटी-छोटी रियासतों में बंटे देश का एकीकरण किया। देश को एक धर्मनिरपेक्ष संविधान दिया और देश के हर तबके की बेहतरी के लिए काम किया जबकि भाजपा ने अपने राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए देश के सामाजिक तानेबाने को छिन्न-भिन्न कर दिया।

उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव में किया गया अपना एक भी वादा पूरा नहीं कर पाई। पांच साल में 10 करोड़ नौकरियां देने का वादा किया लेकिन नोटबंदी व जीएसटी के कारण लाखों लोग बेरोजगार हो गए। मध्यम व छोटे उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुए। काला धन लाकर लोगों को 15-15 लाख रुपये देने का वादा किया था जो कि अभी तक पूरा नहीं किया।

वहीं, ये पूछने पर कि सपा-बसपा गठबंधन ने अमेठी व रायबरेली में कोई प्रत्याशी न खड़ा करने का फैसला किया है तो क्या कांग्रेस जहां से मायावती व अखिलेश यादव चुनाव लड़ेंगे वहां अपने प्रत्याशी उतारेगी... पर आजाद ने जवाब दिया कि अभी ये ही तय नहीं है कि अखिलेश व मायावती चुनाव लड़ेंगे या नहीं। जब होगा देखा जाएगा।

भाजपा ने कई दलों को अभी दिया ट्रिपल तलाक
क्या प्रधानमंत्री मोदी से डर के कारण गठबंधन किए जा रहे हैं पर आजाद ने जवाब दिया कि इस समय भाजपा खुद करीब 42 दलों के साथ गठबंधन में है और अभी कुछ दलों को इन लोगों ने ट्रिपल तलाक दिया है। इसलिए अफवाहें फैला रहे हैं।
अखिलेश-माया को गठबंधन का हक
इधर, राहुल ने दुबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गठबंधन के सवाल को लेकर शनिवार को कहा था कि सपा-बसपा को गठबंधन का हक है, लेकिन वहां पर कांग्रेस अपनी विचारधारा की लड़ाई पूरे दम से लड़ेगी। मायावती-अखिलेश ने जो फैसला लिया, मैं उसका आदर करता हूं। ये उनका फैसला है। कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में खुद को खड़ा करना है।

गठबंधन पर दोबारा विचार होगा
सपा-बसपा गठबंधन के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने भराेसा जताया है कि उत्तरप्रदेश में हुए इस गठजोड़ पर लोकसभा चुनाव से पहले दोबारा विचार किया जाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि राज्य में उनकी पार्टी को कमतर नहीं समझा जा सकता। जरूरत पड़ने पर वह अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।
केजरीवाल नहीं लड़ेंगे लोस चुनाव
इधर, लोकसभा के पिछले चुनाव में वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुनौती देने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आगामी आम चुनाव नहीं लड़ेंगे। मगर, उनकी आम आदमी पार्टी (आप) काशी से किसी अन्य मजबूत प्रत्याशी को जरूर खड़ा करेगी। आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।
अब शिवपाल मिलाएंगे कांग्रेस से 'हाथ'
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अभी हमारी बात तो नहीं हुई है, लेकिन जितनी भी सेकुलर पार्टी हैं। जिसमें से एक कांग्रेस भी है। अगर कांग्रेस हमसे गठबंधन के लिए संपर्क करेगी तो हम बिल्कुल तैयार हैं।

अब कायदे से ‘निपटाने' में मिलेगी मदद: योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा-बसपा के गठबंधन का राज्य की राजनीति पर कोई असर नहीं होने का दावा करते हुए रविवार को कहा कि अच्छा है कि दोनों दल एक हो गए हैं। अब भाजपा को इन्हें कायदे से ‘निपटाने‘ में मदद मिलेगी। महागठबंधन का बार-बार जिक्र किये जाने के औचित्य के बारे में योगी ने कहा गठबंधन कोई चुनौती नहीं है।
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