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माउंट एवरेस्ट की फर्जी फोटो दिखाने वाले पुलिस दंपति सस्पेंड

तो वही दूसरी तरफ साथी पर्वतारोहियों ने यह कहते हुए पुणे के पुलिस कांस्टेबल दंपत्ति दावों पर कई सवाल उठाए हैं।

माउंट एवरेस्ट की फर्जी फोटो दिखाने वाले पुलिस दंपति सस्पेंड
नई दिल्ली. पुणे के रहने वाले पुलिस दंपति दिनेश और तारकेश्वरी राठौड़ को आखिरकार पुलिस कमिश्नर रश्मि शुक्ला ने एवरेस्ट पर चढ़ाई का फर्जी दावा करने पर सस्पेंड कर दिया है। फोटो से छेड़छाड़ कर माउंट एवरेस्ट फतह करने का दावा करने वाले एक भारतीय दंपति पर नेपाल ने दस वर्ष तक अपने देश के किसी भी पहाड़ पर चढ़ने से प्रतिबंधित कर दिया है। 23 मई को दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी एवरेस्ट पर चढ़ने में सफल रहे थे।

तो वही दूसरी तरफ साथी पर्वतारोहियों ने यह कहते हुए पुणे के पुलिस कांस्टेबल दंपत्ति दावों पर सवाल उठाया था कि पर्वत चोटी की उनकी जो तस्वीर है, उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। भारतीय दंपत्ति के दावों को पहले अपनी मंजूरी देने वाले नेपाल के पर्यटन मंत्रालय ने बाद जांच की और फोटो फर्जी पाया। नेपाल के पर्यटन विभाग के प्रमुख सुदर्शन प्रसाद ढकाल ने कहा, हमारी जांच में पाया गया कि दंपती ने शिखर की फर्जी तस्वीर प्रस्तुत की। हम लोगों ने प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया है और उन पर नेपाल के किसी पहाड़ पर चढ़ने से दस वर्ष के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।

पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) अरविंद चावड़िया ने गुरुवार को कहा, "हमें दंपति के पर्वतारोहण के दावे के बारे में नेपाल सरकार से कोई आधिकारिक पत्र अब तक नहीं मिला है। हालांकि, पुलिस द्वारा गठित तथ्यान्वेषी समिति द्वारा की गई जांच के आधार पर यह पाया गया कि दावे गुमराह करने वाले और फर्जी हैं और इस बात की पुष्टि की गई कि उन्होंने आरोहण के बारे में फर्जीवाड़ा किया था।

पुलिस के अनुसार उनके निलंबन का एक अन्य कारण यह भी है कि विवाद पैदा होने के बाद से दंपति ने कार्यालय में रिपोर्ट नहीं किया और उनका पता नहीं लग पाया। अधिकारी ने बताया कि नेपाल में गत पांच जून को संवाददाता सम्मेलन में पर्वतारोहण के बारे में गुमराह करने वाली सूचना को साझा करने के अलावा वे विवाद के पैदा होने के बाद से ड्यूटी से गायब रहे।


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