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PoK में आतंकी कैंपों से परेशान हैं स्थानीय लोग, किया प्रदर्शन

पाक अधिकृत कश्मीर में स्थानीय निवासियों ने ''आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों'' की पुष्टि की है।

PoK में आतंकी कैंपों से परेशान हैं स्थानीय लोग, किया प्रदर्शन
मुज्जफराबाद. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन करते हुए इस बात की पुष्टि की है कि, पीओके में सैकड़ों आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप बने हुए हैं। लोगों ने आतंकी शिविरों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए 'दहशतगर्दी बन्द करने' के नारे लगाएं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पीओके में दहशतगर्दों ने उनके जीवन को नरक बना रखा है।
पाक अधिकृत कश्मीर में स्थानीय निवासियों ने पीओके में 'आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों' की पुष्टि की है। पीओके में रहने वाले लोगों के अनुसार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने असामाजिक तत्वों से लोगों के जीवन को नरक बना रखा है। यहां करीब सैकड़ों आतंकी ट्रेनिंग कैंप बने हुए हैं, जिन्हें भारत के खिलाफ युद्ध के लिए तैयार किया जा रहा है। पीओके में लोगों ने आतंकियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारे भी लगाए हैं। प्रदर्शन में लोगों ने 'दहशतगर्दी बन्द करों' और 'तानाशाही नहीं चलेगी' जैसे नारे लगाएं हैं।
पीओके के मुजफ्फराबाद, कोटली, चिनारी, मीरपुर, गिलगित और नीलम घाटी के अलग अलग इलाकों के निवासियों का कहना है कि, यहां आतंकी प्रशिक्षण शिविर चले जा रहे हैं जिन्होंने उनके जीवन को नरक बना दिया गया है। ये आतंकी गांवों में लोगों से लूट-पाट करते हैं और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की जाती हैं। यह सब पाक सरकार और आईएसआई के इशारों पर हो रहा है।
ABP की रिपोर्ट के मुताबिक लोगों का कहना है कि, आईएसआई द्वारा इन क्षेत्रों इस्तेमाल भारत के खिलाफ युद्ध करने के लिए किया जा रहा है। स्थानीय लोगों और इस क्षेत्र के नेताओं ने बताया कि, नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास स्थित आतंकी समूहों द्वारा यहां जबरन वसूली की वारदातें आम बात हैं, जबरन वसूली से यहां के लोगों को उत्पीड़न किया जाता है।
गुरूवार सुबह यहां कई स्थानों पर लोगों ने प्रदर्शन करते हुए कार्रवाई करने को कहा है। कुछ क्षेत्रीय नेताओं ने कहा कि, "प्रबंधन तालिबान के आतंकी शिविरों को समाप्त नहीं करता है। हम यहां से वापस नहीं जाएंगे। लोगों ने कई जगहों पर 'नो गो बैक' के नारे लगाएं। पीओके के निवासियों ने पुष्टि करते हुए बताया कि, इस क्षेत्र में भारत के खिलाफ पाकिस्तान के युद्ध के लिए आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि वह आतंकी समूहों से अधिक नफरत करते हैं। हमारे दिलों में उनके लिए कोई सहनुभूति नहीं है।
आरिफ शाहिद ने पाक अधिकृत कश्मीर में आईएसआई और आतंकियों के बीच गठजोड़ का खुलासा किया था। हालांकि आरिफ ने इसमें अपनी जान गंवा दी थी। शाहिद ने पाक अधिकृत कश्मीर में पाक सरकार और आईएसआई के खिलाफ पीओके के लोगों के उत्पीड़न का मुदा उठाया था और आईएसआई की पोल खोल कर रख दी थी। बता दें कि 14 मई 2013 को 62 वर्षीय शाहिद की उनके घर के बाहर गोली मरकर ह्त्या कर दी गई थी।
शाहिद ने बताया था कि, "पाकिस्तान सरकार और आईएसआई द्वारा यहां के गरीब लोगों का शोषण किया जा रहा है। वहीं पाक भारत के खिलाफ जिहाद छेड़ने के लिए आतंकियों को तैयार कर रहा है और इसमें केवल पाकिस्तानी सेना रुचि रखती है। गौरतलब है कि शाहिद की हत्या की जांच अभी भी अधूरी है और आईएसआई को शाहिद की हत्या की साजिश रचने के लिए दोषी ठहराया गया है।
वीडियो में देखें आंतक के खिलाफ पीओके के लोगों का प्रदर्शन-
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