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#ModiInChina इन तीन मुद्दों पर ‘खुले दिल से'' होगी पीएम मोदी और शी जिनपिंग की अनौपचारिक बातचीत

पीएम मोदी और शी जिनपिंग की इस वार्ता को भारत और चीन के बीच संबंध सुधारने और फिर से विश्वास बनाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले साल डोकलाम समेत कई मुद्दों पर दोनों के संबंधों में खटास आ गई थी।

#ModiInChina इन तीन मुद्दों पर ‘खुले दिल से होगी पीएम मोदी और शी जिनपिंग की अनौपचारिक बातचीत
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग वुहान में होने वाली दो दिवसीय अनोखी शिखर वार्ता का दौर शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। गौरतलब है कि चीन के क्रांतिकारी नेता माओ त्से तुंग छुट्टियों में अकसर वुहान और यहां स्थित ईस्ट लेक आना पसंद करते थे। राष्ट्रपति शी के साथ होने वाली अनौपचारिक वार्ता के लिए प्रधानमंत्री मोदी आज सुबह यहां पहुंचे। अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान दोनों नेता वैश्विक, क्षेत्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर एक - दूसरे से सीधी बातचीत करेंगे।

मोदी और शी की मुलाकात

हुबेई प्रोविंशियल म्यूजियम में दोपहर का भोजन करने के बाद दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत का सिलसिला शुरू होगा। इस म्यूजियम में बड़ी संख्या में राष्ट्रीय और सांस्कृतिक पुरावशेष मौजूद हैं।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक सीधी बातचीत का दौर खत्म होने के बाद दोनों नेताओं के बीच होने वाली बैठक में दोनों पक्षों के छह - छह शीर्ष अधिकारी मौजूद होंगे। इसके बाद दोनों नेता प्रसिद्ध ईस्ट लेक में आमने - सामने बैठ कर रात का भोजन करेंगे।

मोदी और शी एक साथ करेंगे लंच

सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच इसके बाद की बातचीत कल सुबह 10 बजे (स्थानीय समयानुसार) झील के किनारे टहलते और नौकायन करते हुए शुरू होगी। फिर दोपहर के भोजन के साथ उनकी बातचीत का सिलसिला थमेगा।

दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक मुलाकात 2014 में शुरू हुई थी जब मोदी ने गुजरात के साबरमती आश्रम में शी की मेजबानी की थी। उसके बाद से दोनों ने कई अंतरराष्ट्रीय बैठकों के दौरान एक - दूसरे से मुलाकात और बातचीत की। लेकिन यह वार्ता दोनों की ‘खुले दिल से' होने वाली अनौपचारिक मुलाकात होगी।

भारत चीन के संबंध

  • अधिकारियों के मुताबिक इस वार्ता में किसी तरह का समझौता होने की घोषणा करने की बजाए मुद्दों को सुलझाने के लिए सहमति बनाने और अधिकारियों द्वारा उसपर आगे की कार्यवाही करने पर जोर दिया जाएगा।
  • उन्होंने कहा कि यह इस तरह की बातचीत होगी जिसका प्रयास दोनों देश के नेताओं ने इससे पहले कभी नहीं किया था। अनौपचारिक वार्ता के ब्यौरे फिलहाल सामने नहीं आए हैं।
  • इस वार्ता को दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने और फिर से विश्वास बनाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले साल डोकलाम समेत कई मुद्दों पर दोनों के संबंधों में खटास आ गई थी।

इनपुट भाषा

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