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विकास हो रहा है या नहीं, इसकी रिपोर्ट सीधे आप लोगों से मिलती है: पीएम मोदी

जिस मणिपुर को, जिस नॉर्थ ईस्ट को नेताजी ने भारत की आज़ादी का गेटवे बताया था, उसको अब New India की विकास गाथा का द्वार बनाने में हम जुटे हुए हैं। जहां से देश को आज़ादी की रोशनी दिखी थी, वहीं से नए भारत की सशक्त तस्वीर आप सभी की आंखों में स्पष्ट दिखाई दे रही है।

विकास हो रहा है या नहीं, इसकी रिपोर्ट सीधे आप लोगों से मिलती है: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर में 1500 करोड़ रुपए की लागत वाली, 12 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी। नरेंद्र मोदी ने इम्फाल मणिपुर में 400kV डबल सर्किट सिल्चर-इम्फाल लाइन का उद्घाटन किया। यहां पर उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि-
जिस मणिपुर को, जिस नॉर्थ ईस्ट को नेताजी ने भारत की आज़ादी का गेटवे बताया था, उसको अब New India की विकास गाथा का द्वार बनाने में हम जुटे हुए हैं। जहां से देश को आज़ादी की रोशनी दिखी थी, वहीं से नए भारत की सशक्त तस्वीर आप सभी की आंखों में स्पष्ट दिखाई दे रही है।
मैं खुद बीते साढ़े चार साल में करीब 30 बार नॉर्थ ईस्ट आ चुका हूं। आपसे मिलता हूं, बातें करता हूं तो एक अलग ही सुख मिलता है, अनुभव मिलता है। मुझे अफसर से रिपोर्ट नहीं मांगनी पड़ती, सीधे आप लोगों से मिलती है। ये फर्क है पहले और आज में। उन्होंने कहा कि हमारे निरंतर प्रयासों की वजह से अलगाव को हमने लगाव में बदल दिया है।
आज इन्हीं कोशिशों की वजह से पूरा नॉर्थ ईस्ट परिवर्तन के एक बड़े दौर से गुजर रहा है। तीस-चालीस साल से अटके हुए प्रोजेक्ट्स पूरे किए जा रहे हैं। आपके जीवन को आसान बनाने की कोशिश की जा रही है। आज मणिपुर को 125 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बने इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट का भी उपहार मिला है।
ये सिर्फ एक चेक पोस्ट नहीं है दर्जनों सुविधाओँ का केंद्र भी है। दोलाईथाबी बराज की फाइल 1987 में चली थी। निर्माण का काम 1992 में 19 करोड़ की लागत से शुरु हुआ था। 2004 में इसको स्पेशल इक्नॉमिक पैकेज का हिस्सा बनाया गया, लेकिन फिर लटक गया।
2014 में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरु हुआ और ये प्रोजेक्ट 500 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद अब बनकर तैयार है। मणिपुर की खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण Sawombung के FCI गोडाउन का लोकार्पण आज किया गया। 2016 में इस पर काम शुरु हुआ और हमने इसका काम पूरा करके दिखाया है।
Go To Hills और Go To Village के तहत यहां की राज्य सरकार दूर दराज़ के इलाकों तक पहुंच रही है। जनभागीदारी को सरकारी योजनाओं का हिस्सा बनाने के ये प्रयास सराहनीय हैं। यही कारण है कि आज मणिपुर बंद और ब्लॉकेड के दौर से बाहर निकलकर आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने में जुटा है।
विकास से युक्त, भ्रष्टाचार मुक्त नए भारत के संकल्प के लिए आपका आशीर्वाद मिलता रहे, मिलता रहा है और मिलता रहेगा।
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