Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

रवांडा में पीएम मोदी ने 200 गाय गिफ्ट में दी, सरकार 3.50 लाख गांवों को देगी गाय

रवांडा दौरे पर पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पॉल कागामे को 200 गायों को गिफ्ट किया है। मोदी वहां के एक गांव में जाकर लोगों को गाय का पगहा (रस्सी) हाथ में दिया।

रवांडा में पीएम मोदी ने 200 गाय गिफ्ट में दी, सरकार 3.50 लाख गांवों को देगी गाय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच दिनों के विदेशी दौरे पर हैं। इस दौरान दो दिन अफ्रीकी देशों में रहेंगे। मंगलवार को रवांडा दौरे पर पीएम ने 200 गायों को गिफ्ट दिया है। मोदी वहां के एक गांव में जाकर लोगों को गाय का पगहा (रस्सी) हाथ में दिया। इस दौरान लोगों के चेहरे में मुस्कान देखने को मिली।

एएनआई की खबर के मुताबिक रवेरू मॉडल विलेज, रवांडा के 200 घरों को गाय गिफ्ट किया। दरअसल रवांडा की एक परंपरा के अनुसार वहां गाय को तोहफा में देने की परंपरा को शुभ माना जाता है। ये परंपरा सदियों से मनाई जा रही है। इसके अलावा वहां की सरकार कुपोषण दूर करने के लिए गिरिंका नामक योजना चला रही है। इस योजना के तहत सरकार 3.50 लाख गांवों को गाय गिफ्ट में देगी।

रवांडा की यह भी परंपरा है कि तोहफे में मिली गाय की बछिया पैदा होने पर वे अपने पड़ोसी को बछिया गिफ्ट कर देते हैं। परंपरा पर सरकार की मुहर लगने से और भी तेजी से बढ़ रही है। वहां की सरकार का कहना है कि कुपोषण भगाने के लिए ये योजना सबसे बेहतर है। इससे जल्द ही कुपोषण दूर हो जाएगी। इसके अलावा दुग्ध उत्पादन में भी तेजी आएगी।

ये भी पढ़ें-भारत ने रवांडा को 20 करोड़ डॉलर कर्ज की पेशकश, मोदी ने कागमे से की बातचीत

बता दें कि भारत की तरह ही रवांडा में भी गाय को समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। रवांडा के प्राचीन इतिहास में गाय को मुद्रा की तरह प्रयोग में लाया जाता था। भारत की तरह रवांडा भी कृषि प्रधान

देश है। यहां की 80 फीसदी खेती से जुड़ी है। प्रधानमंत्री मोदी के सहयोग से अब रवांडा को बल मिलेगा। पीएम ने आर्थिक मदद करने की बात भी की है। इसके अलावा युगांडा में भारत अपना दूतावास खोलेगा जिससे कि व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

वैसे नरेंद्र मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री है जिन्होंने युगांडा का दौरा किया है। रवांडा की आबादी 1.12 करोड़ है यहां की संसद में 2 तिहाई महिला सांसद हैं। पीएम मोदी के रवांडा पहुंचने से पहले चीन के राष्ट्रपति भी रवांडा में ही थे। यह किसी चीनी राष्ट्रपति का पहला रवांडा दौरा था।

Next Story
Top