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''मन की बात'' में बोलें PM मोदी- मुस्लिम महिलाओं को ''महरम'' से मिली आजादी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ''मन की बात'' कार्यक्रम के दौरान हज तीर्थयात्रा को लेकर मुस्लिम महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव का जिक्र किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल के आखरी दिन देशवासियों से आकाशवाणी पर 'मन की बात' की। पीएम मोदी ने अपने इस कार्यक्रम के दौरान हज यात्रा को लेकर मुस्लिम महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव का जिक्र किया।

पीएम मोदी ने कहा, मैंने देखा है कि अगर कोई मुस्लिम महिला हज यात्रा के लिए जाना चाहती है तो वह बिना 'महरम' के नहीं जा सकती।

पीएम मोदी ने कहा जब मैंने इस बारे में पता किया तो पता चला कि वह हम लोग ही हैं, जिन्होंने महिलाओं के अकेले हज पर जाने पर रोक लगा रखी है।

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पीएम मोदी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय ने यह प्रतिबंध हटा लिया है। अब मुस्लिम महिलाएं बिना 'महरम' के हज यात्रा पर जा सकती है।

पीएम मोदी ने कहा अब तक, 1,300 महिलाएं बिना महरम के हज यात्रा करने के लिए आवेदन कर चुकी हैं। पीएम मोदी ने कहा, महिलाओं को पुरुषों की तरह समान अवसर मिलने चाहिए।

क्या है 'महरम'?

आपको बता दें कि इस्लाम में महरम का बड़ा मर्तबा है। महरम वो है जिसके साथ निकाह नहीं हो सकता। जैसे मां, बहन, सास, फूफी, नानी और दादी। इनके महरम बेटा, भाई, दामाद, भतीजा, धेवता और पोता हैं।

ये शरई कानून सऊदी अरब हुकूमत में लागू है। लिहाजा बिना महरम या शौहर के औरत का हज का सफर नाजायज है।

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