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क्षेत्रीय संपर्क के विस्तर के लिए बिम्सटेक में काम करने को प्रतिबद्ध है भारत: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि भारत अपने आसपास के देशों के बीच क्षेत्रीय संपर्क सुविधाओं के विस्तार तथा आतंकवाद और मादक द्रव्यों की तस्करी को रोकने के लिए बिम्सटेक क्षेत्रीय समूह के सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध है।

क्षेत्रीय संपर्क के विस्तर के लिए बिम्सटेक में काम करने को प्रतिबद्ध है भारत: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि भारत अपने आसपास के देशों के बीच क्षेत्रीय संपर्क सुविधाओं के विस्तार तथा आतंकवाद और मादक द्रव्यों की तस्करी को रोकने के लिए बिम्सटेक क्षेत्रीय समूह के सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि संपर्क- व्यापार संपर्क, आर्थिक संपर्क, परिवहन संपर्क, डिजिटल संपर्क और लोगों का लोगों से संपर्क में बड़े अवसर निहित हैं।

बिम्सटेक भारत, बांग्लादेश, म्यामां, श्रीलंका, थाइलैंड, भूटान और नेपाल जैसे देशों का क्षेत्रीय समूह है। वैश्विक आबादी में इस समूह का हिस्सा 22 प्रतिशत है। समूह का सामूहिक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2,800 अरब डॉलर है। उन्होंने कहा किभारत क्षेत्रीय संपर्क को विस्तृत बनाने के लिए बिम्सटेक के सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भारत की पड़ोसी प्रथम तथा एक्ट ईस्ट नीति का मिलन स्थल बन गया है।

मोदी ने कहा कि बंगाल की खाड़ी हम सभी की सुरक्षा तथा विकास के लिए महत्वपूर्ण स्थान रखता है। मोदी ने कहा कि क्षेत्र में कोई ऐसा देश नहीं है जो आतंकवाद तथा सीमापारीय-राष्ट्रीय अपराध का शिकार नहीं बना हो। आतंकवाद के नेटवर्क से मादक द्रव्य की तस्करी जैसे अपराध भी जुड़े हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बिम्सटेक की रूपरेखा के तहत मादक द्रव्य जैसे विषयों पर सम्मेलन की मेजबानी करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि बिम्सटेक के सदस्य देश हिमालय और बंगाल की खाड़ी के मध्य स्थित हैं और बार-बार बाढ़, चक्रवात और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से जूझते हैं। उन्होंने मानवीय सहायता तथा आपदा राहत कार्यों में सहयोग और समन्वय का भी आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि कोई भी देश शांति, समृद्धि और विकास हासिल करने के लिए अकेले आगे नहीं बढ़ सकता है अत: हमें आपस में जुड़े इस संसार में सहयोग और समन्वय की जरूरत है। हमें हमारे साझा फायदे के लिए व्यापार, आर्थिक, परिवहन, डिजिटल और लोगों का लोगों से संपर्क के क्षेत्रों में साथ काम करने की जरूरत है। मोदी ने कहा कि हमारे न केवल सभी बिम्सटेक देशों के साथ राजनयिक संबंध हैं, बल्कि हम सभ्यता, इतिहास, कला, भाषा, व्यंजन और साझा संस्कृति के जरिये एक दूसरे से मजबूती से जुड़े हैं।

उन्होंने सदस्य देशों के साझा फायदे के लिए कृषि शोध के क्षेत्रों में संगोष्ठी की मेजबानी करने तथा स्टार्टअप समेत कई मुहिम शुरू करने का भी प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि कला, संस्कृति एवं अन्य विषयों में शोध के लिए भारत नालंदा विश्वविद्यालय में सेंटर फोर बे ऑफ बंगाल स्टडीज स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अगस्त 2020 में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सभा का आयोजन करेगा।

उन्होंने सभी बिम्सटेक देशों को विशिष्ट अतिथि के तौर पर आमंत्रित भी किया। मोदी ने कहा कि भारत डिजिटल संपर्क के क्षेत्र में श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान और नेपाल के साथ राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क का विस्तार करने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने बिम्सटेक युवा सम्मेलन आयोजित करने और बिम्सटेक महिला सांसद मंच गठित करने का भी प्रस्ताव दिया।

उन्होंने भारत में अगले महीने होने वाले बिम्सटेक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास की सराहना की। शिखर सम्मेलन में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना तथा थाइलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा, म्यामां के राष्ट्रपति विन म्यिंट और भूटान सरकार के मुख्य सलाहकार ग्यालपो शेरिंग वांगचुक ने भी भाग लिया।

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