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पीएम नरेंद्र मोदी बोले, 130 करोड़ महारथियों के भरोसे जीतेंगे कोरोना के खिलाफ युद्ध

पीएम मोदी ने कोरोना को लेकर कहा कि महाभारत का युद्ध 18 दिन में जीता गया था। आज कोरोना के खिलाफ जो युद्ध पूरा देश लड़ रहा है उसमें 21 दिन लगने वाले हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी बोले, 130 करोड़ महारथियों के भरोसे जीतेंगे कोरोना के खिलाफ युद्ध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेंस के जरिए वाराणसी के नागरिक हो से बातचीत कर रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज काबुल में गुरुद्वारे में हुए आतंकी हमले से मन काफी दुखी है। मैं इस हमले में मारे गए सभी लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।

पीएम मोदी ने कोरोना को लेकर कहा कि महाभारत का युद्ध 18 दिन में जीता गया था। आज कोरोना के खिलाफ जो युद्ध पूरा देश लड़ रहा है उसमें 21 दिन लगने वाले हैं। हमारा प्रयास है कि इसे 21 दिन में जीत लिया जाए।

130 करोड़ महारथियों के भरोसे जीतेंगे कोरोना से जंग

पीएम मोदी ने आगे कहा कि महाभारत के युद्ध के समय भगवान श्री कृष्ण महारथी थे सारथी थे आज 130 करोड़ महारथियों के बलबूते पर हमें कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को जीतना है।

कोरोना से जुड़ी सही और सटीक जानकारी के लिए सरकार ने व्हाट्सएप के साथ मिलकर एक हेल्प डेस्क बनाया है। 9013151515 पर आप व्हाट्सएप करके इस सेवा से जुड़ सकते हैं। अगर आप इस पर नमस्ते लिखेंगे तो आपको तुरंत प्रतिक्रिया मिलेंगी।

मां शैलपुत्री के आशीर्वाद की बहुत जरूरत है

इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा कि नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां शैलपुत्री स्नेह करुणा और ममता का स्वरूप है। उन्हें प्रकृति की देवी भी कहा जाता है। आज देश जिस संकट के दौर से गुजर रहा है उसमें हम सभी को मां शैलपुत्री के आशीर्वाद की बहुत जरूरत है।

काशी का संसद होने के नाते मुझे ऐसे समय में आपके बीच होना चाहिए था। लेकिन यहां दिल्ली में जो गतिविधियां हो रही हैं उस से भी आप परिचित हैं। यहां की व्यवस्था के बावजूद मैं वाराणसी के बारे में निरंतर अपने साथियों से अपडेट ले रहा हूं। काशी का तो अर्थ ही है शिव, शिव यानी कल्याण। शिव की नगरी में महाकाल महादेव की नगरी में संकट से जूझने का सबको मार्ग दिखाने का सामर्थ्य है।

1 लाख से अधिक लोग हो चुके हैं ठीक

कोरोना बीमारी को देखते हुए देशभर में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। सभी को इस समय घरों में रहना अति आवश्यक है। यही इस बीमारी से बचने का बेहतर उपाय है। कोरोना से संक्रमित दुनिया में 100000 से अधिक लोग ठीक हो चुके हैं भारत में भी दर्जनों लोग को रोना के शिकंजे से बाहर निकले हैं।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि मनुष्य का स्वभाव होता है कि जो चीज हमारे अनुकूल होती है उसे तुरंत स्वीकार कर लेता है। ऐसे में कई बार अहम बातें जो प्रमाणित होती हैं उस पर कुछ लोगों का ध्यान नहीं जाता है। मेरा ऐसे लोगों से आग्रह है कि गलतफहमी से बाहर निकले और सच्चाई को समझें। यह बीमारी किसी के साथ भेदभाव नहीं करती। समृद्ध लोगों या व्यायाम करने वालों को भी यह वायरस अपनी चपेट में लेता है। बीमारी कितनी भयानक है यह समझना बहुत जरूरी है।

अपने जीवन को खतरों में डालकर ये लोग हमारा जीवन बचा रहे

कुछ स्थानों से ऐसी घटनाओं की जानकारी भी मिली है, जिससे हृदय को चोट पहुंची है। मेरी सभी नागरिकों से अपील है कि कहीं आपको डॉक्टर, नर्स या मेडिकल स्टाफ के साथ कोई बुरा बर्ताव होता दिख रहा हो तो आप वहां जाकर लोगों को समझाएं कि आप गलत कर रहे हैं। संकट की इस घड़ी में, अस्पतालों में इस समय सफेद कपड़ों में दिख रहा हर व्यक्ति, ईश्वर का ही रूप है। आज यही हमें मृत्यु से बचा रहे हैं, अपने जीवन को खतरों में डालकर ये लोग हमारा जीवन बचा रहे हैं।

कोरोना वायरस न हमारी संस्कृति को मिटा सकता है

हमारे समाज में ये संस्कार दिनों-दिन प्रबल हो रहा है कि जो देश की सेवा करते हैं, जो देश के लिए खुद को खपाते हैं, उनका सार्वजनिक सम्मान भी होते रहना चाहिए। कोरोना वायरस न हमारी संस्कृति को मिटा सकता है और न ही हमारे संस्कार मिटा सकता है। इसलिए, संकट के समय हमारी संवेदनाएं और जागृत हो जाती हैं।

कोरोना का जवाब करुणा से

कोरोना को जवाब देने का दूसरा एक ताकतवर तरीका है और वो है करुणा। कोरोना का जवाब करुणा से। हम गरीबों और जरूरतमंदों के प्रति करुणा दिखाकर भी कोरोना को पराजित करने का एक कदम ये भी ले सकते हैं। भी नवरात्र शुरू हुआ है। अगर हम अगले 21 दिन तक, 9 गरीब परिवारों की मदद करने का प्रण लें, तो इससे बड़ी आराधना मां की क्या होगी। इसके अलावा आपके आसपास जो पशु हैं, उनकी भी चिंता करनी है। मेरी लोगों से प्रार्थना है कि अपने आस-पास के पशुओं का भी ध्यान रखें

अगर मैं कहूं कि सब कुछ ठीक है

अगर मैं कहूं कि सब कुछ ठीक है, सब कुछ सही है, तो मैं मानता हूं कि ये खुद को भी धोखा देने वाली बात होगी। इस समय केंद्र सरकार हो या राज्य सरकारें, जितना ज्यादा हो सके, जितना अच्छा हो सके, इसके लिए भरसक प्रयास कर रही हैं। ऐसे में जब देश के सामने इतना बड़ा संकट हो, पूरे विश्व के सामने इतनी बड़ी चुनौती हो, तब मुश्किलें नहीं आएंगी, सब कुछ अच्छा होगा, ये कहना अपने साथ धोखा करने जैसा होगा।

मुश्किलों की उम्र फिलहाल 21 दिन

जो तकलीफें आज हम उठा रहे हैं, जो मुश्किल आज हो रही है, उसकी उम्र फिलहाल 21 दिन ही है। लेकिन कोरोना का संकट समाप्त नहीं हुआ, इसका फैलना नहीं रुका तो कितना ज्यादा नुकसान हो सकता है, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। निराशा फैलाने के हजारों कारण हो सकते हैं, लेकिन जीवन तो आशा और विश्वास से ही चलता है। नागरिक के नाते कानून और प्रशासन को जितना ज्यादा सहयोग करेंगे, उतने ही बेहतर नतीजे निकलेंगे।

हम सभी का प्रयास होना चाहिए कि प्रशासन पर कम से कम दबाव डालें, प्रशासन का सहयोग करें। अस्पताल में काम करने वाले, पुलिसकर्मी, सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले, हमारे मीडियाकर्मी इन सभी का हमें हौसला बढ़ाना चाहिए।


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