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पुरुषों के प्राइवेट पार्ट की पेंटिंग्स से भरा हुआ है ये गांव, वजह जानकर भन्ना जाएगा दिमाग

भूटान के इस गांव में इस परंपरा की शुरुआत 15वीं शताब्दी में हुई थी। वहीं अगर गांव वालों की मानें तो इसे ''पीनिस आर्ट'' कहते हैं।

पुरुषों के प्राइवेट पार्ट की पेंटिंग्स से भरा हुआ है ये गांव, वजह जानकर भन्ना जाएगा दिमाग
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इस दुनिया में कुछ जगह पर न सिर्फ इंसान अजीबो-गरीब है, बल्कि यहां कुछ जगहें भी है जो अजीबो-गरीब हैं। ये जगहें अपने आप में बहुत खास हैं, क्योंकि इनकी अद्भुत संस्कृति इन्हें पूरी दुनिया में अलग बनाती है।

लेकिन इसमें खास बात ये है कि इन जगहों में से कुछ को तो कुदरत द्वारा अद्भुत बनाया गया है, वहीं कुछ को इंसानों ने ऐसा बना दिया है। आज हम बात करेंगे भूटान में एक ऐसी ही जगह की जहां के घरों के बाहर दीवारों पर पुरुषों के प्राईवेट पार्ट की पेंटिंग्स बनी होती हैं।

लेकिन इसके पीछे की वजह जानकर आपको हैरानी होगी, ये भूटान के एक गांव की परंपरा है। जो दुनियाभर में काफी मशहूर है। इतना ही नहीं भूटान में संतों से मिलने आने वाले कपल को भी आशीर्वाद के तौर पर वे लकड़ी से बना प्राईवेट पार्ट देते हैं।

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ये बेहद अजीबो-गरीब परंपरा भूटान के थिंपू शहर के अंतर्गत आने वाले पुनाखा गांव की है। जानकारी के मुताबिक, इस परंपरा की शुरुआत 15वीं शताब्दी में हुई थी। वहीं अगर गांव वालों की मानें तो इसे 'पीनिस आर्ट' कहते हैं।

लेकिन सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि इस परंपरा की शुरुआत शिक्षा का प्रचार-प्रसार करने के लिए किया गया था। उस समय तिब्बत के द्रुक्‍पा कुन्‍ले ने इसकी शुरुआत की थी।

कहा जाता है कि गुरु द्रुक्‍पा यहां की एक लड़की की सुंदरता से काफी प्रभावित हुए थे। इतना ही नहीं गुरु द्रुक्‍पा ने उस लड़की के साथ शारीरिक संबंध भी बनाए थे। इसके बाद वो लड़की प्रेगनेंट हो गई थी। इसी के बाद लकड़ी के बड़े प्राईवेट पार्ट की मूर्ति बनाकर यहां लगा दी गई और उस जगह का नाम 'उर्वरता मठ' रख दिया गया था।

बता दें, यहां हर साल लाखों टूरिस्ट आते हैं, जो इन प्राईवेट पार्ट वाली पेंटिंग्स के साथ बड़े ही शौक से फोटो क्लिक कराते हैं।

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