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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल, खाने की थाली हुई 50 रुपए महंगी

सालभर में गुपचुप तरीके से बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम ने सीधे आम लोगों को प्रभावित किया है। कीमत में बढ़ोतरी के कारण ट्रांसपोर्टिंग चार्ज में लगभग दस फीसदी तक का इजाफा कर दिया गया है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल, खाने की थाली हुई 50 रुपए महंगी

सालभर में गुपचुप तरीके से बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम ने सीधे आम लोगों को प्रभावित किया है। कीमत में बढ़ोतरी के कारण ट्रांसपोर्टिंग चार्ज में लगभग दस फीसदी तक का इजाफा कर दिया गया है। परिवहन का दाम बढ़ने से आम जनजीवन से जुड़ी लगभग सभी चीजें महंगी हो गई हैं। खासकर दाल-चावल सब्जी के दाम बढ़ गए हैं और रसोई में एक थाली का खर्च पचास रुपए तक बढ़ गया है।

सरकार का नहीं रहा नियंत्रण

अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से पेट्रोल और डीजल के दाम तय होने के कारण एक तरह से सरकार का पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत से नियंत्रण खत्म हो गया है। सालभर से पेट्रोल-डीजल की कीमतों का ग्राफ लगातार ऊपर की ओर चढ़ता गया, जिसने सीधे आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में वृद्धि के कारण प्रत्येक व्यक्ति के खर्च में बढ़ोतरी हो गई है।

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रोजमर्रा के सामान हुए मंहगे

आम आवश्यकताओं के साथ रसोई के लगभग सभी सामान की कीमतों में वृद्धि हुई है और आम लोगों की एक थाली की कीमत पचास रुपए तक बढ़ गई है। इसकी वजह पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों के कारण ट्रांसपोर्टिंग शुल्क बढ़ाया जाना है।

10 प्रतिशत तक बढ़ा परिवहन शुल्क

जानकारी के मुताबिक पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के कारण परिवहन शुल्क दस फीसदी तक बढ़ गया है और इसकी वृद्धि के कारण आम आवश्यकताओं के सभी सामान की कीमत बढ़ गई है। आम आदमी की सबसे अधिक जरूरत भोजन की होती है और पेट्रोल-डीजल के दाम ने उसे भी प्रभावित कर दिया है। ट्रांसपोर्टिंग चार्ज बढ़ने के कारण चावल, दाल से लेकर सब्जियों के दाम पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है।

चुपके से बढ़ता गया दाम

पेट्रोल-डीजल के दामों में बीते एक साल में औसतन रोजाना दस से बीस पैसे तक की वृद्धि हो रही है और इस ओर लोगों का ध्यान भी नहीं जा रहा। चुपके-चुपके सालभर में पेट्रोल लगभग सात और डीजल पांच रुपए तक बढ़ गया है। कीमतों में बढ़ोतरी की राशि इतनी मामूली होती है कि वाहन चालक को इसकी भनक तक नहीं लगती। अधिकतर एक निर्धारित राशि का ही पेट्रोल डलवाते हैं।

परिवहन भाड़ा बढ़ने से मंहगाई

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, डीजल के दाम में वृद्धि होने से परिवहन भाड़ा बढ़ गया है। सामान लाने- ले जाने में खर्च बढ़ने के कारण सामान के दामों में चार से पांच रुपए की वृद्धि हो गई है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते हैं, तो ट्रांसपोर्टिंग चार्ज बढ़ाना ही पड़ता है और यह स्वाभाविक प्रक्रिया है। ट्रांसपोर्टिंग चार्ज बढ़ता है, तो सामान की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो जाती है।

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