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पेट्रोल में लगी आग, दिल्ली-मुंबई में दाम आसमान पर

कांग्रेस ने कहा कि, पेट्रोलियम मंत्री आम जनता तो गुमराह कर रहे हैं।

पेट्रोल में लगी आग, दिल्ली-मुंबई में दाम आसमान पर
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क्रूड आयल यानी कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल की कीमत में आग लग गई है। तीन माह में रायपुर में पेट्रोल 71 रुपए के करीब पहुंच चुका है।

मुंबई में इसका दाम 80 रुपए है। इस बेतहाशा वृद्धि ने आम लोगों की जेब पर भारी असर डाला है। अब केंद्र सरकार भी इन कीमतों को लेकर परेशान है।

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर हाथ खड़े कर लिए। उन्होंने कहा, कीमतों को काबू में लाने का रास्ता यही है कि उसे जीएसटी के दायरे में लाया जाए।

प्रधान ने कहा कि, हम चाहते हैं कि पेट्रोलियम को जीएसटी के अंतर्गत लाया जाए। राज्य सरकारों से भी वित्तमंत्री इस बारे में कह चुके हैं।

यदि जीएसटी के तहत इसे लाया जाता है तो कीमतों का पूर्वानुमान किया जा सकता है। अभी टैक्सेस के कारण मुंबई और दिल्ली में पेट्रोल की कीमतों में बड़ा अंतर होता है। हमने जीएसटी काउंसिल से मांग की है कि पेट्रोलियम को भी जीएसटी के तहत लाया जाए। यदि ऐसा होता है तो आम जनता तो सहूलियत होगी।

गौरतलब है, रोजाना डीजल -पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से ग्राहकों को फायदा होने का दावा फिलहाल गलत नजर आ रहा है। प्रतिदिन बढ़ती-घटती कीमतों के नए नियम से पेट्रोल की कीमत एक बार फिर 2014 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।

मुंबई में एक लीटर पेट्रोल के भाव 80 रुपये के करीब पहुंच गए है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें ग्लोबल बाजारों में पेट्रोल के रेट्स, क्रूड और डॉलर-रुपए की चाल पर निर्भर करते हैं। अमेरिका में आए तूफान इरमा के चलते दुनियाभर में पेट्रोल के दाम बढ़े हैं। इसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है।

दिल्ली में पेट्रोल हुआ 7 रुपए से ज्यादा महंगा

एक जुलाई से अब तक दिल्ली में पेट्रोल का दाम 7.29 रुपए बढ़ चुका है। बुधवार को दिल्ली में पेट्रोल का भाव 70.38 रुपये प्रति लीटर हो गया। जबकि, एक जुलाई को पेट्रोल की कीमत 63.09 रुपए थी। वहीं, इस दौरान मुंबई में पेट्रोल के भाव 74.30 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 79.48 रुपये प्रति लीटर गया है।

ऐसे तय होते हैं दाम

एनर्जी एक्सपर्ट्स नरेंद्र तनेजा के मुताबिक ऑयल मार्केटिंग कंपनियां तीन आधार पर पेट्रोल और डीजल के दाम तय करती हैं। पहला इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड दूसरा देश में आयात करते वक्त भारतीय रुपए की डॉलर के मुकाबले कीमत और इसके अलावा तीसरा आधार इंटरनेशनल मार्केट में पेट्रोल-डीजल के क्या भाव हैं?

इसलिए बदला सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पहले महीने की 15 और 30 तारीख को पेट्रोल-डीजल की कीमतों की समीक्षा किया करती थीं। लेकिन कंपनियों ने 15 साल पुरानी इस पुरानी व्यवस्था को छोड़ रोजाना समीक्षा को अपनाया ताकि ईंधन की लागत में होने वाले अंतर का तत्काल पता लगाया जा सके। 16 जून से इसमें बदलाव किया गया है।

कांग्रेस भड़की

कांग्रेस ने पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि, पेट्रोलियम मंत्री आम जनता तो गुमराह कर रहे हैं। उन्हें खुद नहीं पता कि पेट्रोल की कीमतों को कैसे काबू किया जाए। क्रूड ऑयल के दाम 50 फीसद से ज़्यादा गिर गए, फिर भी तेल की कीमतें ज़्यादा क्यों हैं। क्या ये आर्थिक आतंकवाद नहीं है।

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