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सबरीमला में शांति, भाजपा ने मनाया ‘विरोध दिवस'', गाड़ियां रोकीं

दो महीनों तक चलने वाली वार्षिक तीर्थयात्रा के दूसरे दिन सबरीमला में भगवान अयप्पा मंदिर में माहौल शांत रहा, जबकि प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भाजपा महासचिव के सुरेंद्रन की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन हुए। सुरेंद्रन को मंदिर जाते वक्त गिरफ्तार किया गया था।

सबरीमला में शांति, भाजपा ने मनाया ‘विरोध दिवस

दो महीनों तक चलने वाली वार्षिक तीर्थयात्रा के दूसरे दिन सबरीमला में भगवान अयप्पा मंदिर में माहौल शांत रहा, जबकि प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भाजपा महासचिव के सुरेंद्रन की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन हुए। सुरेंद्रन को मंदिर जाते वक्त गिरफ्तार किया गया था।

मंदिर का प्रबंधन देखने वाले त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड सोमवार को उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर उसके 28 सितंबर के आदेश पर अमल के लिये और वक्त की मांग करेगा। अदालत ने अपने फैसले में सभी आयुवर्ग की महिलाओं को मंदिर में पूजा की इजाजत दी थी।

बोर्ड के अध्यक्ष ए पद्मकुमार ने यह जानकारी दी। अब तक 10 से 50 साल के आयुवर्ग की किसी महिला ने मंदिर में जाने के लिये पुलिस संरक्षण की मांग नहीं की है यद्यपि 500 युवतियों ने दर्शन के लिये ऑनलाइन बुकिंग कराई है।
मंदिर परिसर में अपर्याप्त इंतजाम और श्रद्धालुओं पर लगाए गए कड़े प्रतिबंध को लेकर हो रही आलोचना पर पद्मकुमार ने यह भी कहा कि वहां कोई अनावश्यक रोक नहीं होगी और जो ‘‘छोटे मुद्दे' सामने आ रहे हैं उन्हें ‘‘शुरुआती अड़चनों' के तौर पर देखा जाना चाहिए।
डीजीपी लोकनाथ बेहरा और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के निजी सचिव एम वी जयराजन के साथ तिरूवनंतपुरम में एक मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को रोजाना सुबह सवा तीन बजे से दोपहर साढ़े बारह बजे तक ‘‘नेय्याभिषेकम' अनुष्ठान करने की इजाजत होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस, बोर्ड या सरकार ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगी जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी हो' लेकिन पुलिस उन लोगों पर कार्रवाई करेगी जो प्रदर्शन की मंशा से सबरीमला आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि निलक्कल और पंबा में ज्यादा पार्किंग सुविधा और जैविक शौचालय उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस बीच राज्य मानवाधिकर आयोग ने कहा कि श्रद्धालुओं के साथ मानवाधिकार का गंभीर उल्लंघन हो रहा है और प्राधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उन्हें सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराएं और दो हफ्तों के अंदर रिपोर्ट दें। मंदिर शुक्रवार शाम को 64 दिनों तक चलने वाली वार्षिक तीर्थयात्रा के लिये खुला था। मंदिर में 10 से 50 साल आयुवर्ग की महिलाओं के प्रवेश को लेकर गतिरोध हालांकि अब भी जारी है। इस बीच केरल के अलावा दूसरे राज्यों से भी लोग यहां पहुंचने लगे हैं।
हालांकि भक्तों को ये राहत रही कि लोगों की कम आमद से उन्हें ‘दर्शन' के लिए अधिक समय मिला। कुछ भक्त इस बात से नाराज दिखे कि उन्हें पंबा से निलक्कल पहुंचने में दो घंटे से अधिक का वक्त लगा। इस बीच भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुरेंद्रन की गिरफ्तारी और हिरासत में भेजे जाने के विरोध में करीब एक घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग जाम रखा।
पुलिस ने कहा कि वताकारा में केएसआरटीसी बस पर पथराव किया गया। भगवान अयप्पा मंदिर जाने की कोशिश करते हुए एहतियातन हिरासत में लिए गए सुरेन्द्रन को रविवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन पर गैर जमानती अपराधों के आरोप लगाए गए हैं।
सुरेंद्रन की गिरफ्तारी के तरीके पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय मंत्री अलफोंस कन्नमथनम ने कहा कि यह ‘‘घृणित' है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को निंदनीय बताया। वहीं माकपा के राज्य सचिव कोडियेरी बालाकृष्णन ने आरोप लगाया कि भाजपा का ‘‘एजेंडा' हिंसा करना है।
इस बीच कांग्रेस ने राज्य की माकपा नीत सरकार पर आरोप लगाया है कि वह मंदिर की सुरक्षा के नाम पर ‘‘ आतंक-जैसा माहौल' बना रही है।
कांग्रेस के तीन सदस्यीय पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने यह आरोप लगाया। इसमें राज्य के पूर्व मंत्री तिरुवंचूर राधाकृष्णन, अदूर प्रकाश और वी एस शिवकुमार शामिल थे। यह प्रतिनिधिमंडल स्थिति का जायजा लेने के लिए सबरीमला गया है।
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