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हंगामेदार रहेगा संसद सत्र, नोटबंदी से लेकर सर्जिकल स्ट्राइक की रहेगी गूंज

बुधवार से शुरू हो रहा संसद का शीतकालीन सत्र

हंगामेदार रहेगा संसद सत्र, नोटबंदी से लेकर सर्जिकल स्ट्राइक की रहेगी गूंज
नई दिल्ली. बुधवार से शुरू हो रहा संसद का शीतकालीन सत्र काफी हंगामेदार हो सकता है। नोटबंदी समेत कई मुद्दों पर विपक्ष जहां सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सरकार भी विपक्ष के हमलों से निपटने की रणनीति बना रही है। सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर काले धन के खिलाफ सरकार की सर्जिकल स्ट्राइक बताए जा रहे नोटबंदी का मसला भी संसद में गूंजेगा। सरकार की पाकिस्तान नीति को लेकर भी विपक्ष केंद्र की घेरेबंदी कर सकता है।
संसद सत्र से पहले सोमवार रात को लोकसभा स्पीकर ने सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने बताया कि सभी पार्टियां चाहती हैं कि संसद की कार्यवाही सही से चले। स्पीकर ने बताया कि सभी पार्टियों ने नोटबंदी और कश्मीर के हालात पर चर्चा की मांग की। बैठक के बाद लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमने स्पीकर से नोटबंदी, कश्मीर में अशांति, सर्जिकल स्ट्राइक, वन रैंक वन पेंशन और सरकार की पाकिस्तान नीति जैसे मसलों पर चर्चा की मांग की है।
इस बार सदन में केंद्र और राज्य सरकारों के चुनाव एक साथ कराने की योजना को लेकर चर्चा कराने की मांग उठी। बीजेडी सांसद भृतहरि मेहताब ने आगामी 26 नवंबर को मनाए जाने वाले संविधान दिवस के मौके पर इस चर्चा की मांग की। उल्लेखनीय है कि पिछले साल से सरकार ने 26 नंवबर को संविधान दिवस को मनाने की शुरुआत की थी। बैठक में सुझाव आया कि इस बार भी इस दिन सदन में संवैधानिक मुद्दे को लेकर सदन चर्चा करे। इसी के तहत केंद्र-राज्य के एक साथ चुनाव पर चर्चा का सुझाव आया। हालांकि इस बार 26 को शनिवार है। उल्लेखनीय है कि पीएम नरेंद्र मोदी भी संकेत दे चुके हैं कि देश में केंद्र व राज्यों के साथ चुनाव की संभावनाओं को खंगाला जाए।
वहीं आईएनएलडी के दुष्यंत चैटाला ने एटीएम कार्डों की हैकिंग जैसे मसले पर चर्चा की मांग। स्पीकर ने सभी दलों से सदन को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की बात कही और कहा कि अगर सदन को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग मिलेगा तो वह हर मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए तैयार हैं। हालांकि 26 नवंबर के आयोजन को लेकर फिलहाल कोई योजना नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार व सभी दलों के बीच चर्चा के बाद ही इस पर कोई फैसला लिया जा सकता है।
सर्वदलीय बैठक से पहले सोमवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में एनडीए और कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों की भी अलग-अलग बैठकें हुईं। एनडीए बैठक में पीएम ने कहा कि नोटबंदी पर देश की जनता सरकार के फैसले के साथ है, लिहाजा सदन में विपक्ष के हमलों का आक्रामकता के साथ जवाब दिया जाना चाहिए। बैठक में पीएम ने स्पष्ट किया कि नोटबंदी के फैसले पर अब पुनर्विचार नहीं होगा। बैठक के बाद बीजेपी नेता अनंत कुमार ने दावा किया कि नोटबंदी के मसले पर एनडीए के सारे घटक दल सरकार के साथ हैं, लेकिन एनडीए की सहयोगी शिवसेना नोटबंदी के मसले पर अपनी नाराजगी खुलकर जता चुकी है। शिवसेना नेता संजय राउत तो सरकार को चेतावनी दी है कि अगर नोटबंदी पर रोलबैक नहीं हुआ हो सरकार का रोलबैक हो सकता है।
एनबीटी की रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरी तरफ विपक्ष भी सरकार की घेरेबंदी की पुख्ता तैयारी कर रहा है। सरकार को घेरने की संयुक्त रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए कांग्रेस, सीपीएम और टीएमसी सरीखे चिर प्रतिद्वंद्वी समेत 8 विपक्षी दलों ने भी बैठक की। ये दल मंगलवार को भी बैठक कर रणनीति को अंतिम रूप देंगे।
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