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संसद के शीतकालीन सत्र के हंगामेदार होने की ये हैं 5 अहम वजह

संसद का शीतकालीन सत्र में कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष जीएसटी, नोटबंदी, राफेल डील, और जीडीपी में आई गिरावट को लेकर सरकार पर जोरदार हंगामा करने की तैयारी में है।

संसद के शीतकालीन सत्र के हंगामेदार होने की ये हैं 5 अहम वजह

संसद का शीतकालीन सत्र शुक्रवार से शुरू हो रहा है। ऐसे में इस बार का सत्र काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष जीएसटी, नोटबंदी, राफेल डील, और जीडीपी में आई गिरावट को लेकर सरकार पर हमलावर होगा।

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सत्र के हंगामेदार होने की ये हैं असल 5 अहम वजह...

1. संसद के शीकालीन सत्र से पहले केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में पीएम समेत कई मंत्री सत्र में जवाब देही के लिए योजना बनाएंगे।

2. वहीं कांग्रेस सत्र में हुई देरी और देश के कई मुद्दों को लेकर मोदी सरकार के पहले ही नाराज है। वहीं जीएसटी और नोटबंदी जैसे मुद्दों पर केंद्र को घेरने की योजना बनाई है। कांग्रेस के साथ पूरा विपक्ष साथ है।

3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष से रचनात्‍मक सहयोग की अपील की है। वहीं, कांग्रेस गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को निशाना बनाए जाने को लेकर मोदी से माफी की मांग पर अड़ी है।

4. विपक्ष राफेल लड़ाकू विमान खरीद पर भी दोनों सदनों में चर्चा की कोशिश करेगा, जिसमें कांग्रेस ने बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। इसमें तीन तलाक का मुद्दा भी छाया रह सकता है, जिस पर सरकार विधेयक लाना चाहती है।

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5. कांग्रेस 14 कार्यदिवस वाले इस सत्र में राफेल, किसानों की अनदेखी और चुनाव में पाकिस्तान तक को ले आने पर सवाल उठाने की तैयारी में है। बीजेपी की सूची में ओबीसी, अति पिछड़े वर्ग को संवैधानिक दर्जा दिलाने का बिल भी है, जिन्‍हें इसी सत्र में पास कराना चाहेगी.

संसद का शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर से लेकर 5 जनवरी तक चलेगा। 21 दिन चलने वाले सत्र में दोनों सदनों में कुल 14 बैठकें होंगी। बता दें कि पिछले साल शीतकालीन सत्र में 22 बैठकें हुई थीं।

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