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माननीयों का वेतन बढ़ोतरी विधेयक होगा पास, सैलरी लाखों के पार

संसद का शीतकालीन सत्र 16 नवंबर से शुरू हो रहा है

माननीयों का वेतन बढ़ोतरी विधेयक होगा पास, सैलरी लाखों के पार
नई दिल्ली. सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद से संसद में लगातार उठाई जा रही सांसदों के वेतन एवं भत्तों में बढ़ोतरी की मांग पर सरकार गंभीर है। सरकार संसद के शीतकालीन में सांसदों के वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी की सिफारिशें लागू करते हुए संबन्धित विधेयक पारित कराने की तैयारी में है।
संसद का शीतकालीन सत्र 16 नवंबर से शुरू हो रहा है और इस सत्र में सरकार के सामने जहां जीएसटी जैसे कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराने की प्राथमिकता होगी, वहीं भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सांसदों के वेतन-भत्ते संबन्धी संसद की समिति द्वारा संसद सदस्यों के मूल वेतन में 100 फीसदी वृद्धि करने की लंबित सिफारिशों को लागू करने का अहम फैसला ले सकती है। सरकार की ओर से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करके उनके वेतन-भत्तों में की गई वृद्धि के बाद सांसदों की वेतन-भत्ते बढ़ाने की मांग को पूरा किया जाए।
पिछले सप्ताह ही इसी मकसद को देखते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपालों के वेतन वृद्धि करने का फैसला किया है। सरकार के इस फैसले के बाद ऐसी संभावनाएं प्रबल हो गई हैं कि संसद के शीतकालीन सत्र में वेतनमान में बढ़ोतरी की सांसदों को सौगात मिल जाएगी। सूत्रों के अनुसार शीत सत्र के दौरान सांसदों के वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाओं में इजाफे के प्रस्ताव को एक विधेयक के रूप में मंजूरी दिये जाने के संकेत है। सूत्रों के अनुसार संसदीय समिति की सिफारिशों में सांसदों के मौजूदा वेतन 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये करने का प्रस्ताव है। गौरतलब है कि संसद के पिछले मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में कई बार सांसदों ने सातवें वेतन आयोग का हवाला देते हुए सांसदों के वेतनमान में बढ़ोतरी करने के लिए संसदीय समिति की सिफारिशों को लागू करने की मांग की थी, जिस पर सरकार ने जल्द ही फैसला लेने का भरोसा दिया था।
कैबिनेट में होगा फैसला
सूत्रों के अनुसार इन सिफारिशों पर कैबिनेट की मंजूरी के लिए संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा एक कैबिनेट नोट तैयार किया जा चुका है,जिसे मंजूरी के लिए जल्द ही केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा और अंतिम फैसला पीएम नरेन्द्र मोदी लेंगे। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही सरकार सांसदों के वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी संबन्धी एक विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र में पेश करेगी, जिसका पारित होना तय है। सूत्रों का कहना है कि संसद से मंजूरी मिलने के बाद सांसदों के वेतन-भत्तों में इस वृद्धि को गत अप्रैल 2016 से लागू किया जाएगा और वेतन बढ़ोतरी होने के साथ अप्रैल से सांसदों को एरियर का भुगतान भी किया जाएगा।
ये थी संसदीय समिति की सिफारिशें
भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने सांसदों को हर महीने मिलने वाले 50 हजार रुपए वेतन को बढ़ाकर एक लाख रुपये यानि दोगुना करने की सिफारिश की है। इसी प्रकार अभी तक मिलने वाले संसदीय क्षेत्र भत्ता और कार्यालय भत्ते के 45-45 हजार रुपये, संसद सत्र के दौरान हर रोज दो हजार रुपए दैनिक भत्ते को भी बढ़ाने की सिफारिश की हुई है। समिति की वेतन और भत्तों को बढ़ाने वाली सिफारिशों का अध्ययन कराने के लिए सरकार द्वारा गठित की गई एक संयुक्त समिति ने भी मानसून सत्र के दौरान ही अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी, जिसमें संसदीय समिति के अनुरूप ही वेतन बढ़ाने की सिफारिश की गई है। सूत्रों के अनुसार पीएमओ भी संयुक्त समिति की सिफारिशों पर सहमति है। इसलिए शीतकालीन सत्र में सांसदों के अच्छे दिन सामने आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
एक साल से जारी तर्क-वितर्क
भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट पिछले साल ही केंद्र सरकार को सौंप दी थी, जिसमें सांसदों के वेतन एवं भत्तों में दोगुना बढ़ोतरी करने की सिफारिश की गई थी। इसके लिए सरकार द्वारा इन सिफारिशों का अध्ययन करने के लिए गठित की गई सांसदों की एक अन्य समिति ने भी सांसदों के नये वेतनमान तय करने संबन्धी अपनी रिपोर्ट गत जुलाई में केंद्र सरकार को सौंप दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इन सिफारिशों पर उठाए गए कुछ सैद्धांतिक सवालों के कारण वेतन-भत्ते में इजाफे का यह मामला अभी तक लंबित है। सांसदों संविधान के अनुच्छेद 106 का हवाला देते हुए यह तर्क देते आ रहे हैं कि संसद सदस्य सरकार के मोहताज नहीं हैं। इसलिये संसद सदस्यों का वेतन एक कैबिनेट सचिव से एक हजार रुपये अधिक होना चाहिए।

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