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नोटबंदी: पीएम पहुंचे सदन, विपक्ष ने जमकर बोला हमला

हंगामे के दौरान सदन में मौजूद प्रधानमंत्री मोदी चुपचाप बैठे रहे।

नोटबंदी: पीएम पहुंचे सदन, विपक्ष ने जमकर बोला हमला
नई दिल्ली. संसद के शीतकालीन सत्र के 6 दिन बुधवार को भी लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों में पीएम मोदी की मौजूदगी के बावजूद नोटबंदी को लेकर विपक्ष के तेवर काफी गर्म नजर आए। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे को बढ़ता देख लोकसभा को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस बीच सभी विपक्षी दलों ने 28 नवंबर को नोटबंदी के खिलाफ देशभर में 'आक्रोश दिवस' मनाने का ऐलान किया है। वहीं राज्य सभा को भारी हंगामे के चलते 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने राज्य सभा के उप सभापति पी जे कुरियन से मांग करते हुए कहा कि पीएम मोदी को सदन में बुलाया जाए। लगातार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को फिर से कल तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
विपक्ष की रणनीति को वेंकैया का करारा जवाब
वहीं 13 विपक्षी दलों के 200 से ज्यादा सांसद बुधवार को संसद भवन परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इन सभी सांसदों की एक ही मांग है वो ये कि केन्द्र सरकार अपने 500 और 1000 के नोट बैन के फैसले को वापस ले। धरने की रणनीति को मंगलवार को रणनीति बना ली गई थी। विपक्ष के अड़ियल रवैये की आलोचना करते हुए संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा, 'आज प्रधानमंत्री के लोकसभा में मौजूद रहने के बावजूद, विपक्ष सदन को काम करने क्यों नहीं दे रहा है? हंगामा करना विपक्ष की आदत हो गई है।' वेंकैया ने प्रधानमंत्री मोदी को गरीबों का मसीहा बताया। उन्होंने कहा, 'गरीब लोग चाहते हैं कि नोटबंदी सफल हो, वे लोग प्रधानमंत्री को मसीहा की तरह देखते हैं। विपक्ष पब्लिक के मूड की अनदेखी कर रहा है।'
राहुल और माया ने जमकर बोला हमला
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि स्पीकर चर्चा कराने से इनकार कर रही हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, 'सवाल यह नहीं है कि पीएम यहां बैठते हैं कि नहीं, सवाल यह है कि क्या हमें बोलने की इजाजत होगी? हमें नही बोलने दिया जा रहा। कांग्रेस स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा चाहती है, सवाल यह है कि हमें बोलने दिया जाएगा या नहीं?' वहीं बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने कहा कि पीएम मोदी सदन के बाहर बयान दे रहे हैं, यह सदन का अपमान है। पीएम मोदी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। सदन के बाहर भी मायावती ने प्रधानमंत्री की गैर मौजूदगी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'मैं पूछना चाहती हूं पीएम से कि अगर उन्होंने अच्छा काम किया है, तो वह घबरा क्यों रहे हैं।' बीएसपी अध्यक्ष ने राष्ट्रपति से भी मामले दखल देने की अपील की। उन्होंने कहा, 'मैं राष्ट्रपति से निवेदन करती हूं कि वह पीएम को बुलाएं और लोगों को नोटबंदी से हो रही समस्याओं को दूर करने को कहें।'
जंतर-मंतर पर ममता ने मोदी को घेरा
मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले का विरोध कर रहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रही हैं। ममता की पार्टी टीएमसी संसद में भी नोटबंदी का विरोध कर रही है। आज संसद भवन परिसर में विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शन में टीएमसी ने भी हिस्सा लिया। मंगलवार को पश्चिम बंगाल में हुए उप चुनाव में टीएमसी की जीत को नोटबंदी के खिलाफ 'लोगों की बगावत' करार देते हुए ममता ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा था कि वह विदेशों से काला धन लाने में नाकाम रहे हैं।विपक्ष की ओर से आयोजित विरोध रैली में शामिल होने के लिए नई दिल्ली रवाना होने से पहले मंगलवार को ममता ने पत्रकारों से कहा, 'उप-चुनाव के नतीजे केंद्र के नोटबंदी के जनविरोधी फैसले के खिलाफ एक करारा जवाब है। यह केंद्र के खिलाफ बड़े पैमाने पर कोई विद्रोह नहीं, बल्कि जनता की बगावत है। बीजेपी को इस जनादेश से सबक सीखना चाहिए।
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