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संसद में सपा नेता ने तोड़ी मयार्दा, लो. अध्यक्ष पर फेंके कागज

राज्यसभा में भोजनावकाश से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में बहस के दौरान मौजूद रहे।

संसद में सपा नेता ने तोड़ी मयार्दा, लो. अध्यक्ष पर फेंके कागज
नई दिल्ली. नोटबंदी को लेकर संसद में जारी गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को विपक्षी समाजवादी पार्टी के सांसद अक्षय यादव ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन पर कागज के टुकड़े फाड़कर फेंक दिए। इससे गुस्साई लोकसभा स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। अक्षय यादव सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के भतीजे और पार्टी के पूर्व महासचिव रामगोपाल यादव के बेटे हैं। जानकारी मुताबिक लोकसभा में अध्यक्ष सुमित्रा महाजन सदन में कामकाज को सुचारू रूप से संचालित करने की कोशिश कर रही थीं। इसी दौरान जब सदस्यों उनकी बात नहीं मानी तो इसके बाद सुमित्रा महाजन ने नोटबंदी पर चर्चा के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करने वाले नोटिस को रद्द कर दिया, जिससे विपक्षी खेमे में भारी कोलाहल मच गया। शोर-शराबे को देखते हुए महाजन ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।
इस अंदाज में पहुंचे पीएम
उच्च सदन में गुरुवार को बारह बजे जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ काले रंग की बंडी और सफेद चूड़ीदार पाजामा-कुरते में मोदी ने सदन में प्रवेश किया और सबसे आगे की सीट पर वित्त मंत्री अरुण जेटली के बगल में चुपचाप बैठ गए। सदन की कार्यवाही शुरू हुई और नोटबंदी पर अधूरी चर्चा फिर से शुरू हो गई। सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि प्रधानमंत्री सदन में आए हैं तो वह पूरी चर्चा के दौरान उपस्थित रहें और चर्चा में हस्तक्षेप भी करें, अगर ऐसा नहीं होता है तो हमारी पुरानी मांग बनी रहेगी। भोजनावकाश से पहले बसपा नेता मायावती ने भी इसी बात को दोहराया। इसके जवाब में सदन के नेता जेटली ने कहा कि अब कोई किंतु-परंतु नहीं होना चाहिए, क्योंकि प्रधानमंत्री चर्चा में हस्तक्षेप भी करेंगे।
मनमोहन ने गिनाई नोटबंदी की खामियां
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चर्चा के दौरान मोदी सरकार के नोटबंदी के निर्णय को लागू करने के तरीके पर निशाना साधा और इसके कारण देशभर में जमकर ‘संगठित’ तथा ‘कानूनी लूट मार’ से आम आदमी को भारी परेशानियों का जिक्र किया। सिंह ने राज्यसभा में नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर कई सवाल दागे और यह भी साफ किया वह खुद और कांग्रेस पार्टी काले धन तथा भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए नोटबंदी के विरोध में नहीं है, लेकिन इसे लागू करने के तरीके में सरकार की एक नहीं अनेक खामियां उजागार हो रही है, जो इस फैसले की विफलता साबित करती हैं। सिंह ने कहा कि इस निर्णय के कारण आम आदमी को हो रही परेशानियों को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री को रचनात्मक और व्यवहारिक उपायों की घोषणा करनी चाहिए। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दलील दी है कि यह कदम काले धन पर अंकुश लगाने तथा आतंकवादियों को हो रही फंडिंग रोकने के लिए उठाया गया है। वह इससे असहमत नहीं हैं लेकिन इस निर्णय को लागू करने में सरकार ने भारी गलतियां की हैं और वह पूरी तरह विफल रही है।
दो फीसदी के पास कालाधन
तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने राज्यसभा में नोटबंदी पर सरकार की घेराबंदी करते हुए कहा कि देश में केवल 2 फीसदी लोगों के पास ही काला धन है। तो फिर देश के 98 प्रतिशत लोग क्यों इसकी वजह से परेशान हों। उन्होंने ये भी कहा कि हम सुझाव देना चाहते हैं कि 500 के नोट को और अधिक समय तक इस्तेमाल करने की इजाजत दी जाए।
नोटबंदी पर माया का समर्थन
राज्यसभा में भोजनावकाश से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में बहस के दौरान मौजूद रहे। बसपा सुप्रीमो मायावती ने पीएम से इस मुद्दे पर बोलने की मांग की। उन्होंने ये भी कहा कि वह नोटबंदी के फैसले के समर्थन में तो हैं लेकिन इसे लागू करने के तरीके को गलत बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी चर्चा के दौरान सदन फिर मौजूद होकर विपक्ष की राय जाने।
पीएम का सर्वे झूठा: मायावती
बसपा सुप्रीमो मायावती ने नोटबंदी के मुद्दे पर कहा कि आज विपक्ष को अच्छी सफलता मिली है, लेकिन पूरी कामयाबी नहीं मिली। अभी प्रधानमंत्री का बोलना बाकी है। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी का सर्वे झूठा है और देश के 90 प्रतिशत पीएम के साथ नहीं बल्कि विरोध में हैं। अगर अभी चुनाव हो तो जवाब मिल जाएगा।
28 तक बात नहीं करेगा विपक्ष
संसद में नोटबंदी पर जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार की कोशिश को विपक्ष ने झटका दिया है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि विपक्षी दलों ने तय किया है कि वो सरकार से इस मुद्दे पर 28 नवंबर तक कोई आत नहीं करेगा। दरअसल सरकार की तरफ से गृहमंत्री ने सर्वदलिय बैठक बुलाई थी वहीं संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार भी विपक्ष से संपर्क साधने की कोशिश में थे, ताकि संसद में चर्चा हो सके। यही कारण है कि संसद में लगातार जारी गतिरोध को दूर करने के लिए अब सरकार आगे आई है और इसके लिए गृहमंत्री ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी लेकिन खबर है कि विपक्ष ने इस बैठक से दूरी बनाए रखी।
जेटली ने दी सफाई
राज्यसभा में पीएम की गैरमौजूदगी पर विपक्ष के हंगामे पर सफाई देते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पीएम सदन में इसलिए नहीं आए। देशभर के लोग नोटबंदी का स्वागत कर रहे हैं, जबकि विपक्षी पार्टियां इस पर बेमतलब का हंगामा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कहने को कुछ नहीं है, इसलिए वो चर्चा को टाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा नहीं चाहता और जब प्रधानमंत्री सदन में पहुंचे तो विपक्ष आश्चर्य चकित रह गया। जेटली ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर सकारात्मक चर्चा चाहती है ताकि गतिरोध दूर हो सके। सरकार पहले सी सदन को फैसले के बारे में अवगत करा चुकी है।
जेटली ने मनमोहन पर किया पलटवार
संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सरकार का पक्ष रखते हुए विपक्ष पर जमकर हमला बोला। वित्त मंत्री ने कहा कि जिन लोगों को बड़े-बड़े घोटाले कभी ब्लंडर नहीं लगे उन्हें नोटबंदी ब्लंडर नजर आ रही है। जो पार्टी एक वक्त में देश के सभी बड़े घोटाले का हिस्सा थी आज नोटबंदी का विरोध कर रही है। जेटली ने कांग्रेस को निशाना बनाते हुए आगे कहा कि उनकी सरकार में सबसे ज्यादा घोटाले हुए और काला धन देश में पैदा हुआ। 2जी स्कैम और कोल स्कैम जैसे घोटाले उनके शासनकाल में ही हुए। पूरे देश ने वो घोटले वाली सरकार भी देखी है जिसके राज में कालाधन पैदा हुआ था।
पाक से देश रक्षा का सवाल
पीएम मोदी की जान के खतरे पर कटाक्ष करते हुए सपा नेता अग्रवाल ने यहां तक ताना कसा कि यदि हमारे प्रधानमंत्री को ही जान का खतरा हो सकता है, तो पाकिस्तान से हमारे देश की रक्षा कौन करेगा? उन्होंने पीएम से अपील की है कि अब वह भावुकता का भाषण छोड़कर सभ्यता के भाषण देना शुरू करें, नहीं तो अफवाहों का दौर खत्म नहीं हो पाएगा।
जेटली जरूर कान में बता देते
सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने नोटबंदी की चर्चा पर बोलते हुए मोदी सरकार की चुटकी ली कि इतनी गोपनीयता कि वित्त मंत्री अरुण जेटली को भी नोटबंदी के फैसले की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि यदि इस फैसले की जानकारी जेटली को होती तो शायद वह उन्हें कान में जरूर बता देते। इस कटाक्ष पर भी मोदी और जेटली समेत सदन सदस्यों के ठहाको से गंूज उठा। मसलन अग्रवाल की बातों पर सदन में ऐसे कई मौके आएं जब सदन में हंसी का माहौल बना। जिसमें स्त्रीधन यानि महिलाओं की जमा-पूंजी की पोल उनके पतियों के सामने खुलने पर चुटकी लेने से अग्रवाल बाज नहीं आए।
यूपी चुनाव का फैसला
सपा नेता नरेश अग्रवाल ने सरकार पर आरोप लगाया कि नोटबंदी का फैसला आगामी यूपी चुनावों को ध्यान में रखकर लिया गया है। जिसमें वित्तमंत्री को भी विश्वास न करना कितना सही है या नहीं, वह भाजपा जानती होगी। लेकिन इस बात को हम भी मानते हैं कि नोटबंदी के फैसले ने उस भाजपा को गरीबों की पार्टी बना दिया है जिस पर पूंजीपतियों की पार्टी होने का आरोप लगता रहा है। भले ही कालेधन पर मोदी के वादे अधूरे रहे हों और नहीं ही विदेशों से अब तक काला धन वापस आया है।

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