Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

पैराडाइज पेपर्स में घिरे पीएम मोदी के मंत्री, जयंत सि‍न्‍हा ने दी कुछ इस तरह सफाई

पैराडाइज पेपर्स के खुलासे के बाद मोदी सरकार में विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा भी घिरते नजर आ रहे हैं।

पैराडाइज पेपर्स में घिरे पीएम मोदी के मंत्री, जयंत सि‍न्‍हा ने दी कुछ इस तरह सफाई

पैराडाइज पेपर्स के खुलासे के बाद मोदी सरकार में विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा भी घिरते नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि उन्होंने ट्विटर पर अपनी सफाई दे डाली है। जयंत सिन्हा ने माना है कि वह ओमिद्यार नेटवर्क से जुड़े हुए थे, लेकिन उस दौरान का लेन-देन सब कुछ कानूनी था।

यह भी पढ़ें: हनीप्रीत इंसा की पंचकूला कोर्ट में पेशी, सुनवाई में दी गई दमदार दलीलें

यह भी पढ़ें: केरल लव जिहाद केस: हादिया से मुलाकात करेगा राष्ट्रीय महिला आयोग

विमानन राज्य मंत्री ने बताया कि वह सितंबर 2009 में ओमिद्यार नेटवर्क से जुड़े थे। उस दौरान वह मैनेजिंग डायरेक्टर थे। लेकिन, जब सियासी पारी शुरू की, तो 2013 में इस कंपनी से अपने रिश्ते खत्म कर लिए।

यह भी पढ़ें: कश्‍मीर में आज से बातचीत का सिलसिला शुरू करेंगे वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा

सिन्हा ने यह भी स्वीकार किया कि 2010 में अमेरिकी कंपनी डी लाइट डिजाइन में ओमिद्यार नेटवर्क की निवेश की प्रक्रिया को उन्होंने ही शुरू किया था। साथ ही वह नवंबर 2014 तक डी लाइट डिजाइन के बोर्ड में ओमिद्यार नेटवर्क की ओर से शामिल भी रहे।

यह भी पढ़ें: फिल्म 'पद्मावती' पर सियासत तेज, भाजपा के बाद कांग्रेस भी फिल्म के खिलाफ

मंत्री ने कहा कि उन्होंने इस दौरान जो भी लेन-देन किया, वह कंपनी के लिए किया। अपने निजी स्तर पर कोई काम नहीं किया। इस तरह सभी कुछ कानून के दायरे में ही हुआ। इसलिए इसको लेकर सवाल उठाना ठीक नहीं है।

यह भी पढ़ें: यमन के नजदीक हेलीकॉप्टर हादसे में सऊदी अरब के प्रिंस की मौत, उठे कई सवाल

उन्होंने बताया कि ओमिद्यार नेटवर्क छोड़ने के बाद वह डी लाइट के स्वतंत्र निदेशक बने। ऐसा इसलिए कि उन्हें ऐसा करने के लिए कहा गया था। इस तरह जनवरी 2014 से नवंबर 2014 तक वह डी लाइट के स्वतंत्र निदेशक बने रहे।

यह भी पढ़ें: ममता बनर्जी ने जीएसटी को बताया 'ग्रेट सेल्फिश टैक्स'

सिन्हा ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल होने पर के बाद उन्होंने फौरन डी लाइट बोर्ड से रिजाइन कर दिया। साथ ही इसमें अपनी तमाम भागीदारी को भी समाप्त कर दी। इस तरह पैराडाइज पेपर्स में जिक्र किया गया लेन-देन पूरी तरह कानूनी है।

Next Story
Share it
Top