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जोधपुर पहुंची पाकिस्तानी दुल्हन, सुषमा ने दिया ''शादी का तोहफा''

सुषमा की इस मदद को दोनों परिवार उनकी ओर से ''शादी का तोहफा'' मान रहे हैं।

जोधपुर पहुंची पाकिस्तानी दुल्हन, सुषमा ने दिया
जोधपुर. एक महीने की अनिश्चितता के बाद जोधपुर के नरेश तेवानी कराची की प्रिया के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। पाकिस्तान के कराची से अपनी बारात लेकर भारत पहुंची प्रिया का सोमवार को जोधपुर में विवाह होगा।तय वक्त पर दोनों की शादी कराने में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की भूमिका अहम रही। सुषमा के दखल के बाद ही दुल्हन प्रिया और उसके परिवार को शादी में शामिल होने के लिए भारतीय दूतावास ने वीजा दिया। सुषमा की इस मदद को दोनों परिवार उनकी ओर से 'शादी का तोहफा' मान रहे हैं।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सुनिश्चित किया था कि पाकिस्तान में भारतीय दूतावास प्रिया और उनके परिवार को वीजा देगा। जोधपुर के नरेश और प्रिया की एंगेजमेंट तीन साल पहले हुई थी और 7 नवंबर को उनकी शादी होना तय हुई थी, पर पाकिस्तान में भारतीय दूतावास द्वारा परिवार को वीजा देने में की जा रही देरी की वजह से लगने लगा था कि शादी तय वक्त पर नहीं हो पाएगी।
शादी की तारीख नजदीक आते देख, आखिरकार दूल्हे नरेश ने विदेश मंत्री से ट्वीट के जरिए मदद मांगी। नरेश ने विदेश मंत्री से शादी के लिए पाकिस्तान से आने वाले 35 लोगों को वीजा दिलाने की गुहार लगाई। नरेश ने कहा, 'हम विदेश मंत्री के त्वरित रिस्पॉन्स के लिए उनके शुक्रगुजार हैं। परिवार के सभी 35 सदस्यों को जोधपुर आने के लिए वीजा मिल गया है, हालांकि दो टुकड़ों में।'
प्रिया और उसका परिवार रविवार को जोधपुर पहुंचे और आते ही शादी की तैयारियों में जुट गए। प्रिया ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं कि सब कुछ हमारे प्लान के हिसाब से हुआ, हम यहां शादी की रस्मों का आनंद ले रहे हैं।'
नरेश ने कहा कि हम मंत्रियों के त्वरित प्रतिक्रिया के शुक्रगुजार हैं। परिवार के सभी 35 सदस्यों को वीजा मिल गया और वह जोधपुर आ गए हैं। इस मौके पर आयोजित समारोह में दोनों ने एक दूसरे को अंगूठी पहनाई। प्रिया अपने तीस रिश्तेदारों के साथ में रविवार दोपहर जोधपुर पहुंची थी। सुषमा से की गई अपील के बाद प्रिया और उसके परिजनों को वीजा मिला।
प्रिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वीजा मिलने में आई अड़चन से घर के सभी लोग काफी निराश हो चुके थे, लेकिन मैं बहुत आशावादी हूं। मुझे शुरू से ही विश्वास था कि कोई न कोई राह निकल ही आएगी।
उसके कुछ रिश्तेदार शनिवार शाम भारत-पाक के बीच चलने वाली ट्रेन थार एक्सप्रेस से जोधपुर पहुंच चुके थे। जबकि अपने ग्यारह परिजनों के साथ वह मंदसौर में रहने वाली अपनी बहन के साथ रविवार को जोधपुर पहुंचीं।
दूल्हे के पिता कन्हैया लाल तेवानी ने कहा कि पाकिस्तान से आने वाले लोगों ने शादी की तारीख के हिसाब से वक्त पर वीजा के लिए आवेदन दे दिया था। उन्होंने कहा, 'हमने उसी हिसाब से तैयारियां शुरू कर दी थीं, शादी के कार्ड बंटने शुरू हो गए थे, मेहमानों के रुकने का इंतजाम कर दिया गया था, पर जब वीजा मिलने में देरी होने का पता चला तो हमने तैयारियां रोक दीं। इसके बाद हमारा सारा फोकस वीजा हासिल करने पर रहा।'
यह जानते हुए कि सुषमा स्वराज ऐसे मामलों पर कितना जल्दी रिस्पॉन्स देती हैं, तेवानी परिवार ने उनसे मदद की गुहार लगाने का फैसला किया। उन्होंने कहा, 'हमें खुशी है कि हमारे केस में भी यह बात सही साबित हुई।' पाकिस्तान से दुल्हन के परिवार के कुछ लोग वाघा बॉर्डर के जरिए आए औ कुछ थार एक्सप्रेस से।
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