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इस वजह से 500 और 1000 रु. के नोटों पर लगा बैन!

भारत की अर्थव्यवस्था में लगभग 400 करोड़ रुपए के नकली नोट हैं।

इस वजह से 500 और 1000 रु. के नोटों पर लगा बैन!
नई दिल्ली. मंगलवार की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को बंद किए जाने के बाद से पूरे देश में हड़कंप मच गई है। मध्यरात्रि से 500 रुपए और 1000 रुपए के नोटों के प्रचलन को समाप्त करने की घोषणा की गई है। नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार, आतंकवाद, कालाधन, जाली नोटों के गोरखधंधे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का ऐलान करते हुए ये फैसला सुनाया है। पीएम मोदी के इस कदम की काफी लोग सराहना कर रहे हैं।
फैसले के पीछे कई कारण
इस फैसले के पीछे कई कारण हैं जिनमें से एक कारण पाकिस्तान को भी बताया जा रहा है। एनआइए के एक पूर्व अधिकारी का कहना है कि भारत की अर्थव्यवस्था में लगभग 400 करोड़ रुपए के नकली नोट हैं। इस बात का अनुमान एनआइए ने एक सर्वेक्षण के दौरान लगाया था। लेकिन अब ये नकली नोटों का कारोबार खत्म हो जाएगा। पाकिस्तान और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम अब भारत में नकली नोटों का कारोबार नहीं कर पाएंगे।
नकली नोट पाकिस्तान की तरफ से भेजे जाते थे
एनआइए के एक पूर्व अधिकारी ने खुलासा करते हुए बताया कि भारत में सबसे ज्यादा नकली नोट पाकिस्तान की तरफ से भेजे जाते थे। जिनका इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया जाता था। यही नहीं अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम भी हवाला और नकली नोटों के जरिए ही भारत की अर्थव्यवस्था पर आघात कर रहा था। लेकिन सरकार के इस फैसले से इस कारोबार पर भी लगाम लगेगी।
रियल स्टेट में काला धन
जानकारी के मुताबिक रियल स्टेट में काला धन ही लगता था। इस काम को पाकिस्तान में बैठा माफिया डॉन दाऊद अपने गुर्गों के जरिए अंजाम देता था। 500 और एक हजार के नोट बंद करने का फैसला इसी कारोबार के खिलाफ सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक माना जा रहा है।
भारत में आर्थिक आतंकवाद का खेल बंद
500 और एक हजार के नोट बंद होने से भारत में आर्थिक आतंकवाद का खेल बंद हो जाएगा। इस खेल को पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई भारत में खेल रही थी। एनआइए ने नकली नोटों पर एक विशेष रिपोर्ट तैयार की थी। जिससे खुलासा हुआ था कि भारत की अर्थव्यवस्था में 400 करोड़ रुपए के नकली नोट इस समय लेनदेन में मौजूद हैं।
आर्थिक आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए मोस्टवांटेड डॉन दाऊद इब्राहिम का इस्तेमाल
वैसे तो पाकिस्तान की तरफ से नोटों पर लगाम लगाने के लिए भारत सरकार ने कई जांच एजेंसिया को काम पर लगा रखा था। लेकिन पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आइएसआइ भारत के खिलाफ आर्थिक आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए मोस्टवांटेड डॉन दाऊद इब्राहिम का इस्तेमाल भी कर रही थी।
हर 10 लाख संचालित नोटों में 250 नकली नोट
नकली नोटों पर तैयार की गई एनआइए की रिपोर्ट के मुताबिक हर 10 लाख संचालित नोटों में 250 नकली नोट हैं। आमतौर पर इस समय 400 करोड़ रुपए के नकली नोट देश की अर्थव्यवस्था में बेखौफ चल रहे हैं। एनआइए के इस अध्यन में पता चला है कि 70 करोड़ रुपए के नकली नोट हर साल भारतीय अर्थव्यवस्था में संचालित हो रहे हैं।
प्रत्येक नकली भारतीय नोट पर 30-40% का मुनाफा
एनआइए, आइबी, रॉ, राजस्व खुफिया और सीबीआइ निदेशालय की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ और पाक सेना को भारत में जाली नोटों के चलन से लगभग 500 करोड़ रुपए से ज्यादा का सालाना मुनाफा होता है। आइएसआइ को पाकिस्तान में उत्पादित प्रत्येक नकली भारतीय नोट पर 30-40% का मुनाफा मिलता है।
बांग्लादेश बॉर्डर पर महज 18 हजार रुपए में एक लाख के नकली भारतीय नोट
बांग्लादेश बॉर्डर पर महज 18 हजार रुपए में एक लाख के नकली भारतीय नोट मिलते हैं। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के बांग्लादेश में बैठे एजेंट्स ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए नकली नोटों का यही रेट फिक्स कर रखा है।
बिहार में एक लाख के नकली नोट का रेट 40 हजार रुपए
सूत्रों के मुताबिक भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के बाद बिहार में आते ही एक लाख के नकली नोट का रेट 40 हजार रुपए या उससे भी अधिक हो जाता है। दिल्ली और पंजाब की ओर पहुंचने पर एक लाख के नकली नोट की कीमत 50 से 70 हजार रुपए तक हो जाती है।
भारत की अर्थव्यस्था को बर्बाद करना चाहता है पाक
एनआइए के मुताबिक पाकिस्तान में छपने वाले जाली नोट बंगलादेश और नेपाल के रास्ते भारत पहुंचते हैं। पिछले एक साल में 30 करोड़ जाली नोट जब्त किए गए हैं। बाकी के 40 करोड़ भारतीय बाजार में पहुंचने में सफल हुए हैं। एनआइए ने हाल ही में खुलासा किया है कि पाकिस्तान भारत की अर्थव्यस्था को बर्बाद करने के लिए यह काम कर रहा है।
एक दो नहीं पूरे 65 कंसाइनमेंट भारत में पकड़े हैं
पिछले साल नकली नोटों के एक कंसाइनमेंट के पकडे जाने से ये खुलासा हुआ था। जांच एजेंसियों ने पिछले तीन महीने में एक दो नहीं पूरे 65 कंसाइनमेंट भारत में पकड़े हैं, जिनके तार इंटरनेशनल रैकेट से जुड़े थे। जिसमें चीन से भी भारत में नकली नोट पहुंचे थे।
जांच एजेंसियों के लिए ये बड़ी चुनौती होगी
500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद भारत ने पाकिस्तान के नकली नोटों का कारोबार बंद तो कर दिया है। लेकिन आने वाले समय में जांच एजेंसियों के लिए ये बड़ी चुनौती होगी कि नए 500 और 2000 के नोटों को पाकिस्तान न बना सके और न ही इसको भारत में भेज सके।
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