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भारत ''दुश्मनी'' छोड़ चीन-पाक आर्थिक गलियारे से जुड़े: पाक

पाक ने भारत को चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी) में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

भारत
इस्लामाबाद. आतंकवाद पर अलग-थलग पड़ते जा रहे पाकिस्तान ने एक हैरान करने वाला प्रस्ताव भारत को दिया है। पाकिस्तान के एक शीर्ष अफसर ने कहा है कि भारत को टकराव का रास्ता छोड़कर आर्थिक गलियारे से जुड़ना चाहिए। पाक ने भारत को चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी) में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
पाक अफसर ने कहा है कि भारत को पाकिस्तान के साथ 'दुश्मनी छोड़कर' अरबों डॉलर की परियोजना का संयुक्त रूप से लाभ उठाना चाहिए। क्वेटा स्थित दक्षिणी कमान के लेफ्टिनेंट जनरल आमिर रियाज ने मंगलवार को यह बात बलूचिस्तान फ्रंटियर कोर मुख्यालय में एक पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में कही।
अखबार 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने उनके हवाले से लिखा है कि भारत को पाकिस्तान के साथ 'शत्रुता छोड़कर' ईरान, अफगानिस्तान और अन्य मध्य एशियाई देशों के साथ 46 अरब डॉलर वाले सीपीईसी में शामिल होना चाहिए और उसका लाभ उठाना चाहिए।
पाक खुद आतंकवाद का सबसे बड़ा प्रायोजक
पाकिस्तान खुद आतंकवाद का सबसे बड़ा प्रायोजक है, पर उल्टे भारत को सीख देते हुए रियाज ने कहा, 'भारत को पाकिस्तान विरोधी गतिविधियां और तोड़फोड़ छोड़कर भविष्य के विकास का फल साझा करना चाहिए।' 46 अरब डॉलर की लागत वाली सीपीईसी का उद्देश्य चीन के पश्चिमी हिस्सों को बलूचिस्तान के रणनीतिक ग्वादर बंदरगाह के जरिये अरब सागर से जोड़ना है। भारत ने परियोजना को लेकर पहले ही अपनी चिंता व्यक्त कर दी है जो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से भी होकर गुजरता है।
बलूचिस्तान पर चेताया
पाकिस्तान के शीर्ष जनरल का यह बयान दोनों देशों के बीच तनाव और बलूचिस्तान में विध्वंसक गतिविधियों में भारत के शामिल होने के पाकिस्तान के आरोपों के बीच आया है। बलूचिस्तान की सुरक्षा की जिम्मेदारी पाकिस्तानी सेना के दक्षिणी कमान की है। रियाज ने साथ ही लोगों को आगाह किया कि वे स्वनिर्वासित नेताओं से गुमराह न हों। उन्होंने बलूचिस्तान में कानून और व्यवस्था में सुधार होने की बात करते हुए कहा कि आतंकवादी बंदूक के बल पर अपनी विचारधारा थोपने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उन्हें पराजित कर दिया गया है।
क्या है सीपीईसी?
करीब तीन हजार किलोमीटर लंबा यह गलियारा चीन के शिनजियांग प्रांत के काशगर को पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाह ग्वादर से जोड़ेगा। चीन 50 अरब डॉलर की राशि से अपने शिनजियांग प्रांत के काशगर शहर से पीओके के रास्ते पाक के ग्वादर बंदरगाह तक जाने वाले आर्थिक गलियारे का निर्माण कर रहा है। गलियारे का महत्व इस बात से समझा जा सकता है कि इसकी सुरक्षा के लिए विशेष बल होगा। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरने के कारण भारत इस परियोजना का विरोध कर रहा है। भारत चीन से इस मामले में कड़ा ऐतराज जता चुका है।
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