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पाकिस्तान होने वाला है कंगाल, चीन भी नहीं बचा पायेगा- जानें क्यों?

आतंक का सिरमौर कहे जाने वाले पाकिस्तान की अब ऐसी स्थिति है की 10 हफ्ते यानी ढाई महीने में ही पूरी तरह कंगाल होने वाला है। दरअसल, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था लगातार गिरती जा रही है। पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ भी इतना बढ़ गया है की पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था ध्वस्त होने के कगार पर है।

पाकिस्तान होने वाला है कंगाल, चीन भी नहीं बचा पायेगा- जानें क्यों?
आतंक का सिरमौर कहे जाने वाले पाकिस्तान की अब ऐसी स्थिति है की 10 हफ्ते यानी ढाई महीने में ही पूरी तरह कंगाल होने वाला है। दरअसल, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था लगातार गिरती जा रही है। पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ भी इतना बढ़ गया है की पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था ध्वस्त होने के कगार पर है।
बुधवार तक के आकड़ों के अनुसार, एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपए की कीमत लगभग 122 रुपए तक हो गयी है। जबकि भारत रूपया 1 डॉलर के मुकाबले 67 रुपए पर बरकरार है।
इससे साफ़ तौर पर समझा जा सकता है की इस समय पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था किस हाल में है। आंकड़ो के हिसाब से वर्तमान समय में भारत का 100 रुपया पकिस्तान में 175.05 रुपये के बराबर है।
ईद का समय भी चल रहा है। ऐसे में पाकिस्तानी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है की पाकिस्तान के नागरिक यह त्यौहार धूमधाम और हर्षोलाश के साथ मना सके और सरकार की नाकामी से उनके त्यौहार पर कोई असर न पड़े।
इस समय पाकिस्तान में चुनाव भी होने वाले है और पाकिस्तान में इस समय जो चुनावी सरगर्मी चल रही है जिसमे देश की यह स्थिति चुनाव के लिए एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।

इस बार चीन भी नहीं बचा पायेगा

कार्यवाहक वित्त मंत्री शमशाद अख्तर ने कहा, ‘हमें 25 अरब डालर के अपने व्यापार घाटे के अंतर को हमारे भंडार के जरिए पाटना होगा और कोई विकल्प नहीं है.’। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के समक्ष यह प्रमुख चिंता है।

देश के केंद्रीय बैंक ने रुपये में 3.7% का अवमूल्यन किया है। हाल ही में जारी की गयी रिपोर्ट के मुताबिक़ पाकिस्तान के पास इस समय लगभग 10.3 अरब डॉलर का ही विदेशी मुद्रा भण्डार है। जबकी भारत के पास इस समय 413 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भण्डार मौजूद है।

चीन इस समय पाकिस्तान में कई प्रोजेक्ट बना रहा है जिसमे चाइना पाकिस्तान इकनोमिक कोरिडोर(CPEC) सबसे अहम है। चीन ने इसी वित्तीय वर्ष में पाकिस्तान का कर्ज करीब 5 बिलियन डॉलर तक पहुचने के कगार पर है।
पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, पाकिस्तान भुगतान संकट के चलते चीन से 1-2 बिलियन डॉलर लगभग 135 करोड़ का नया लोन लेने जा रहा है। पाकिस्तान के अर्थव्यवस्था की बदहाली का एक बड़ा कारण पाकिस्तान का चीन पर निर्भरता का निरंतर बढ़ाना है।
जिससे चीन समय समय पर पाकिस्तान को हर संभव मदद करता रहता है चाहे वह युद्ध के मैदान में हो या पाकिस्तान में खेती करने की बात हो।
चाइना पाकिस्तान इकनोमिक कोरिडोर के निर्माण में भी मजदूर से लेकर सुरक्षा तक चीन की देख रेख में ही है। जिससे पाकिस्तान के नागरिकों को ना ही रोजगार मिल रहा है न ही बुनियादी सुविधाएं।
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