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पाकिस्तान ईशनिंदा मामले विवाद में घिरी महिला के पति ने मांगी शरण

ईशनिंदा मामले के केंद्र में फंसी एक पाकिस्तानी महिला के पति ने यह कहते हुए देश छोड़ने में अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार लगायी है कि उन्हें अपने परिवार की सुरक्षा का डर है।

पाकिस्तान ईशनिंदा मामले विवाद में घिरी महिला के पति ने मांगी शरण

ईशनिंदा मामले के केंद्र में फंसी एक पाकिस्तानी महिला के पति ने यह कहते हुए देश छोड़ने में अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार लगायी है कि उन्हें अपने परिवार की सुरक्षा का डर है।

आसिया बीबी के पति आशिक मसीह ने अपने इस अनुरोध से महज एक दिन पहले ही कट्टरपंथी इस्लामवादियों के साथ सरकार के समझौते की आलोचना की थी और प्रशासन से अपनी पत्नी की रक्षा का आह्वान किया था। इस समझौते के चलते आसिया कानूनी रुप से अधर में फंस गयी हैं।
ईशनिंदा के आरोपों में 2010 से बीबी काल कोठरी में सजा ए मौत का इंतजार कर रही थीं। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को उन्हें बरी कर दिया।

उच्चतम न्यायालय के इस फैसले पर कट्टर इस्लामवादियों के प्रदर्शनों से तीन दिनों तक पाकिस्तान का जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। सरकार प्रदर्शन खत्म कराने के लिए बीबी को देश छोड़कर जाने से रोकने के लिए उन पर यात्रा रोक लगाने पर राजी हो गई। उसने कहा कि वह कट्टरपंथियों की अपील पर एतराज नहीं करेगी।

बीबी की रिहाई के खिलाफ अब अपील दायर की गयी है। मसीह ने यह कहते हुए सरकार के समझौते की आलोचना की कि यह गलत है।

मासिह ने कहा, 'मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हमें (देश) छोड़ने में मदद करने का अनुरोध करता हूं और मैं ब्रिटिश प्रधानमंत्री से हमें मदद करने, हमें अजादी दिलाने में यथासंभ्व प्रयास करने का अनुरोध करता हूं।' उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री से भी मदद मांगी है।

ब्रिटिश पाकिस्तानी क्रिश्चियन एसोसिएशन के विल्सन चौधरी ने एएफपी से कहा कि यह परिवार अमेरिका, ब्रिटेन या कनाडा से आश्रय या सुरक्षित जगह पहुंचने में मदद की आस लगाये हुए है। चौधरी ने कहा, 'इन देशों में सर्वाधिक पाकिस्तानी ईसाई हैं।'

उन्होंने कहा कि मसीह अपने अन्य रिश्तेदारों और उन लोगों के लिए भी शरण मांग रहे हैं जिन्होंने उनकी पत्नी के मामले में मदद की।

उन्होंने कहा, 'यदि आसिया बीबी देश छोड़ती है तो परिवार के हर सदस्य और उनसे जुड़े हर व्यक्ति की हत्या कर दी जाएगी।' चौधरी ने कहा कि बीबी के बरी होने पर परिवार को मिली प्रारंभिक राहत पीड़ा में बदल गयी।
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