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करतारपुर कॉरिडोर एक तरफा, न तो पाक सिख भारत आ पाएंगे न भारतीय सिख पाक जा पाएंगे

करतारपुर कॉरिडोर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और पाकिस्तान आर्मी ने नया पैंतरा चला है। पाकिस्तान ने कहा है कि कॉरिडोर वन वे होगा।

करतारपुर कॉरिडोर एक तरफा, न तो पाक सिख भारत आ पाएंगे न भारतीय सिख पाक जा पाएंगे

करतारपुर कॉरिडोर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और पाकिस्तान आर्मी ने नया पैंतरा चला है। पाकिस्तान ने कहा है कि कॉरिडोर वन वे होगा। पाकिस्तान आर्मी के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा है कि कॉरिडोर एक तरफा होगा।

पाक आर्मी के इस फैसले का मतलब है कि पाकिस्तान के सिख इस गलियारे का इस्तेमाल कर भारत नहीं आ सकेंगे। इसके अलावा करतारपुर जाने वाले भारत के सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर के अंदर ही रहना होगा।

भारत से आए श्रद्धालुओं को कॉरिडोर से बाहर जाने पर मनाही होगी। पाक आर्मी के मुताबिक कॉरिडोर को बनाने में 6 महीने का वक्त लगेगा। कॉरिडोर तैयार हो जाने के बाद एक दिन में 4 हजार सिख श्रद्धालु रोजाना यहां आ सकेंगे।

मेजर जनरल आसिफ गफूर ने भारतीय मीडिया पर भी अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर पर पाकिस्तान के प्रयासों को भारतीय मीडिया ने नकारात्मक रूप से पेश किया।

पाक पीएम इमरान खान ने भी कहा कि यह बहुत ही दुखद बात है कि भारतीय मीडिया ने करतारपुर कॉरडोर खोलने का राजनीतिकरण किया और इसे ऐसे पेश किया जैस पाकिस्तान ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए ऐसा किया है। जबकि इसमें सच्चाई नहीं है।

आस्था के मुद्द पर पाक ने सियासी लाभ लेने की कोशिश

पाकिस्तान सेना के बयान के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने भी टिप्पणी की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि आस्था से जुड़े इस मुद्दे पर पाकिस्तान ने राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की।

रवीश कुमार ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि करतारपुर कॉरिडोर पर पाकिस्तान ने जो वादा किया है उसे पूरा करेगा। भारत ने कहा है कि करतारपुर कॉरिडोर पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आधिकारिक प्रतिक्रिया दे दी है।

राजनीति लाभ नहीं लेना चाहिए था

रवीश कुमार ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर का खोला जाना सिखों के लंबे समय से लंबित मांग का पूरा होने जैसा है। पाकिस्तान को इससे राजनीतिक लाभ नहीं लेना चाहिए।

करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास के बाद पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि भारत पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान की गुगली में फंस गया है।

भारत ने उठाया प्रोटोकाल ऑफिसर को अंदर नहीं जाने देने का मुद्दा

इस दौरान भारत ने करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास के वक्त भारत के प्रोटोकॉल ऑफिसर को अंदर नहीं देने जाने का मुद्दा उठाया। विदेश मंत्रालय ने कहा, करतारपुर में कार्यक्रम के दौरान प्रोटोकॉल ऑफिसर्स को कैबिनेट मंत्रियों के साथ होना चाहिए था, लेकिन उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया।

इमरान बोले-भारतीय मीडिया ने करतारपुर खोलने का राजनीतिकरण किया

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को कैबिनेट बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारतीय मीडिया ने करतापुर बॉर्डर खोलने का राजनीतिकरण किया।

भारतीय मीडिया ने इसे ऐसे पेश किया जैसे हमलोगों ने राजनीतिक माइलेज लेने की कोशिश की। जबकि यह सच नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी पीटीआई के घोषणापत्र में इसका हमने वादा किया था।

यही कारण है कि हमने कारतारपुर बॉर्डर को खोला। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिंदुओं और बौद्ध धर्मावलंबियों के कुछ धार्मिक स्थल हैं। हमलोगों के उन स्थलों को खोलना चाहिए।

सिख समुदाय ने करतारपुर बॉर्डर खोलने का अच्छा प्रतिसाद दिया। जैसे मुस्लमानों के लिए मक्का है वैसे ही सिखों के लिए करतारपुर है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि भारत इसका सकारात्मक जबाव देगा।

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