logo
Breaking

आधार को लेकर पी.चिदंबरम और नारायणमूर्ति में हुई टक्कर, कहा- आधार से न जोड़े बैंक अकाउंट

जबसे भारत में आधार कार्ड आया है, तबसे इस पर लगातार बहसें हो रही है। विपक्ष और राजनीतिक पार्टियां लगातार नागरिकों की निजता को नुकसान बताकर केंद्र सरकार घेरने की कोशिश कर रही है।

आधार को लेकर पी.चिदंबरम और नारायणमूर्ति में हुई टक्कर, कहा- आधार से न जोड़े बैंक अकाउंट

जबसे भारत में आधार कार्ड आया है, तबसे इस पर लगातार बहसें हो रही है। विपक्ष और राजनीतिक पार्टियां लगातार नागरिकों की निजता को नुकसान बताकर केंद्र सरकार घेरने की कोशिश कर रही है। इसी क्रम में आधार को लेकर एक बार पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम और आईटी के जाने-माने दिग्गज एनआर नारायणमूर्ति के बीच बहस छिड़ गई।

सरकार की ओर से हर चीज को आधार नंबर से जोड़ने के कदम की आलोचना करते हुए चिदंबरम ने कहा कि सरकार इस बारे में हर चीज को अनसुना कर रही है। वो हर चीज को आधार से जोड़ना के खिलाफ कुछ भी सुनना नहीं चाहती है। तो वहीं नारायणमूर्ति ने आधार की वकालत करते हुए निजता के संरक्षण के लिए संसद के कानून बनाने की वकालत की।
सरकार क्यों जानना चाहिए?
चिदंबरम ने सवाल किया, "सरकार को ये क्यों जानना चाहिए कि मैं कौन सी दवाइयां खरीदता हूं, कौन सा सिनेमा देखता हूं, कौन से होटल जाता हूं और कौन मेरे दोस्त हैं। यदि मैं सरकार में होता तो मैं लोगों की इन सभी गतिविधियों के बारे में जानने का प्रयास नहीं करता।"
17 जनवरी तक रोका जाए
इस पर नारायणमूर्ति ने कहा, "मैं आपसे सहमत नहीं हूं। आज जिन चीजों की बात कर रहे हैं वो सभी गूगल पर उपलब्ध हैं।" चिदंबरम ने कहा कि उन्होंने अपने बैंक खाते को आधार से नहीं जोड़ा है। उन्होंने कहा कि आधार से खातों को जोड़ने की गतिविधियों को 17 जनवरी तक रोका जाना चाहिए। जब पांच न्यायाधीशों की संविधान इस मामले में विभिन्ना याचिकाओं की सुनवाई शुरू करेगी।
चिदंबरम ने ये भी कहा
  • प्रत्येक लेनदेन के लिए आधार के इस्तेमाल के गंभीर परिणाम होंगे।
  • इससे भारत ऐसे देश में तब्दील हो जाएगा जो समाज कल्याण की दृष्टि से घातक होगा।
  • यदि कोई युवा पुरुष और युवा महिला, बेशक शादीशुदा नहीं हैं और वो निजी छुट्टियों मनाना चाहते हैं, तो इसमें गलत क्या है?
Loading...
Share it
Top