Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

तीन तलाक बिल: ''3 जनवरी'' बनेगी ऐतिहासिक, लेकिन विपक्ष खेल सकती है ये बड़ा ''दांव''!

28 दिसंबर को लोकसभा में बिल पास कराकर मोदी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को तीन दिन पहले ही नए साल का जश्न मनाने का मौका दिया था।

तीन तलाक बिल:

28 दिसंबर को लोकसभा में बिल पास कराकर मोदी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को तीन दिन पहले ही नए साल का जश्न मनाने का मौका दिया था। लेकिन सरकार को इस बिल को अमली जामा पहनाने के लिए उच्च सदन यानी राज्यसभा से भी पास करवाना होगा जहां सरकार के पास पर्याप्त आंकड़ा नहीं है।

विपक्षी दलों से जारी है बातचीत

एक साथ तीन तलाक को अपराध ठहराने वाला बिल राज्यसभा में बुधवार को पेश किया जा सकता है। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि बिल पर सहमति बनाने के लिए सरकार कांग्रेस और दूसरी पार्टियों के साथ बातचीत कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्यसभा में भी बिल आसानी से पास हो जाएगा।

बिल के मुताबिक एक साथ तीन तलाक पर पति को 3 साल तक की सजा हो सकती है और कुछ विपक्षी दलों को इसी पर ऐतराज है। लेफ्ट का कहना है कि भाजपा राजनीतिक फायदे के लिए जल्दबाजी में इस बिल को लेकर आई है और उसका मकसद सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना है।

यह भी पढ़ें- सरकार के आश्वासन के बाद डॉक्टरों ने वापस ली हड़ताल, NMC बिल का कर रहे थे विरोध, जानें पूरा मामला

कांग्रेस पर है सबकी नजर

बिल का भविष्य बहुत हद तक कांग्रेस के रुख पर निर्भर है। बिल को लेकर लेफ्ट और कांग्रेस के बीच भी बातचीत चल रही है। कांग्रेस पर विपक्षी दलों का भी दबाव है। दरअसल बिल का विरोध कर रहीं ज्यादातर पार्टियों का कहना है कि वे एक साथ तीन तलाक के खिलाफ हैं लेकिन सजा वाले प्रावधानों के खिलाफ हैं।

वाम पार्टियों स्टैंडिंग कमेटी में भेजन चाहतीं

सीपीआई सांसद डी.राजा ने कहा, यह मंगलवार के लिए सूचीबद्ध था। जहां तक वाम पार्टियों का संबंध है, हमारी मांग है कि इसे स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाए। डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा-इसे सिलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए। शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने भी बिल को राज्यसभा की सिलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की है। पार्टी सांसद माजिद मेमन ने यह मांग रखी।

कांग्रेस ने नहीं लिया फैसला

कांग्रेस तान तलाक बिल पर अब तक फैसला नहीं ले पाई है। वो दूसरी पार्टियों से बात कर रही है। गुलाम नबी आजाद ने कुछ विपक्षी नेताओं से चर्चा की है। माना जा रहा है कि कांग्रेस इसमें हर्जाने के प्रावधान समेत और बदलावों की मांग कर सकती है।

कांग्रेस भ्रमित है : नकवी

केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने तीन तलाक बिल के मसले पर कहा कि कांग्रेस इसे लेकर भ्रमित है। नकवी ने कहा, मुस्लिम महिलाएं इस बिल को लेकर खुश हैं तो फिर कांग्रेस दुखी क्यों है। कांग्रेस एक कदम आगे जाती और फिर 10 कदम पीछे हट जाती है।

यह भी पढ़ें- पुणे हिंसा: अंग्रेजों की 200 साल पुरानी जीत का जश्न मना रहे थे दलित, सुलगा महाराष्ट्र- रूकी मुंबई की लाइफ लाइन

राज्यसभा में सरकार के सामने दिक्कत

फिलहाल, राज्यसभा में भाजपा और कांग्रेस दोनों के ही पास 57-57 सीटें हैं। सरकार के सामने दिक्कत ये है कि बीजू जनता दल और एआईएडीएमके जैसी पार्टियां इस सदन में मोदी सरकार की मदद करती रही हैं, लेकिन तीन तलाक बिल का विरोध कर रही हैं।

ऐसे में, अगर यह बिल स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाता है तो इसका मतलब यह हुआ कि सरकार इसे शीतकालीन सत्र में पारित नहीं करवा पाएगी। यह सत्र इस हफ्ते के आखिर में खत्म हो जाएगा। यह बिल कानून बने, इसके लिए दोनों सदनों से इसका पास होना जरूरी है।

ये है राज्यसभा की स्तिथि

निर्दलीय और मनोनित सदस्यों को छोड़ दें तो राज्यसभा में 28 पार्टियों के सदस्य हैं।

भाजपा- 57 कांग्रेस- 57

तृणमूल कांग्रेस- 12 समाजवादी पार्टी- 18

एआईएडीएमके- 13 सीपीएम- 7

सीपीआईए- 1 डीएमके- 4

एनसीपी- 5 पीडीपी- 2

इंडियन नेशनल लोकदल- 1 शिवसेना- 3

तेलगुदेशम- 6 टीआरएस- 3

वाएसआर- 1 अकाली दल- 3

आरजेडी- 3 आरपीआई- 1

जनता दल (एस)- 1 केरल कांग्रेस- 1

नागा पीपुल्स फ्रंट- 1 एसडीएफ- 1

इनके अलावा 8 मनोनित और 6 निर्दलीय सदस्य भी राज्यसभा में हैं। भाजपा के मिलाकर एनडीए के कुल 88 सांसद हो रहे हैं। यह बिल पास कराने के आंकड़े से 35 कम है।

Share it
Top