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2011 में भी हुआ था ''ऑपरेशन'', पाक सैनिकों के सिर काट लाए थे जवान!

''द हिंदू'' का दावा है कि 2011 में भी एक सर्जिकल स्‍ट्राइक ''ऑपरेशन जिंजर'' हुआ था।

2011 में भी हुआ था
नई दिल्ली. उरी में हुए हमले के बाद भारतीय सेना ने जो सर्जिकल स्‍ट्राइक किया था उसे लेकर देशभर में जश्‍न के साथ जल्द ही इस पर राजनीति भी शुरू हो गई। जहां एक तरफ इस स्‍ट्राइक के सबूत मांगने को लेकर बयानबाजी होने लगी वहीं कांग्रेस ने दावा किया कि 2013-14 में उनके शासन में भी सर्जिकल स्‍ट्राइक हुआ था लेकिन उन्‍होंने इसका प्रचार नहीं किया। हालांकि इसे एक पूर्व डीजीएमओ ने नकार दिया।
अब एक अंग्रेजी अखबार 'द हिंदू' ने दावा किया है कि 2011 में भी एक सर्जिकल स्‍ट्राइक ऑपरेशन जिंजर हुआ था जिसमें भारतीय सैनिक तीन पाक सैनिकों के सिर कलम कर ले आए थे। ‘ऑपरेशन जिंजर’ पाकिस्तानी सेना की उस कार्रवाई के जवाब में किया गया था जिसमें 6 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। जैसे को तैसा जैसी कार्रवाई करते हुए भारतीय सेना पीओके में घुस गई थी और 8 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया गया था।
अखबार ने दावा किया है कि कुछ आधिकारिक कागजात इस बात की पुष्टि करते हैं। इस दौरान भारत और पाक द्वारा दो सर्जिकल स्‍ट्राइक हुए थे जिसमें कुल 13 सैनिक मारे गए थे और उनमें से 6 के सिर कलम हुए थे।
इससे जुड़े हुए आधिकारिक दस्तावेज भी सामने आए हैं। कुपवाड़ा बेस 28 डिविजन के मुखिया रहे रिटायर्ड मेजर जनरल एसके चक्रवर्ती ने भारत के सर्जिकल स्ट्राइक की प्लानिंग और एग्जेक्यूशन किया था। उन्होंने कार्रवाई की पुष्टि की है, लेकिन अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया। ये कार्रवाई 'जैसे को तैसे' अभियान के तहत की गई थी।
दो सैनिकों का सिर ले गया था पाक
पाकिस्तान की ओर से किए गए सर्जिकल स्ट्राइक में कुपवारा के गुगलधर रिज के आर्मी पोस्ट को निशाना बनाया गया था। 30 जुलाई 2011 की दोपहर में राजपूत और कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों पर हमला किया गया था। दरअसल, पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम ने जब हमला किया, उस वक्त 19 राजपूत को 20 कुमाऊं से बदला जाना था। हमले के बाद हवलदार जैपाल सिंह अधिकारी और लांस नायक देवेंद्र सिंह का सिर पाकिस्तानी अपने साथ ले गए थे। घटना के बारे में जानकारी देने वाले एक सैनिक की बाद में मौत हो गई थी।
भारत ने लिया था बदला
बदले की कार्रवाई में भारत ने ऑपरेशन जिंजर प्लान किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑपरेशन जिंजर भारतीय सेना के सबसे खौफनाक कार्रवाई में से एक है। क्रॉस बॉर्डर हमला करने से पहले 7 बार रेकी की गई थी और टार्गेट फिक्स किए गए थे। करीब दो महीने तक रेकी करने के बाद 30 अगस्त 2011 को सेना ने ऑपरेशन जिंजर शुरू किया था। ऑपरेशन में शामिल एक व्यक्ति के मुताबिक, 'भारत ने मंगलवार को ऑपरेशन शुरू किया, क्योंकि 1999 के कारगिल वार सहित मंगलवार को शुरू किए गए अन्य ऑपरेशन में भी भारत को जीत मिली थी।' ये ऑपरेशन ईद के ठीक एक दिन पहले शुरू की गई थी। भारतीय सैनिकों ने इस दौरान तीन पाकिस्तान सैनिक के सिर काटकर अपने साथ लाए।
2008 और 2013 में भी हुई थी ऐसी घटनाएं
जून 2008 में 2/8 गोरखा राइफल के एक जवान अपना रास्ता भूल गया था। इस जवान को पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम ने केल सेक्टर में पकड़ लिया। कुछ दिन बाद जवान की बॉडी बिना सिर के मिली थी. इसके जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तानी पोस्ट पर हमला किया था और 4 पाकिस्तानी सैनिकों का सिर अपने साथ लाए थे और करीब 8 पाकिस्तानी सैनिकों को मार भी गिराया था।
जनवरी 2013 में पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम ने लांस नायक हेमराज का सिर काट लिया था। इसके जवाब में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन बदला' को अंजाम दिया था। ऑपरेशन में एक पाकिस्तानी पोस्ट को पूरी तरह खत्म कर दिया गया था और करीब 6 पाकिस्तानी सैनिक और आतंकवादी मारे गए थे।
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