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ऑनलाइन शॉपिंग कंपनीज ने बंद की कैश ऑन डिलीवरी सेवा

सरकार द्वारा पांच सौ और एक हजार के नोट बंद करने पर लिया गया निर्णय।

ऑनलाइन शॉपिंग कंपनीज ने बंद की कैश ऑन डिलीवरी सेवा

नई दिल्ली. भारत सरकार द्वारा 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोट बंद करने की स्कीम का असर दिखना शुरू हो गया है। ऑनलाइन शॉपिंग कराने वाले कंप‍नियों ने ग्राहकों को कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प देना बन्द कर दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात राष्‍ट्र के नाम संबोधन में ऐलान किया था कि 8 नवंबर की रात 12 बजे के बाद से 500 और 1000 रुपए के नोट गैरकानूनी हो जाएंगे। हालांकि यह नोट अस्‍पतालों, पेट्रोल पंपों, रेलवे स्‍टेशनों, मेट्रो स्‍टेशनों और केमिस्‍ट्स के यहां 11 नवंबर तक चल सकेंगे, लेकिन बाकी जगह इनका प्रयोग नहीं हो सकेगा।

अमे‍जन से कैश ऑन डिलीवरी विकल्‍प सैलेक्‍ट करने पर एक संदेश दिखाया जा रहा है, ”हमने कैश ऑन डिलीवरी को स्‍थगित कर दिया है ताकि आपके पास जरूरी पेमेंट्स के लिए कैश बचा रहे।” संदेश में लोगों से अपने डेबिट/क्रेडिट कार्ड्स या नेट बैंकिंग का इस्‍तेमाल खरीदारी के लिए करने की सलाह दी गई है।

स्‍नैपडील में भुगतान के लिए कैश ऑन डिलीवरी का विकल्‍प सेलेक्‍ट हो रहा है मगर वेबसाइट पर एक घोषणा दी गई है, ”500 व 1000 रुपए के वर्तमान करेंसी नोट्स बंद कर दिए गए हैं। कृपया सही मूल्‍य के नोट डिलीवरी के वक्‍त भुगतान के लिए तैयार रखें।” यह साफ नहीं किया गया है कि जिन लोगों ने कैश ऑन डिलीवरी के जरिए महंगा सामान खरीदा है, वे भुगतान कैसे करेंगे। क्‍योंकि ज्‍यादातर लोगों के पास 100 रुपए के इतने सारे नोट होने की संभावना बेहद कम है।

बीते दें कि इसलिए ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी फ्लिपकार्ट, अमेजन और स्‍नैपडील ने अपनी वेबसाइट पर कैश ऑन डिलीवरी (CoD) का विकल्‍प देना बंद कर दिया है।

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