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रायबरेली: इंजीनियर ने खोला NTPC ब्लास्ट का पूरा राज, बताई 3 वजहें

एनटीपीसी के पावर प्लांड में हुई दुर्घटना से 26 लोगों की मौत हो गई।

रायबरेली: इंजीनियर ने खोला  NTPC ब्लास्ट का पूरा राज, बताई 3 वजहें
उत्तर प्रदेश के ऊंचाहार में एनटीपीसी के पावर प्लांट में हुई दुर्घटना की वजह से 26 लोगों की मौत हो गई और 150 से ज्यादा लोग घायल है। बॉयलर में हुआ ब्लास्ट इतना भयानक था कि आसपास काम करने लोगों की लाश का इतना बुरा हाल हो गया था कि देखने लायक नहीं बची थीं।
सबसे पहले तो बॉयलर से जोरदार आवाज आई और फिर क्षेत्र में धुंआ फैल गया। अब सवाल ये उठता है कि आखिर इस हादसे की जिम्मेदारी कौन लेगा, क्या हुआ जो इतना बड़ा हादसा हो गया।
एनटीपीसी के एक इंजीनियर ने खुलासा किया है कि इस हादसे की प्रमुख वजहें क्या हैं दरअसल रायबरेली ऊंचाहार में 500 मेगावॉट की यूनिट नंबर 6 के बॉयलर का स्टीम पाइप फट गया जिसकी वजह से 26 लोगों की मौत हो गई। बॉयलर के एकदम करीब मौजूद 25 मजदूर झुलस गए क्योंकि बॉयलर में स्टीम का तापमान 500 डिग्री था। बॉयलर फटने से कई लोग राख के मलबे में दब गए। पाइप से निकली राख से 10 मीटर दूरी पर बॉयलर में मौजूद लोगों की मौत हो गई।
इंजीनियर ने किए ये खुलासे
1. इंजीनियर ने बताया कि 500 मेगावाट की यूनिट ठीक से स्थापित भी नहीं हुई थी और काम शुरू कर दिया गया। उसने बताया कि जीएम इस यूनिट को मैनुअली इसलिए चला रहा था क्योंकि उसको प्रमोशन की लालसा थी। मैनुअल हैंडलिंग के कारण बॉयलर सेफ्टी प्रोटोकॉल को फॉलो नहीं किया गया।
2. इंजीनियर ने बताया कि प्रमोशन की लालच में जीएम ने तीन साल के प्रोजेक्ट को 2.5 साल में पूरा करवा दिया। मजदूरों की मानें तो कोयला जलने के बाद राख निकलने के लिए भी कोई जगह नहीं बनी थी जिसके कारण चेंबर में राख भर गई थी। इंजीनियर ने कहा कि हादसे में ऐश पाइप चोक हो गई थी जिससे बॉयलर फट गया।

3.इंजीनियर ने कहा कि चेयरमैन गुरदीप सिंह गुजरात इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के चेयरमैन थे। इन्हें विशेष नियमों के तहत एनटीपीसी में रखा गया था। उन्होंने बताया कि अनुभव न होने की वजह से छत्तीसगढ़ के लारा प्रोजेक्ट में भी हादसा हुआ था।
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