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NSG में शामिल हो सकता है भारत, अमेरिका ने लगाया पूरा जोर

इस बार पाकिस्तान को इससे बाहर रखने के लिए भी कहा गया है।

NSG में शामिल हो सकता है भारत, अमेरिका ने लगाया पूरा जोर
वाशिंगटन. कई सालों से भारत को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) के सदस्य बनाने के लिए चल रही चर्चा अब फिर तेज हो गई है। परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में नए देशों की सदस्यता को लेकर एक मसौदा तैयार किया गया है। इस मसौदे में एक तरफ जहां भारत को एनएसजी में शामिल करने की बात कही गई है, तो वहीं पाकिस्तान को इससे बाहर रखने के लिए भी कहा गया है।
इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक, वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन (एसीए) के अनुसार दो पृष्ठों के मसौदे में ऐसी नौ प्रतिबद्धताओं की पेशकश की गई है, जिनको भारत और पाकिस्तान देशों को पूरी सदस्यता हासिल करने के क्रम में जताने की ज़रूरत होगी। अमेरिकी सरकार के सूत्रों ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) को बताया कि मौजूदा 'समयसीमा' में यह सुनिश्चित नहीं है कि भारत को ओबामा प्रशासन के तहत सदस्यता मिलेगी।
एसीए के मुताबिक,पिछले हफ्ते अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया था कि एनएसजी के पूर्व चेयरमैन राफेल मेरियानो ग्रासी ने दो पन्नों का एक मसौदा तैयार किया है। ग्रासी ने यह दस्तावेज एनएसजी के वर्तमान अध्यक्ष दक्षिण कोरिया के सांग यंग वान की सलाह पर तैयार किया है अत: इसे अर्ध आधिकारिक स्तर प्राप्त है। ग्रासी के प्रस्ताव में कहा गया है कि एनएसजी समूह में शामिल होने के लिए आवेदन करने वाले गैर परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) वाले देश एक दूसरे की सदस्यता को लेकर आपत्ति नहीं उठा सकते।
बता दें कि एनएसजी के फैसलों के लिए सभी मेंबर्स का समर्थन जरूरी है। हर साल एक मीटिंग होती है। भारत ने इस साल अप्रैल में मेंबरशिप के लिए अप्लाई किया था। हालांकि, जून में एनएसजी प्लेनरी की मीटिंग में भारत की एंट्री हो नहीं पाई। चीन समेत करीब 10 देशों ने भारत का विरोध किया था।

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