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पीएम मोदी ने कहा- ''अब डाकिया सिर्फ डाक नहीं, बैंक भी घर लाएगा''

मोदी ने कहा कि हम सभी ने अक्सर यह गाना सुना होगा कि ‘डाकिया डाक लाया'' लेकिन अब से यह ‘डाकिया डाक लाया, डाकिया बैंक भी लाया'' होगा।

पीएम मोदी ने कहा- अब डाकिया सिर्फ डाक नहीं, बैंक भी घर लाएगा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारतीय डाक विभाग के भुगतान बैंक की शुरुआत की। इसका मकसद करीब तीन लाख डाकियों और 'ग्रामीण डाक सेवक' और डाकघर की शाखाओं के व्यापक तंत्र का उपयोग करके आम आदमी के दरवाजे तक बैंकिंग सेवायें पहुंचाना है।

इस सेवा की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अंतर्देशीय पत्र का स्थान ई-मेल ने लिया। बहुतों को लगता था कि प्रौद्योगिकी से डाक विभाग खतरे में पड़ जाएगा और डाकियों के सामने आजीविका संकट खड़ा हो जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘संचार क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के बढ़ते दखल ने हमारे सामने चुनौती पेश की और हमने उस चुनौती को एक अवसर में तब्दील किया।'

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मोदी ने भारतीय फिल्मों और साहित्य में ‘डाकिया' की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि वे लोगों तक केवल चिट्ठी नहीं पहुंचाते बल्कि अनपढ़ परिवार के लोगों के लिए उसे पढ़कर भी सुनाते हैं और उनकी तरफ से खतों का जवाब भी देते हैं।

उन्होंने कहा कि वही डाकिया अब नए अवतार में नजर आएगा, जहां वह लोगों तक बैंकिंग सेवाओं को पहुंचाएगा। साथ ही देश के सुदूरतम इलाकों में लोगों को डिजिटल तौर पर साक्षर भी बनाएगा।

मोदी ने कहा, ‘‘हम सभी ने अक्सर यह गाना सुना होगा कि ‘डाकिया डाक लाया' लेकिन अब से यह ‘डाकिया डाक लाया, डाकिया बैंक भी लाया' होगा।'

भारतीय डाक भुगतान बैंक (आईपीपीबी) किसी भी अन्य बैंक की तरह ही होगा लेकिन यह अपने ऊपर ऋण का जोखिम लिए बगैर छोटे पैमाने के लेन देन का काम करेगा। यह पैसे जमा करने-निकालने जैसे सामान्य बैंकिंग परिचालन सेवाएं देगा लेकिन क्रेडिट कार्ड जारी नहीं करेगा।

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आईपीपीबी की देशभर में 650 शाखाएं और 3250 संपर्क केंद्र होंगे। दिसंबर 2018 तक इसकी सेवाएं देश के सभी 1.55 लाख डाकघरों में शुरू कर दी जाएगी।

भुगतान बैंक में एक लाख रुपये तक जमा किया जा सकता है। इसके अलावा यह मोबाइल भुगतान, हस्तांतरण और एटीएम-डेबिट कार्ड, नैट बैंकिंग और थर्ड पार्टी पूंजी हस्तांतरण जैसी सुविधायें भी देगा।

केंद्रीय संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि उन्होंने कहा कि किसी भी खाते में एक लाख से ज्यादा का जमा होने पर वह स्वत: डाकघर बचत खाते में तब्दील हो जायेगा। आईपीपीबी को 17 करोड़ डाक बचत खातों को खूद की प्रणाली से जोड़ने की अनुमति दी गई है। इस बैंक में भारत सरकार की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

आईपीपीबी माइक्रो एटीएम, मोबाइल बैंकिंग एप, संदेश और फोन कॉल के माध्यम में संवाद इत्यादि की सेवाएं भी उपलब्ध कराएगा। आईपीपीबी तकनीक मंचों का लाभ उठाएगा।

यह खाता खोलने के लिए आधार का उपयोग करेगा, जबकि क्यूआर कोड और बॉयोमीट्रिक्स की मदद से प्रमाणीकरण, लेनदेन और भुगतान संबंधी कार्य होंगे। लेनदेन को सुगम बनाने के लिए ग्रामीण डाक सेवकों के पास स्मार्टफोन और बॉयोमीट्रिक उपकरण होंगे।

भुगतान बैंक बचत खाते पर 4 प्रतिशत का ब्याज देगा। आईपीपीबी ने ऋण और बीमा जैसे तीसरे पक्ष के उत्पादों की बिक्री के लिये पीएनबी और बजाज अलियांज लाइफ इंश्योरेंस जैसे वित्तीय सेवा प्रदाताओं के साथ गठजोड़ किया है।

इस हफ्ते की शुरूआत में मंत्रिमंडल ने आईआईपीबी के व्यय को बढ़ाकर 1,435 करोड़ रुपये करने की मंजूरी दे दी थी। ताकि आईआईपीबी इस क्षेत्र में पहले से मौजूद पेटीएम पेमेंट्स बैंक, एयरटेल पेमेंट्स बैंक इत्यादि से प्रतिस्पर्धा कर सके। आईपीपीबी के लिए सिफी टेक्नोलॉजीस नेटवर्क एकीकरण और सेवाप्रदाता की सुविधाएं देगी।

वहीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने तमिलनाडु में इसका आधिकारिक उद्घाटन किया। उन्होंने लोगों से अपील की वह आईपीपीबी का उपयोग राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का बेहतर लाभ उठाने के लिए करें।

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