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अब हर महीने मात्र 900 रुपये देकर खरीद सकते हैं हीरा

दुनिया का सबसे पहला डायमंड ट्रेडिंग एक्सचेंज होगा।

अब हर महीने मात्र 900 रुपये देकर खरीद सकते हैं हीरा

ढाई साल तक हर महीने महज 900 रुपए के निवेश से अच्छी क्वॉलिटी का हीरा आप खरीद सकते हैं। हाल ही में इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज (आईसीईएक्स) को सेबी से दुनिया का सबसे पहला डायमंड ट्रेडिंग मार्केट शुरू करने की मंजूरी मिल गई।

आईसीईएक्स अब सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) स्टार्ट करने जा रहा है ताकि रिटेल खरीदार यह बहुमूल्य रत्न खरीद सकें। एक्सचेंज के अधिकारियों ने बताया कि डायमंड एसआईपी भारत में ही शुरू हो रहा है और यह दुनिया में और कहीं नहीं है।

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डायमंड एसआईपी स्कीम के तहत खरीदार को आईसीईएक्स के ब्रोकर के साथ एक अकाउंट खुलवाना होगा। फिर नो योर क्लायंट (केवायसी) प्रोसेस पूरा करने के बाद ब्रोकर के पास कुछ पैसे जमा कराने होंगे।

खरीदार को यह भी बताना होगा कि ब्रोकर उसके लिए हर महीने की किस निश्चित तारीख को डायमंड (इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में) खरीदे।

ट्रेडिंग तीन अलग-अलग आकार में

आईसीईएक्स तीन अलग-अलग आकार के हीरे की ट्रेडिंग शुरू कर रहा है- 30 सेंट, 50 सेंट और 100 सेंट (एक कैरेट)। स्टॉक मार्केट की तरह ही डायमंड कॉन्ट्रैक्ट की ट्रेडिंग भी इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में ही होगी जिसे आम तौर पर डीमैट कहा जाता है।

चूंकि डायमंड डीमैट फॉर्म में उपलब्ध होगा, इसलिए खरीदार के हक में एक बात रहेगी कि वह चाहे तो 1 सेंट हीरा भी खरीद सकता है।

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फिजिकल फॉर्म में भी बदल सकते हैं

खरीदार हीरे को फिजिकल फॉर्म में कन्वर्ट तभी करवा सकता है जब उसके डीमैट अकाउंट में इसका वजन कम-से-कम 30 सेंट तक हो जाएगा। 50 सेंट और 1 कैरेट हीरे के लिए भी इसी तरह की एसआईपी स्कीम उपलब्ध होगी।

मौजूदा मूल्य के मुताबिक, 30 सेंट डायमंड की कीमत 24,000 रुपए है यानी 900 रुपए प्रति सेंट। अगर कोई व्यक्ति 30 महीने तक हर महीने 900 रुपए निवेश करता है तो ढाई साल बाद हीरा उसके हाथ में आ जाएगा।

हालांकि, आईसीईएक्स में हीरे की कीमत के आधार पर प्रति महीने एसआईपी की रकम कम-ज्यादा हो सकती है।

एसआईपी की रकम डीमैट में जमा होगी

ईसीआईसी के अधिकारी ने बताया कि अगर निवेशक कुछ महीनों बाद एसआईपी की रकम नहीं दे पाता है तो शेयरों की तरह ही वह जितने वजन का हीरा खरीद चुका है, वह उसके डीमैट अकाउंट में बना रहेगा। फिर जब चाहे, वह दोबारा खरीदारी शुरू कर सकता है।

खरीदार एसआईपी की अवधि के दौरान जब चाहे अपने अकाउंट में जमा हीरे को आईसीईएक्स पर ही बेच भी सकता है। उसे उस वक्त के मार्केट प्राइस से कीमत मिल जाएगी।

पारदर्शिता का होगा पूरा ध्यान

आईसीईएक्स सिर्फ प्राकृतिक हीरे की ट्रेडिंग की अनुमति देगा। आईसीईएक्स सीईओ संजीत प्रसाद के अनुसार हीरा कारोबार की दुनिया की दिग्गज कंपनी डी बीयर्स हीरे की शुद्धता, गुणवत्ता, कट, पॉलिस आदि का सर्टिफिकेट देगी।

दुनिया की सबसे बड़ी डायमंड कूरियर कंपनी माल्का अपनी भारतीय यूनिट माल्का ऐमिट खरीदार तक हीरा पहुंचाएगी। आईसीईएक्स की योजना आम लोगों को हाई क्वॉलिटी, सर्टिफाइड डायमंड उपलब्ध कराने की है। आईसीईएक्स पर हीरे की कीमतों में पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

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