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नॉर्थ कोरिया पर क्यों नहीं हो रहा किसी बैन का असर, जानिए इसके पीछे की वजह

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन पर आरोप लगाया कि वो नॉर्थ कोरिया को चोरी-छिपे तेल सप्लाई कर रहा है।

नॉर्थ कोरिया पर क्यों नहीं हो रहा किसी बैन का असर, जानिए इसके पीछे की वजह
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन पर आरोप लगाया कि वो नॉर्थ कोरिया को चोरी-छिपे तेल सप्लाई कर रहा है। इतना ही नहीं ट्रम्प ने दावा किया है कि ऐसा करते हुए चीन को रंगे हाथ पकड़ा गया है।

इससे पहले साउथ कोरिया ने भी सैटेलाइट इमेज के हवाले से आरोप लगाया था कि चीन के जहाज नॉर्थ कोरियाई जहाजों में ऑयल ट्रांसफर कर रहे। इस मामले पर ट्रम्प ने ट्वीट कर कहा है कि अगर ये सब ऐसे ही चलता रहा तो नॉर्थ कोरिया की समस्या का कोई हल नहीं निकल सकता।

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गौरतलब है कि अमेरिका ने नॉर्थ कोरिया पर पहले ही कई आर्थिक प्रतिबंध लगा रखे हैं। इन सब के बावजूद नॉर्थ कोरिया पर कोई असर नहीं हो रहा है। नॉर्थ कोरिया लगातार अपने मिसाइल प्रोग्राम को आगे बढ़ा रहा है।

बैन का नहीं हो रहा कोई असर

विशेषज्ञों का कहना है कि UN के इन बैन का नॉर्थ कोरिया पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा क्योंकि उसके व्यापारिक संबंध ज्यादातर रूस और चीन के साथ हैं। रुस और चीन से नॉर्थ कोरिया का करीब 90 फीसदी एक्सपोर्ट और इंपोर्ट होता है।

यही वजह है कि ट्रम्प चीन से नॉर्थ कोरिया पर दबाव बढ़ाने की अपील कर रहे हैं। ट्रम्प की अपील के बाद भी चीन ने नॉर्थ कोरिया से किए जाने वाले बिजनेस के बारे में कुछ साफ नहीं किया है। हालांकि चीन का ये कहना जरुर है कि उसने नॉर्थ कोरिया को ऑयल सप्लाई करना फिलहाल रोक दिया है।

चीन और रुस ये चीजे करते हैं आयात

चीन और रुस नॉर्थ कोरिया से लोहा, कोयला, शीशा, टेक्सटाइल, केमिकल्स, सीमेंट और स्टील जैसे सामानों का आयात करते हैं। यही नॉर्थ कोरिया की इनकम का सबसे बड़ा स्त्रोत है।

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ये चीजे भी की जाती हैं आयात-निर्यात

इन सब के अलावा नार्थ कोरिया ने पिछले कुछ सालों में मछली पालन को भी बढ़ाया है, जिसके चलते यहां से अब चीन को मछलियां भी एक्सपोर्ट की जाती हैं। इसी के बदले नॉर्थ कोरिया चीन और रूस से मशीनरी, पेट्रोलियम पदार्थ, अनाज, मिलिट्री इक्विपमेंट और कई तरह के खाद्य पदार्थ आयात करता है।

स्मगलर करते हैं मदद

वहीं विशेषज्ञों का ये भी कहना है कि रूस और चीन के स्मगलर नॉर्थ कोरिया की मदद करते हैं क्योंकि इनकी सीमाएं नॉर्थ कोरिया से लगती हैं।

किम जोंग की वजह से बाजारों का विकास

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2011 से किम जोंग के सत्ता में आने के बाद से ही नॉर्थ कोरिया में बाजारों का विकास हुआ है। सरकार की परमिशन के बाद यहां तेजी से शॉपिंग सेंटर्स खुल रहे हैं और इसी की वजह से लाखों लोगों को रोजगार मिला है। साथ ही राजधानी प्योंग्योंग में कारों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है।

हालांकि संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां अभी भी 70 फीसदी आबादी भूख मिटाने के लिए सरकार पर ही आश्रित है और यहां 40 फीसदी से अधिक की आबादी कुपोषण का शिकार है।

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