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संसद में पास हुआ घुसपैठ रोधी बिल, पूर्वोत्तर की जनता ने किया विरोध

भारत-बांग्लादेश में अवैध घुसपैठ को मामले में संसद में बिल पारित होने के बाद पूर्वोत्तर के लोग कर रहे है विरोध।

संसद में पास हुआ घुसपैठ रोधी बिल, पूर्वोत्तर की जनता ने किया विरोध

नई दिल्ली. भारत-बांग्लादेश सीमा के मद्दे पर पास हुए बिल का पूर्वोत्तर के लोग विरोध कर रहे हैं। गुरूवार को भारत और बांग्लादेश की सीमा पर अवैध घुसपैठ के मामले को गंभीरता से लेते हुए संसद में बिल पास कर दिया गया। इस बिल से भारत और बांग्लादेश की सीमा पर हो रहे अवैध घुसपैठ पर लगाम लगेगी। बिल के पास होने को लेकर असम की जनता ने विरोध प्रकट करते हुए सड़कों पर प्रदर्शन किया। जहां एक ओर असम की जनता में इस बिल के पास होने को लेकर आक्रोश है, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को भी इस बिल के पास होने को लेकर चुनावो को ध्यान में रखते हुए थोड़ा बहुत नुकसान देखने को मिल रहा है।

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गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने 14 में से 7 सींटों पर जीत हासिल की थी। जहां कुछ राजनेता इस बिल के पास होने को लेकर खुश है वही मेघालय के राजनेता भी इस बिल के पास होने से नाखुश है। माना जाता है कि अवैध घुसपैठ ज्यादातर सीमा के पास के ईलाको से होता है। इससे पहले भी इस तरह के बिल को पास करवाने का प्रयास पूर्व प्रधानमंत्री रहे डॉ मनमोहन सिंह के द्वारा 2011 में भी किया गया था। प, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कुछ हद तक इसे बढ़ावा दिया था।

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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बांग्लादेश के दौरे पर इस संबंध में एक समझौता किया था, जिस पर यूपीए सरकार ने लोकसभा में इस विधेयक को पारित भी किया था, लेकिन भाजपा, अगप और टीएमसी के विरोध के कारण 18 दिसंबर 2013 को पेश किये गये इस विधेयक को संसदीय समिति को भेज दिया गया था। 15वीं लोकसभा के साथ ही संसदीय समिति भी भंग हो चुकी थी। इसलिए राजग सरकार ने यूपीए सरकार वाले विधेयक को शशि थरूर की अध्यक्षता वाली संसदीय स्थायी समिति को भेज दिया, जिसने तीन माह में रिपोर्ट भी दे दी।

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