Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

खाद्य सुरक्षा मुद्दे के समाधान की उम्मीद, अलग हटकर होगी विदेश व्यापार नीति: सीतारमण

सरकार का इरादा अन्य बातों के अलावा विनिर्माण व निर्यात को प्रोत्साहन देने का है।

खाद्य सुरक्षा मुद्दे के समाधान की उम्मीद, अलग हटकर होगी विदेश व्यापार नीति: सीतारमण
नई दिल्ली. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के 100 दिन पूरे होने के मौके पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, बहुत जल्द ही नई विदेश व्यापार नीति पेश की जाएगी। मैं आप को इसका ब्यौरा तो नहीं पर इसके पीछे की सोच के बारे में मौटे तौर पर जानकारी दे सकती हूं। पूर्व की विदेश व्यापार नीतियों का जो भी ढांचा रहा हो, यह उससे अलग हट कर होगी। वाणिज्य मंत्री जल्द नयी पांच साल की विदेश व्यापार नीति पेश करेंगी।
सीतारमण ने बुधवार को कहा, हम उम्मीद करते हैं कि डब्ल्यूटीओ के सदस्य देश भारत द्वारा अपनाए गए रुख को समझेंगे। यह सिर्फ भारत के लिए नहीं है बल्कि उन सभी देशों के लिए है जिनके पास खाद्यान्न का सार्वजनिक भंडारण है। ये मुद्दे किसी भी देश के ‘सावरेन’ अधिकार में आते हैं। नरेंद्र मोदी सरकार के 100 दिन पूरे होने के मौके पर संवाददाता सम्मेलन में सीतारमण ने कहा कि हम चाहते हैं कि डब्ल्यूटीओ इन मुद्दों को हल करे।
हमारी उम्मीद यह है कि खाद्यान्नों के सार्वजनिक भंडारण के मुद्दे का स्थायी समाधान निकले। यह मेरी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। एक महीने के अवकाश के बाद डब्ल्यूटीओ ने 1 सितंबर से जिनेवा में फिर काम शुरू कर दिया है। भारत ने उसके खाद्य सुरक्षा के लिये सार्वजनिक भंडारण मुद्दे का ठोस समाधान होने तक डब्ल्यूटीओ के व्यापार सुगमता करार टीएफए पर हस्ताक्षर नहीं करने का फैसला किया है। विकसित देश इसके लिये लागातार जोर देते रहे हैं।
सरकार का इरादा अन्य बातों के अलावा विनिर्माण व निर्यात को प्रोत्साहन देने का है। नयी नीति व्यापक मुद्दों पर केंद्रित होगी। इसमें सेवाओं का निर्यात, मानदंड व उत्पादों की ब्रांडिंग शामिल है। पिछले तीन साल से भारत का निर्यात 300 अरब डालर के आसपास बना हुआ है। इसे बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही विश्व व्यापार में भारत के योगदान को बढ़ाने का भी प्रयास किया जा रहा है। निर्यात और आयात से संबंधित सभी गतिविधियों की निगरानी एफटीपी के जरिये की जाती है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य देश का निर्यात बढ़ाना तथा व्यापार का विस्तार होता है।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए,सीतारमन ने और क्या कहा-
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि और हमें फॉलो करें ट्विटर पर-
Next Story
Share it
Top