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जाकिर नाइक के खिलाफ ''एनआईए'' ने दाखिल की चार्जशीट, लगे बड़े आरोप

जाकिर नाईक बांग्लादेश के ढाका में हुए आतंकी हमले के बाद एनआईए के राडार पर आया था।

जाकिर नाइक के खिलाफ

एनआईए ने विवादित धर्मगुरु जाकिर नाईक के खिलाफ आज विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया। जाकिर नाईक पर युवाओं को कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाने, नफरत भरे भाषण देने और समुदायों के बीच शत्रुता बढ़ाने के आरोप हैं।

बता दें कि जाकिर नाईक के खिलाफ विशेष अदालत में दायर चार हजार पन्नों के आरोप में एनआईए ने 51 वर्षीय नाईक उपदेशक पर अपने भड़काऊ संबोधनों के जरिए नफरत फैलाने, आतंकवाद के वित्तपोषण और कई करोड़ रुपये के धनशोधन का आरोप लगाया है।

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देशद्रोह के साथ नाईक पर आतंकी बनने और युवाओं को उकसाने के भी आरोप हैं। एनआईए ने 18 नवंबर 2016 को अपनी मुंबई शाखा में नाइक के खिलाफ यूएपीए कानून और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए के वकील आनंद सुखदेव ने कहा कि आरोप पत्र दायर करने की अनुमति मांगने के लिए हम पहले विशेष अदालत गए थे और अदालत की अनुमति के बाद हमने इसे दायर दिया।

साथ ही सुखदेव ने कोर्ट को बताया कि जाकिर नाईक के खिलाफ जांच पूरी हो गई है और ऐसे में अभियोजन पक्ष आरोपपत्र के साथ आया है।

एनआईए के अधिकारी ने कहा कि आरोप पत्र करीब चार हजार पन्नों का है और इसमें नाईक, इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन, आईआरएफ, और हार्मोनी मीडिया को आरोपी बनाया गया है।

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दरअसल, जाकिर नाईक जुलाई 2016 में बांग्लादेश के ढाका में हुए आतंकी हमले के बाद एनआईए के राडार पर आया था। हमले के बाद आतंकियों ने कहा था कि जाकिर नाईक के भाषण से प्रेरित होकर उन्होंने यह हमला किया है। जिसके बाद नाईक एक जुलाई 2016 को भारत से फरार हो गया था।

एनआईए ने 18 नवंबर, 2016 को अपनी मुंबई शाखा में नाईक के खिलाफ यूएपीए कानून और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। नाईक के संगठन ‘इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन' (आईआरएफ) को केंद्रीय गृह मंत्रालय पहले ही गैरकानूनी संगठन घोषित कर चुका है।

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