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इन NGO की मदद से रफ्तार पकड़ेगी मेनका के मंत्रालय की योजनाएं

कविता जोशी/ नई दिल्ली | UPDATED Oct 8 2017 4:01AM IST
इन NGO की मदद से रफ्तार पकड़ेगी मेनका के मंत्रालय की योजनाएं

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (डब्ल्यूसीडी) अपनी योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को गति देने के लिए आगामी सप्ताह की शुरूआत यानि 9 अक्टूबर को अशोक होटल में 250 गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) का एक महासम्मेलन करने जा रहा है।

इसका उद्घाटन केंद्रीय डब्ल्यूसीडी मंत्री मेनका गांधी करेंगी और उनके साथ कार्यक्रम में मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ़ वीरेंद्र कुमार भी मौजूद रहेंगे।

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस सम्मेलन का विषय ‘इंप्लीमेंटेशन ऑफ पॉलसीज, स्कीम्स एंड प्रोग्राम्स फार वुमन एंड चिल्ड्रन: चैलेंजिज एंड वे फारवर्ड’ है।

साथ ही यह पहला ऐसा मौका है, जब मंत्रालय इतने बड़े पैमाने पर एनजीओ के साथ सीधे विचार-विमर्श करने जा रहा है। गौरतलब है कि डब्ल्यूसीडी मंत्रालय की कई योजनाओं को धरातल पर साकार करने में गैर-सरकारी संगठन अहम भूमिका निभाते हैं।

इसमें बच्चों के विषय में काम करने वाले एनजीओ की सूची में क्राई, बचपन-बचाओ, हक, सेव द चिल्ड्रन, शक्तिवाहिनी, इंडिया माई होम, जस्टिस एंड केयर, सेव द चिल्ड्रन मुख्य रूप से शामिल हैं। कार्यक्रम में एनजीओ के अलावा विषय से जुड़े हुए विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया गया है।  

सम्मेलन का उद्देश्य

मंत्रालय की इस कवायद के पीछे विभाग की योजना यह है कि वह उसके साथ देशभर से जुड़े हुए एनजीओ को न केवल संवेदनशील बनाना चाहता है।

बल्कि तमाम विभागीय योजनाओं के बारे में उनके अनुभवों, राय, व जरूरी परामर्श को भी प्रत्यक्ष रूप से सुनना चाहता है। जिससे भविष्य में महिलाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़ी हुई योजनाओं के क्रियान्वयन को जरूरी गति दी जा सकी।

इसके अलावा एनजीओ के समक्ष जमीनी स्तर पर योजनाओं को लागू करते वक्त आने वाली चुनौतियों को भी मंत्रालय कार्यक्रम के दौरान अपने संज्ञान में लेगा।

सम्मेलन के अंत में मंत्रालय एनजीओ का अलग-अलग समूह बनाएगा। यह विभिन्न मुद्दों पर अपनी रिपोर्ट देंगे। इसी के आधार पर मंत्रालय अपनी नीतियों को आकार देगा या पहले से मौजूद नीतियों में बदलाव करेगा।  

इन थीम्स पर होगी चर्चा 

इस अवसर पर पांच थीम्स पर चर्चा की जाएगी। इसमें वायलेंस अगेंस्ट वुमेन: प्रीवेंशन एंड फेसलिटेटिंग असेस टू जस्टिस, नेशनल पॉलिसी फार वुमेन: पालिसी इंटरवेंशंस फार जेंडर पेरिटी, ट्रेफिकिंग आफ वुमेन एंड चिल्ड्रन: रोल ऑफ स्टेट इंस्ट्टीट्युशंस, साइबर क्राइम एंड चिल्ड्रन: प्रीवेंशन एंड हॉर्म रिडक्शन, इंप्लीमेंटेशन ऑफ जेजे एक्ट: स्ट्रकचरल चैलेंजिज एंड मेनस्ट्रीमिंग ऑफ चिल्ड्रन शामिल है।

मंत्रालय की ओर से महिलाओं और बच्चों के विकास के लिए कई कार्यक्रम, कानून व संस्थागत बदलाव किए गए हैं। इनकी मदद से न केवल महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध कम हुए हैं। बल्कि बच्चों को भी सुरक्षा प्रदान करने में आसानी हुई है।

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