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भारतीय चिकित्सा उपकरण उद्योग को लगेंगे पंख, अगले सप्ताह होगा नीति का ऐलान

राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति-2015 के तहत एक एकल खिड़की तंत्र (सिंगल विंडो मैकेनिज्म) स्थापित किया जाएगा।

भारतीय चिकित्सा उपकरण उद्योग को लगेंगे पंख, अगले सप्ताह होगा नीति का ऐलान
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नई दिल्ली.प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’अभियान को मजबूती देने के लिए केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने भी कमर कस ली है। वैश्विक स्तर पर चिकित्सा उपकरण (मेडिकल डिवाइस) के बाजार में भारत को एक बड़े हब के रूप में स्थापित करने की खातिर मंत्रालय के औषधि विभाग ने रणनीति तैयार कर ली है। जल्द ही राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति-2015 (नेशनल मेडिकल डिवाइस पॉलिसी-2015) के जरिए इस रणनीति को अमली जामा पहनाया जाएगा ताकि विश्व बाजार में धमक बनाने के लिए भारतीय चिकित्सा उपकरण उद्योग को पंख लग सके। मंत्रालय सूत्रों की माने तो राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति-2015 की घोषणा अगले सप्ताह की जा सकती है। फिलहाल, सुझाव और टिप्पणी के लिए नीति के ड्राफ्ट को विभिन्न उद्योग संगठनों के पास भेजा गया है।

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नीति की उद्देश्य
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग के अधीन आने वाली राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति-2015 का उद्देश्य चिकित्सा उपकरण के क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूती देने के साथ ही आयात पर निर्भरता को कम करना है। इसके अलावा देश में चिकित्सा उपकरणों के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को किफायती दर पर जरुरी चिकित्सा उपकरण मिल सके।
एकल खिड़की तंत्र की स्थापना
राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति-2015 के तहत एक एकल खिड़की तंत्र (सिंगल विंडो मैकेनिज्म) स्थापित किया जाएगा। जिसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि देश में चिकित्सा उपकरण उद्योग को बढ़ावा मिले। इतना ही नही, सरकार की यह कोशिश है कि राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति के जरिए चिकित्सा उपकरण उत्पाद और इस क्षेत्र में शोध के मामले में भारत वैश्विक स्तर पर एक हब के रूप में उभर कर आए।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, खपत के मामले में भारत चौथे पायदान पर-

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