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कर्नाटक के सीएम और बिजली मंत्री 447 करोड़ के घोटाले में शामिल

कांग्रेस ने इस आरोप को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है।

कर्नाटक के सीएम और बिजली मंत्री 447 करोड़ के घोटाले में शामिल

भाजपा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और बिजली मंत्री डीके शिवकुमार पर करीब 447 करोड़ रुपए के एक महा घोटाला में शामिल होने का शनिवार को आरोप लगाया और मामले की सीबीआई जांच की मांग की।

यह घोटाला सरकारी कंपनी कर्नाटक ऊर्जा निगम लिमिटेड (केपीसीएल) से संबद्ध है। हालांकि, कांग्रेस ने इस आरोप को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है।

प्रदेश भाजपा प्रमुख बीएस येदियुरप्पा ने बेंगलुरू में कहा कि साल 2014 में कोयला घोटाला पर उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद केपीसीएल ने एक कोयला ब्लॉक के पुन:आवंटन के लिए 447 करोड़ रुपए का जुर्माना अदा किया, जबकि उसकी ऐसी कोई देनदारी नहीं थी।

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पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने मामला सीबीआई को सौंपे जाने की मांग करते हुए कहा, हम यह भुगतान करने के लिए दोनों पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हैं।

हालांकि, प्रदेश के बिजली मंत्री ने इस आरोप को खारिज करते हुए नई दिल्ली में कहा, येदियुरप्पा लोगों को गुमराह कर रहे हैं। यह पार्टी पर उल्टा भारी पड़ेगा। हम किसी भी जांच और यहां तक कि एक सार्वजनिक बहस के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार को जुर्माना अदा करने का फैसला राज्य के हित में लिया गया, ना कि निजी हित में।

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उन्होंने कहा कि यह राशि महाराष्ट्र में बरांज कोयला ब्लॉक का पुन:आवंटन सुनिश्चित करने के लिए दी गई ताकि राज्य में बिजली इकाइयों को कोयले की सुगम आपूर्ति सुनिश्चित हो।

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कार्यकारी प्रमुख दिनेश गुंडु राव ने भी भाजपा के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि राजनीतिक फायदा उठाने के लिए पार्टी को इस तरह के आरोप लगाना बंद करना चाहिए।

राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने का कार्यक्रम है। गौरतलब है कि कर्नाटक के बिजली मंत्री शिवकुमार आयकर विभाग की निगरानी के दायरे में हैं और उनसे जुड़े करीब 80 परिसरों में पिछले एक महीने में छापा मारा गया है।

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