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NDTV इंडिया पर सख्त कार्रवाई, होगा 24 घंटे के लिए ''बैन''

कवरेज को लेकर पहली बार हुई किसी चैनल पर कार्ऱवाई

NDTV इंडिया पर सख्त कार्रवाई, होगा 24 घंटे के लिए
नई दिल्ली. पठानकोट आतंकी हमले के दौरान संवेदनशील सूचनाओं का प्रसारण करने के मामले में सूचना प्रसारण मंत्रालय ने हिंदी न्यूज चैनल एनडीटीवी इंडिया पर कार्रवाई करते हुए उसके प्रसारण पर एक दिन का बैन लगा दिया है। चैनल को 9 नवंबर 2016 को रात 12:01 बजे से 10 नवंबर 2016 को रात 12:01 बजे तक चैनल के प्रसारण पर प्रतिबंध रहेगा।
मंत्रालय की एक समिति ने पठानकोट हमले के दौरान एनडीटीवी इंडिया के कवरेज को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे वाला माना। हालांकि चैनल ने इसका जवाब देते हुए कहा कि उसका कवरेज बिलकुल संतुलित था।
इस साल जनवरी में हुए पठानकोट आतंकवादी हमले के कवरेज को लेकर सूचना और प्रसारण मंत्रालय के inter-ministerial panel ने हिंदी न्यूज चैनल एनडीटीवी इंडिया पर कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है।
हमले के दौरान चैनल ने पठानकोट एयरबेस में मौजूद लड़ाकू विमानों और हथियारों से जुड़ी ऐसी जानकारियां प्रसारित की जिनका इस्तेमाल कर आतंकवादी और ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते थे।
कवरेज को लेकर पहली बार हुई किसी चैनल पर कार्ऱवाई
पैनल ने हमले के दौरान एनडीटीवी इंडिया के कवरेज को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पहुंचाने वाला माना है। सूत्रों के मुताबिक चैनल को इसी साल जनवरी में एक कारण बताओ नोटिस भी भेजा गया था। जिसके जवाब में एनडीटीवी इंडिया की तरफ से कहा गया कि उन्होने वही जानकारियां सामने रखीं जो पहले से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक औऱ सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। किसी आतंकी हमले की कवरेज को लेकर पहली बार किसी चैनल पर इस तरह की कार्ऱवाई की गई है। इस पर
एनडीटीवी ने जारी किया अपना बयान
‘’सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का आदेश प्राप्त हो चुका है। बेहद हैरानी की बात है कि एनडीटीवी को इस तरीके से चुना गया। हर चैनल और अखबार की कवरेज एक जैसी ही थी। वास्तविकता यह है कि एनडीटीवी की कवरेज विशेष रूप से संतुलित थी। आपातकाल के काले दिनों के बाद जब प्रेस को बेड़ियों से जकड़ दिया गया था, उसके बाद से एनडीटीवी पर इस तरह की कार्रवाई अपने आप में असाधारण घटना है। इसके मद्देनजर इस मामले में एनडीटीवी सभी विकल्पों पर विचार कर रहा है।’’
इससे पहले 2008 में मुंबई हमले के दौरान जैसे ही ये पता चला था कि पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के हैंडलर न्यूज चैनल देखकर आतंकियों को निर्देश दे रहे थे, सभी चैनलों ने लाइव कवरेज पर रोक लगा दी थी। उसके बाद से कभी भी किसी आतंकी हमले का लाइव कवरेज नहीं किया गया।
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