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Live: पीएम मोदी ने ''राष्ट्रीय युद्ध स्मारक'' की अमर जवान ज्योति जलाई

आजाद भारत (India) के पहले राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) को लेकर इंतजार की घड़ियां अब समाप्त हो चुकी हैं। क्योंकि यह पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है और सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) इसे सशस्त्र सेनाओं से लेकर देश को समर्पित करेंगे।

Live: पीएम मोदी ने

National War Memorial Delhi : आजाद भारत (India) के पहले राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) को लेकर इंतजार की घड़ियां अब समाप्त हो चुकी हैं। क्योंकि यह पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है और सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) इसे सशस्त्र सेनाओं से लेकर देश को समर्पित करेंगे। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन के पूर्व में सेना के अधिकारियों द्वारा यहां रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में स्मारक स्थल के निर्माण कार्यों के मुख्य सूत्रधार वरिष्ठ सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल पी.एस.राजेश्वर ने कहा कि देश में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक बनाने की मांग बीते करीब छह दशकों से उठ रही थी। जो अब जाकर पूरी हो चुकी है। इंडिया गेट का निर्माण अंग्रेंजो ने प्रथम, द्वितीय विश्व युद्ध में तत्कालीन ब्रिटिश सेना का हिस्सा रहते हुए शहादत देने वाले कुल करीब 83 हजार भारतीय सैनिकों की याद में कराया था।

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राष्ट्रीय युद्ध स्मारक को देश को पीएम मोदी ने किया समर्पित।

बोफोर्स से लेकर हेलीकॉप्टर तक, सारी जांच का एक ही परिवार तक पहुंचना, बहुत कुछ कह जाता है। अब यही लोग पूरी ताकत लगा रहे हैं कि भारत में राफेल विमान न आ पाए : पीएम मोदी
साल 2009 में सेना ने 1 लाख 86 हजार बुलेट प्रूफ जैकेट्स की मांग की थी, लेकिन सेना के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट्स नहीं खरीदी गईं। हमारी सरकार ने बीते साढ़े चार वर्षों में 2 लाख 30 हजार से ज्यादा बुलेट प्रूफ जैकेट्स खरीदी हैं : पीएम मोदी
देश में एक सरकार थी जो इंडिया फर्स्ट नहीं बल्कि फैमिली फर्स्ट के हिसाब से चलती थी।
सेना और देश की सुरक्षा को उन लोगों ने अपनी कमाई का साधन बना लिया था। शायद शहीदों को याद करके उन्हें कुछ मिल नहीं सकता था, इसलिए उन्हें भुलाना ही उन्हें आसान लगा : पीएम मोदी
2009 में सेना ने 1 लाख 86 हजार बुलेट प्रूफ जैकेट की मांग की थी लेकिन सेना के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं खरीदी गई। ये हमारी ही सरकार है जिसने बीते साढ़े चार वर्षों में 2 लाख 30 हजार से ज्यादा बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदी है : पीएम
भारतीय सेना शांति की स्थापना के लिए हथियार उठाती है। यूनाइटेड नेशंस की सेना में सबसे ज्यादा योगदान भारतीय सेना ने दिया है।
आप सभी भूतपूर्व नहीं, अभूतपूर्व हैं क्योंकि आप जैसे लाखों सैनिकों के शौर्य और समर्पण के कारण ही आज हमारी सेना की गिनती दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं में होती है : पीएम मोदी
नया भारत आज नई रीति और नई नीति से आगे बढ़ रहा है, मजबूती के साथ विश्व पटल पर अपनी भूमिका तय कर रहा है, इसमें एक बड़ा योगदान आपके शौर्य और समर्पण का है : पीएम मोदी
सेना में बेटियों की भागीदारी के लिए हमारी सरकार उठा रही कदम- पीएम मोदी
एलओसी पर तैनात सैनिकों के शहीद होने पर परिवार के लोगों को मिलेगा पेंशन।
वन रैंक वन पेंशन को हमने लागू किया- पीएम मोदी

तय समय से पहले बनकर तैयार हुआ स्मारक- पीएम मोदी

कई दशकों का इंतजार आज खत्म होगा। - पीएम मोदी
पुलवामा हमले के शहीदों को पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि।- पीएम मोदी

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के उद्घाटन के लिए पहुंचे पीएम मोदी।

भारत माता की जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के लगे नारे।

रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण युद्ध स्मारक के बारे में बता रही है।

केंद्र में एक चक्र बना है जो हमारे राष्ट्रीय चिन्ह से लिया गया है। चक्र का नाम है अमर चक्र, वीर चक्र, त्याग चक्र और रक्षा चक्र। इसी के बीच में अमर जवान ज्योति जलती रहती है। - रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman)।

राष्ट्रीय गर्व, राष्ट्रीयता का प्रतीक

ले़ जनरल राजेश्वर ने कहा, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का बनना तीनों सेनाओं से लेकर हर देशवासी के लिए राष्ट्रीय गौरव और राष्ट्रीयता का प्रतीक है। इसे बनाने के पीछे सरकार का उद्देश्य 1947 में देश की आजादी के बाद सशस्त्र सेनाओं द्वारा लड़े गए तमाम युद्धों, सैन्य व आतंकवाद रोधी अभियानों में शहीद हुए कुल करीब 26 हजार से अधिक भारतीय रणबांकुरों को सम्मानपूर्वक सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करना था। वर्ष 2015 में इसके निर्माण के लिए कैबिनेट ने मंजूरी दी थी और अब यह करीब साढ़े चार वर्षों में बनकर तैयार हो गया है।

यूं रहेगा पीएम का कार्यक्रम

  • 25 फरवरी को पीएम उद्घाटन से पहले नेशनल स्टेडियम में पूर्व सैनिकों की एक रैली को संबोधित करेंगे।
  • इसके बाद पीवीसी विजेताओं से जुड़े परम योद्धा स्थल पर जाएंगे।
  • फिर शाम करीब पौने छह बजे अमर चक्र के नीचे ज्योति की लौ का प्रज्जवलन कर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे।
  • फिर तीनों सेनाओं के प्रमुख और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी वीरों की शहादत में श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
  • इसके बाद वायुसेना के तीन लड़ाकू विमान मिसिंग मैन फॉरमेशन की आकृति बनाते हुए आसमान में फ्लाई पास्ट करते हुए गुजरेंगे।
  • अंत में पीएम पीवीसी विजेताओं के परिवार के सदस्यों से मुलाकात करते हुए स्मारक स्थल से विदा लेंगे।
  • जिसके साथ कार्यक्रम का औपचारिक समापन हो जाएगा।

प्रज्जवलित होगी ज्योति

युद्ध स्मारक को इंडिया गेट के सी-हेक्सगन इलाके में करीब 40 एकड़ में बनाया गया है। इसका सबसे बड़ा आकर्षण भव्य अमर जवान ज्योति का वो प्रतिरूप है, जिसकी लौ को स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा स्मारक के उद्घाटन अवसर पर प्रज्जवलित किया जाएगा।

इसे अमर चक्र का नाम दिया गया है। यहां ज्योति चौबीसों घंटे जलती रहेगी और अपने दिव्य प्रकाश से अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देती रहेगी। इसे कवर करने के लिए 15.5 मीटर ऊंचा एक स्मारक स्तंभ भी बनाया गया है, जिसके शीर्ष में अशोक चक्र का प्रतीक स्थापित किया गया है।

यहां ज्योति प्रज्जवलन की व्यवस्था होने के बाद इंडिया गेट पर पहले से स्थापित अमर जवान ज्योति के स्वरूप से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। लेकिन वहां समय-समय पर केवल प्रथम, द्वितीय विश्व युद्ध में शहादत देने वाले शहीदों को ही श्रद्धांजलि दी जाएगी।

जबकि 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्व या दुनिया के तमाम देशों के राष्ट्राध्यक्षों, वीवीआईपी मेहमानों के देश आगमन पर युद्ध स्मारक में ही अब शहीदों को श्रद्धांजलि देने की व्यवस्था होगी।

21 पीवीसी को नमन

स्मारक से जुड़े एक हिस्से को परम योद्धा स्थल का नाम देकर तैयार कराया गया है। इसमें आजादी के बाद लड़े गए तमाम युद्धों में अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करते हुए प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले 21 परमवीर चक्र विजेताओं की कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। स्मारक के अंदर एक त्याग चक्र बनाया गया है। इसमें ग्रेनाइट पत्थर से बनी हुई अलग-अलग स्मरण पट्टिकाओं में 26 हजार से अधिक वीर शहीदों के नाम, आईईडी नंबर, रैंक, यूनिट और रेजीमेंट के साथ स्वर्णाक्षरों में अंकित किए गए हैं। स्मारक में वीरता चक्र भी है, जिसमें सेनाओं द्वारा लड़ी गई छह लड़ाईयों को कांस्य भित्ति चित्रों के जरिए प्रदर्शित किया गया है। रक्षक चक्र में घने वृक्षों की पंक्ति देश को हमेशा सुरक्षित होने का आश्वासन दे रही है।

देख सकेगा हर खासोआम

  1. स्मारक आम लोगों के लिए गर्मियों में सुबह 9 से 7.30 और सर्दियों में 9 से 6.30 बजे तक खुला रहेगा।
  2. शाम में सुर्यास्त के वक्त रोजाना यहां परंपरागत सैन्य सम्मान व रिट्रीट समारोह का आयोजन किया जाएगा।
  3. स्मारक में 250 लोगों के बैठने की व्यवस्था भी है। एक ऐप भी बनाया गया है, जिसे उद्घाटन के बाद गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा।
  4. इसके जरिए किसी भी शहीद का परिवार अपने पूर्वज का नाम डालकर उनके बारे में पूरी जानकारी हासिल कर सकेगा।
  5. इसके अलावा एक डिजीटल बोर्ड भी लगाया जाएगा। जिसमें स्मारक से जुड़ी हुई तमाम जानकारियां दी जाएंगी।
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