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पुलवामा आतंकी हमले की जांच में बड़ा खुलासा, जैश-ए-मोहम्मद के इस आतंकी की कार का हुआ था इस्तेमाल

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले की जांच कर रही एनआईए (National Investigation Agency) की टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एनआईए के मुताबिक, हमले में मारुति ईको वाहन का इस्तेमाल किया गया था। इस गाड़ी के मालिक का नाम सज्जाद भट्ट है।

पुलवामा आतंकी हमले की जांच में बड़ा खुलासा, जैश-ए-मोहम्मद के इस आतंकी की कार का हुआ था इस्तेमाल

दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले में जांच कर रही एनआईए को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। हमले से पहले की सीसीटीवी फुटेज हाथ लगी है। हमले में इस्तेमाल की गई ईको कार तथा उसके मालिक की पहचान कर ली गई है। अब फरार ईको कार के मालिक को तलाशने के लिए छापेमारी की जा रही है। कार मालिक का नाम सज्जाद भट बताया गया। एनआईए सूत्रों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में ईको कार देखी गई है जिसने सीआरपीएफ काफिले में चल रही बस को निशाना बनाया था। यह वीडियो घटनास्थल से थोड़ी दूर नेशनल हाईवे का है जिसमें फिदायीन हमलावर आदिल अहमद डार कार चलाता दिख रहा है। एनआईए यह खंगाल रही है कि क्या इस कार में आदिल के अलावा और भी कोई था?

कार मालिक को पड़कने छापेमारी

वीडियो फुटेज के आधार पर एनआईए ने कार मालिक की भी पहचान कर ली है। कार मालिक हमले वाले दिन से ही फरार है और उसे पकड़ने के लिए छापेमारी भी लगातार जारी है। सूत्रों की मानें तो कार मालिक घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर पुलवामा के ही एक गांव का है। एनआईए को अंदेशा है कि हमले में इस्तेमाल ईको कार 2010-11 मॉडल की हो सकती है जिसे दोबारा पेंट किया गया था।

वीडियो मे आवाज की जांच जारी

हमले में इस्तेमाल हुई कार के शॉक ऑब्जर्वर भी मिले हैं जिससे कार किस साल में बनी इसका पता लगाया जा रहा है। कुछ पुराने वीडियो और तस्वीरों को भी एनआईए की टीम खंगाल रही है। एक्सपर्ट्स इसकी जांच कर रहे हैं कि जैश-ए-मोहम्मद के वीडियो में आवाज किसकी है। इस वीडियो में जैश ने आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी और आतंकी डार भी इसमें नजर आ रहा था। विशेषज्ञों की कई टीमें हर पहलू से इस वीडियो की जांच कर रही हैं।

इधर, टमाटर के बाद पाक का पान भी बंद

40 जवानों की शहादत के बाद देश में आक्रोश की लहर है। सरकार के साथ ही किसान से लेकर व्यापारी तक हर कोई अपने-अपने स्तर पर पाकिस्तान को सबक सिखाने की ठान चुके हैं। देश के किसानों और व्यापारियों ने पहले पाक को टमाटर न भेजकर पहले जायका बिगाड़ा वहीं अब चेहरे की रौनक कहे जाने वाले पान को भी बंद करने का फैसला किया है। इस कड़ी में मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के पान कृषकों ने पाकिस्तान को पान न भेजने का संकल्प लिया है। बता दें कि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा, महाराजपुर, पिपट, पनागर और महोबा जिले में पान की अच्छी-खासी पैदावार होती है। यहां से भारत के कई शहरों में पान की सप्लाई होती है। साथ ही विदेशों में पाकिस्तान, श्रीलंका आदि देशों में भी पान भेजा जाता है। पान किसानों का कहना है कि पुलवामा हमले से हम आहत हैं। आतंकियों ने हमारे जवानों का खून बहाया है ऐसे में हम पान पाकिस्तान को नहीं बेचेंगे। भले ही हमें नुकसान क्यों ना उठाना पड़े। गौरतलब है कि छतरपुर का पान मेरठ और शहारंगपुर से पाकिस्तान भेजा जाता है। हर सप्ताह तीन दिन 45 से 50 बंडल पान के पाकिस्तान भेजे जाते हैं। पान के एक बंडल की कीमत 30 हजार रुपए है। ऐसे में पान किसानों का अनुमानित 13 से 15 लाख रुपए का नुकसान होगा। लेकिन वे इसे उठाने को तैयार हैं।

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